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तीन – चार साल पहले तक, पैंतीस की उम्र का पड़ाव पार कर चुके मेरे कुछ मित्रों से उनका ईमेल आईडी मांगने पर वे अपने बेटे या बेटी का ईमेल आईडी देते थे। बड़े गर्व से कहते थे – अरे यार, मेरे बच्चे बहुत होशियार हैं, उन्हें इंटरनेट के बारे में सब कुछ मालूम है। मुझे अभी ज्यादा कुछ समझता नहीं। ऐसे लोगों को मैं एक ही बात कहता हूं – ईमेल आईडी से ही आपका अस्तित्त्व है। जहां से भी संभव हो इसका इस्तेमाल सीख लें। आज उनमें से कई लोगों ने अपने व्यक्तिगत ईमेल आईडी बनवा लिए हैं। ईमेल धारकों की संख्या हर साल तेज़ी से बढ़ रही है।

इंटरनेट पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, मई २००९ तक दुनियाभर में लगभग १ . ९ + अरब ईमेल धारी थे। दिसम्बर २०१७ तक दुनिया भर में अंदाजन ३ . ७ + ईमेल धारी हो चुके हैं। २०२१ तक यह आंकड़ा आराम से ४ . १ + अरब के पार हो चुका होगा। एक व्यक्ति के एक से ज्यादा ईमेल आईडी होने की संभावना को देखते हुए ईमेल आईडी की संख्या कई गुना बढ़ सकती है। फ़िलहाल ईमेल धारकों का सब से पसंदीदा जीमेल ( गूगल ) अकाउंट है। दुनिया भर के लोग निम्नलिखित ६ ईमेल सेवा प्रदाताओं को अपनी पहली पसंद मानते हैं। ये सेवाएं एक सीमा तक नि : शुल्क हैं। व्यक्ति / मध्यम संस्थाओं की अधिकतर आवश्यकताएं निशुल्क सेवाओं से पूरी हो सकती हैं।

१ ) जीमेल (Gmail )

२ ) आउटलुक (Outlook)

३ ) आईक्लाउड मेल ( एप्पल, मैक उपयोगकर्ताओं के लिए )

४ ) याहू मेल (Yahoo mail)

५ ) एओएल मेल (­OL mail)

६ ) जोहो (Zoho mail)

इंटरनेट की जानकारी देखने के लिए हमारे कंप्यूटर पर वेब ब्राउजर होना आवश्यक है। गूगल क्रोम, सफारी ( एप्पल, मैक उपयोगकर्ताओं के लिए ), फायर फॉक्स, इंटरनेट एक्स्प्लोरर कुछ प्रमुख वेब ब्राउजर हैं। उपरोक्त में से कोई एक ब्राउजर ‘ विंडोज़ ’ या ‘ एप्पल ’ मशीन / डिवाइस पर पहले से स्थापित किया हुआ प्राप्त होता है। उपलब्ध ब्राउजरों में से जो भी हमारे ऑपरेटिंग सिस्टम से मेल खाता हो उसे हम आसानी से डाउनलोड कर हमारे कम्प्यूटर पर संस्थापित कर सकते हैं। उपरोक्त सभी ईमेल सेवाएं स्मार्टफोन पर एप के साथ या एप के बिना भी उपलब्ध हैं, जिसके कारण दुनिया के किसी भी कोने में बैठ कर आप ईमेल के माध्यम से संवाद स्थापित कर सकते हैं। इसलिए कहा जाता है कि आपका कार्यालय अब आपके हाथ में। यह बात अब सहज रूप से संभव होती नज़र आ रही है।

सभी ईमेल सेवाएं क्लाउड तकनीक पर आधारित हैं। वेब सर्वर पर स्थित जानकारी का बैकअप लगातार अलग – अलग स्थानों पर डेटा मिररिंग के माध्यम से किया जाता है। मिरर सर्वर एक से ज्यादा भी हो सकते हैं और अलग – अलग देशों में भी हो सकते हैं। आईने के सामने खड़े होकर जब हम बाल बना रहे होते हैं तो तत्काल, उसी क्षण उसका प्रतिबिंब हमें आईने में दिखता है। उसी तत्व का इस्तेमाल मिरर बैकअप तकनीक में किया जाता है। आपके द्वारा भेजे गए मेल को तुरंत मुख्य सर्वर के साथ – साथ कई प्रतिबिंबित मिरर सर्वरों पर भेज दिया जाता है। आज तक जनता द्वारा भेजे गए बहुमूल्य दस्तावेज़, बातचीत आदि इस ईमेल के माध्यम से क्लाउड सर्वर पर कई वर्षों से जमा किए जा रहे हैं। हमारे डेटा की सुरक्षा के लिए हम इस सारी ईमेल जानकारी का बैकअप हमारे ही घर के किसी कंप्यूटर या किसी एक्सटर्नल स्टोरेज डिवाइस ( जैसे हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव आदि ) में सहेज कर रख सकते हैं। साथ ही यह जानकारी तय समय के बाद अद्यतन भी की जा सकती है। आज सभी ईमेल धारी १०० % क्लाउड ईमेल सेवा ले रहे हैं।

