आदिपुरुष : फिल्म सेंसर बोर्ड पर उठने लगे प्रश्न ?

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स्पष्ट है कि विधर्मी सदैव हिंदू प्रतीकों के प्रति अपनी घृणा का प्रदर्शन करेंगे ही किंतु उन्हें रोकने के लिए बनाई संस्थाएं क्या कर रही है?फ़िल्म आदिपुरुष में दिखाए गए हिंदू विरोधी प्रलाप हिंदी सिनेमा में नया नहीं है किंतु ऐसे संक्रमण फैलाने वाले वैचारिक कीड़ों को रोकने के लिए बनाई गई संस्था फ़िल्म सेंसर बोर्ड आखिर कर क्या रही है? फ़िल्म सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी क्या ये कह सकते हैं कि उन्हें कुबेर के पुष्पक विमान और चमगादड़ में कोई अंतर नहीं लगता?

आदिपुरुष : राम-रावण के चेहरे 

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रामानंद सागर की रामायण बिना किसी उच्च तकनीक और उर्दू के शब्दों के प्रयोग के बावजूद जनमानस के ह्रदय में पैठ गई तो इसके मूल में अरुण गोविल जी व सुनील लहरी जी की कड़ी मेहनत भी थी कि किस तरह अरुण गोविल महीनों तक राम की स्मित का अभ्यास शीशे के सामने करते रहे और सात्विक जीवन जीते रहे।  तकनीक चाहे जितनी प्रयोग कर लें लेकिन ऐतिहासिक चरित्रों की मूल छवि से छेड़छाड़ लोकमन स्वीकार नहीं करता। उदाहरण के लिए यदि छत्रपति शिवाजी के प्रसिद्ध झालर वाले 'राजटोप' स्थान पर 'किमॉश' पहनाकर एक चित्र भी बना दे तो महाराष्ट्र की जनता पगला उठेगी। 

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