भगवद्गीता सबके लिए

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गीता मनुष्यमात्र को आतंकवाद, भोगवाद, पर्यावरण ह्रास, बैरभाव, ईर्ष्या आदि से बचा सकती है। संप्रदाय निरपेक्ष शाश्वत सिद्धांतों को मानव धर्म के तौर पर सिखा सकती है। आने वाले समय मेंं विश्व भगवद्गीता को मानवता की विवेक ग्रंथ के रूप में स्वीकार कर लें तो आश्चर्य की बात नहीं होगी। कुरुक्षेत्र के युद्ध मैदान में भयभीत एवं हताश हुए अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण ने गीता सुनाई। महर्षि वेदव्यास रचित महाभारत महाकाव्य का गीता एक हिस्सा है। ‘अर्जुन को युद्ध करने हेतु प्रेरित करना’- यही कृष्ण का उद्देश्य था..

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