हर ईमेल आईडी के लिए एक विशेष शब्द ( पासवर्ड ) दिया जाता है। यह शब्द जिसे पता है उसके लिए आपके ईमेल की सारी जानकारी उपलब्ध होती है। आजकल बायोमेट्रिक तकनीक के कारण उंगलियों के निशान, आंखों की पुतलियों के द्वारा ईमेल आईडी की अधिक सुरक्षा की जा सकती है। अत्यंत महत्वपूर्ण और गुप्त ईमेल आईडी के लिए बायोमेट्रिक जांच उपयुक्त होती है। यहां तक कि ईमेल धारी की मृत्यु के बाद उसके वारिसों के लिए भी ईमेल आईडी खोलना संभव नहीं है। जहां तक संभव हो सार्वजनिक स्थान के कंप्यूटर पर अपना ईमेल आईडी न खोलें।

नया ईमेल खाता खोलने के लिए ब्राउजर में ईमेल सेवाप्रदाता का नाम डालने से उसकी वेबसाइट और लॉग इन स्क्रीन खुल जाती है। यदि आप नया ईमेल खाता खोलना चाहते हैं तो साइन अप या न्यू यूजर लिंक पर क्लिक करें। यहां आपका नया ईमेल आईडी दर्ज करें। जैसे pushkar १२१०। ईमेल सेवाप्रदाता आपकी ईमेल आईडी में अपना नाम जोड़ देते हैं। ईमेल आईडी में खाली जगह छोड़ने की अनुमति नहीं है। ईमेल आईडी हमेशा अंग्रेजी की छोटी लिपि में ही लिखा जाता है। कैपिटल अक्षर इस्तेमाल नहीं किए जा सकते। ईमेल खाता खोलते समय मोबाइल नंबर और अल्टरनेट ईमेल आईडी भी भरना अच्छा होता है। आम तौर पर बांईं ओर निम्नलिखित लिंक्स होती हैं –

इनबॉक्स : आए हुए सभी ईमेल ( जो स्पैम न हों ), इस लिंक पर क्लिक करने पर उपलब्ध होते हैं। अनेक व्यक्ति / संस्थाएं इंटरनेट पर हमें कई प्रकार की जानकारियां ईमेल के द्वारा भेजते रहते हैं। ऐसे ईमेल बल्क ईमेल सेवा के द्वारा भेजे जाते हैं। किसी प्रेषक द्वारा भेजा गया ईमेल यदि आप से संबंधित न हो तो आप ऐसे प्रेषक को ब्लॉक कर सकते हैं या उसे स्पैम घोषित कर सकते हैं। इसके बाद उस प्रेषक के मेल आपके इनबॉक्स में आना बंद हो जाते हैं।

सेंट या आउटबॉक्स : आपके द्वारा अग्रेषित किए गए, उत्तर दिए गए और भेजे गए सभी ईमेल सेंट आइटम या आउटबॉक्स में उपलब्ध रहते हैं।

सर्च टेक्स्टबॉक्स : ईमेल खोलने के बाद ऊपर की ओर सर्च बॉक्स उपलब्ध है। इसमें आप अपने पुराने आए हुए मेल्स में से ईमेल आईडी के आधार पर, विषय के आधार पर, किसी शब्द के आधार पर कोई भी ईमेल ढूंढ सकते हैं।

कंपोज़ या नया ईमेल : इस लिंक पर क्लिक करते ही आपके लिए नया ईमेल लिखने के लिए पॉप अप विंडो खुल जाती है। प्रति या टु में आपको जिस व्यक्ति या संस्था को ईमेल लिखना है वह न्यूनतम एक ईमेल आईडी भरना आवश्यक होता है। सीसी टूल में अन्य किसी व्यक्ति या संस्था को यह ईमेल भेजना हो तो उसका आईडी डाला जाना चाहिए। बीसीसी टूल इस खाने में भरे गए ईमेल आईडी अन्य प्राप्तकर्ताओं को नज़र नहीं आते।

अटैचमेंट : इस ईमेल के साथ हम कोई फाइल भेजना चाहें तो इस लिंक के माध्यम से भेज सकते हैं। फाइल की साइज़ आम तौर पर अधिकतम ५ जीबी तक हो सकती है। यह सीमा सेवाप्रदाता कंपनी के अनुसार अलग – अलग हो सकती है।

सेटिंग्स : सेटिंग्स में एक खाने में आप अपनी जानकारी भर / बदल सकते हैं, जिसे प्रोफाइल कहा जाता है। यह जानकारी सबके लिए खुली या गोपनीय रखी जा सकती है। अपना पासवर्ड भी आप यहां बदल सकते हैं।

कहते हैं कि हर ताले की एक चाबी होती है और हर चाबी की नकल बनाई जा सकती है। इंटरनेट की दुनिया, एक आभासी ( वर्चुअल ) दुनिया है। यहां चाबी का मतलब पासवर्ड है। इस बात को स्वीकार करना ही होगा कि अतीत में इस तरह के ताले नकली चाबियों से खोले गए हैं। इसके बावजूद, इंटरनेट के इस महाजाल पर गुप्त जानकारियां लगातार बढ़ रहीं हैं और बढती रहेंगी। गोपनीयता रखने के लिए एक ताले पर निर्भर न रह कर, तालों की संख्या बढाई जा रही है। साइबर सिक्यूरिटी, क्लाउड सर्वर डेटा माईनिंग जैसी अलग – अलग शाखाएं, इस पर लगातार शोध कर रही हैं। हमारे बैंकिंग लेन – देन के लिए भी लॉग इन पासवर्ड और ट्रांजेक्शन पासवर्ड अलग – अलग होते हैं। इस पासवर्ड का पंजीकरण करते समय अंक, अक्षर, स्पेशल कैरेक्टर्स ( जैसे कि आदि ) का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। ताकि ये पासवर्ड पता करना संभव न हो।

मोबा . ९८६९०३३५६०

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