थप्पड़

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  उस दिन मुझे मेरी गलतियां, मेरी नादानियां समझ आ गईं। उस दिन के बाद मैंने न तो किसी का मजाक बनाया और न किसी की तबीयत की हंसी ही उड़ाई। जिंदगी को मुझे कुछ सिखाना ही था तो ऐसे थप्पड़ मार कर सिखाने की क्या जरूरत थी। यह कहानी किसी को सच नहीं लगेगी। सब

 जगमग होगा हर एक गांव

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दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत बिना बिजली वाले गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य ९९ प्रतिशत तक प्राप्त किया जा चुका है| इस योजना के अंतर्गत जून २०१६ तक १०८७४२.३१ करोड़ रु. उपलब्ध कराए गए थे, जिसमें से ४२६९२.४० करोड़ रु. अर्थात लगभग ३९ प्रतिशत राशि का उपयोग किया जा चुका है| अगर इसी रफ्तार से यह योजना चलती रही तो वह दिन दूर नहीं जब देश का हर गांव जगमग होगा|

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