डी.ए.वी. कॉलिज और पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी

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आर्य समाज द्वारा संचालित डी.ए.वी. विद्यालयों की स्थापना में महात्मा हंसराज और पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी का विशेष योगदान रहा है। गुरुदत्त जी का जन्म 26 अप्रैल, 1864 को मुल्तान (वर्तमान पाकिस्तान) में लाला रामकृष्ण जी के घर में हुआ था। गुरुदत्त जी ने प्रारम्भिक शिक्षा मुल्तान में पायी और फिर वे लाहौर आ…

तपस्वी शिक्षाविद महात्मा हंसराज

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भारत के शैक्षिक जगत में डी.ए.वी. विद्यालयों का बहुत बड़ा योगदान है। विद्यालयों की इस शृंखला के संस्थापक हंसराज जी का जन्म महान संगीतकार बैजू बावरा के जन्म से धन्य हुए ग्राम बैजवाड़ा (जिला होशियारपुर, पंजाब) में 19 अप्रैल, 1864 को हुआ था। बचपन से ही शिक्षा के प्रति इनके मन में…

अभाविप कि पुस्तक ‘ध्येय यात्रा’ का विमोचन

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इतिहास लिखने वालों ने अभाविप के साथ न्याय नहीं किया है, हम इतिहास बनाते हैं: दत्तात्रेय होसबाले अभाविप के सात दशकों की यात्रा को दर्शाती पुस्तक 'ध्येय यात्रा का दिल्ली में हुआ विमोचन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सात दशकों की यात्रा को दर्शाती पुस्तक 'ध्येय यात्रा' का विमोचन गुरुवार…

अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक पर छिड़ी बहस

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  जब से कश्मीर फाइल्स फिल्म रिलीज हुई है तब से बहुत सारे प्रश्न सामाजिक विमर्श में उभर आए हैं तथा आम जनमानस उन प्रश्नों के उत्तर की तलाश कर रहा है । एक प्रश्न यह भी है कि अल्पसंख्यकों को विशेष अधिकार क्यों , भारत में अल्पसंख्यक और बहुसंख्यक…

शिक्षा का उद्दिष्ट : ‘स्व’ की पहचान

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विद्यालय प्रारंभ करते समय उद्देश्य सामने रखा गया था कि प्रचलित शिक्षा-प्रणाली में धर्म, नीति, राष्ट्रभक्ति, मातृभूमि के प्रति अनन्य श्रद्धा आदि के संस्कार देने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। इस कमी को पूरा करने का प्रयास इस विद्यालय में करेंगे। आज यह देखकर बड़ा आनंद हुआ कि उस…

सामाजिक बुराइयां: देश के विकास में गिरावट का मूल कारण

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  कोई भी राष्ट्र समाज के सभी वर्गों की भागीदारी के बिना विकास पर विचार नहीं कर सकता है।  एक राष्ट्र का विकास सही दिशा में होता है जब उसके नागरिक, विशेष रूप से उसके युवा, इन दस बिंदुओं पर खुद को विकसित करते हैं: सत्य, महिमा, शास्त्रों और विज्ञान…

कोरोना से देश में बढ़ी बेरोजगारी

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सामान्य तौर पर बेरोजगार उस व्यक्ति को कहा जाता है, जो बाजार में प्रचलित मजदूरी दर पर काम तो करना चाहता है लेकिन उसे काम नहीं मिल पा रहा है। बेरोजगारी की समस्या विकसित और विकासशील दोनों  देशों में पाई जाती है। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री कींस के अनुसार किसी भी देश में  बेरोजगारी अन्य किसी भी समस्या से बड़ी समस्या है।

आर्थिकी के 75 साल

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आज सभी देशों की अर्थव्यवस्था कोरोना महामारी के कारण तहस-नहस हो गई है, जिसमें भारत भी शामिल है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुसार वित्त वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही और आगामी तिमाहियों में नकारात्मक वृद्धि दर्ज होने के बावजूद भारत की विकास दर वर्ष 2021 में 11% रहने का अनुमान है।

फिल्मों के लिए लोकप्रिय लोकेशन

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हाल ही में उत्तराखंड को नेशनल फिल्म अवार्ड में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट का अवार्ड भी मिला है। कुछ समय पहले फिल्म ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एफटीआई), पुणे और उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में एक कार्यशाला भी आयोजित की गई थी जिसमें बताया गया था कि प्रदेश में एक्टिंग, डिजिटल छायांकन, डिजिटल फिल्म प्रोडक्शन, स्टिल फोटोग्राफी और फिल्म मेकिंग कोर्स आरंभ किए जाएंगे जिससे, शूटिंग के लिए आने वाले निर्माताओं को दक्ष मैन-पावर भी उपलब्ध हो सकेगा।

उत्तराखंड मेरी आत्मा है मुंबई मेरा शरीर

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उत्तराखंड मेरी आत्मा है तो महाराष्ट्र का मुंबई शहर मेरा शरीर। जिस तरह आत्मा और शरीर एक दूसरे के बगैर नहीं रह सकते, उसी प्रकार उत्तराखंड और मुंबई इन दोनों के बिना मैं नहीं जी सकता।’ ऐसा कहना है मूवी मैजिक एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के एम.डी. राजेश नेगी का। मूलत: उत्तराखंड के राजेश नेगी ने अपने मुंबई तथा उत्तराखंड के अनुभव हिंदी विवेक के साथ साझा किए। प्रस्तुत है उसके सम्पादित अंश -

शिक्षण पर्यटन विकास की संभावनाएं

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शिक्षण संस्थाओं के खुलने व इन शिक्षण संस्थाओं की आवश्यकता पूर्ति हेतु बजार आदि निर्माण करना पड़ता है तो रोजगार के कई अवसर पैदा होते हैं। छात्रों के अभिभावक व रिश्तेदार भी कई बार उनके साथ पर्यटन करते हैं अतएव कई तरह के पर्यटन उत्पाद तैयार करने पड़ते हैं।

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