अमित शाह ने दिल्ली दंगे के लिए विपक्ष को बताया जिम्मेदार, सोनिया गांधी के बयान के बाद भड़का दंगा

बजट सत्र में पहले दिन से ही विपक्ष दिल्ली हिंसा पर सरकार को घेर रहा था और लगातार यह मांग कर रहा था कि सरकार दिल्ली हिंसा पर जवाब दे लेकिन आज लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह जैसे दिल्ली हिंसा को लेकर जवाब देना शुरू किया कि विरोधी खेमे में हलचल बढ़ गई, पहले तो अमित शाह के जवाबों को नकारा गया और फिर बाद में सदन से कांग्रेस ने वॉकआउट कर लिया। हालाकी इस दौरान ओवैसी सदन से बाहर नहीं गए और उन्होंने अमित शाह का पूरा जवाब सुना।

अमित शाह एक एक कर विरोधी पक्षों के सभी सवालों का जवाब दे रहे थे लेकिन ना जाने किन कारणों से विपक्ष सुनने को तैयार ही नहीं था, मानो विपक्ष को जवाब पसंद नहीं आ रहे थे। अमित शाह के जवाब के दौरान विरोधी दलों ने जमकर हंगामा भी मचाया लोकसभा स्पीकर ओम बिरला लगातार सभी से निवेदन कर रहे थे कि सब लोग शांति बनाए रखें बावजूद इसके विरोध जारी था।

अमित शाह ने अपने जवाब के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को जमकर कोसा। गृह मंत्री ने दिल्ली हिंसा के लिए सोनिया गांधी के बयान को जिम्मेदार ठहराया। सोनिया गांधी ने अपने बयान में कहा था कि अब आर-पार की लड़ाई होनी चाहिए अब सभी को घरों से बाहर निकलना चाहिए।

अमित शाह के मुताबिक इस बयान से लोग आक्रोशित हुए और फिर सड़कों पर उतर गए जिससे ना सिर्फ लोगो की जन गई बल्कि करोड़ों की सम्पत्ति का भी नुकसान हुआ।

अमित शाह ने ओवैसी के कुछ सवालों का जवाब देते हुए कहा कि यह दंगा किसी एक संप्रदाय के लिए नहीं था इसमें मरने वाला ना सिर्फ हिंदू था बल्कि मुसलमान भी था, जिन लोगों ने यह दंगा भड़काया वह आराम से घर में थे जबकि आम जनता को इसका शिकार बनाया गया। गृह मंत्री ने अंकित शर्मा की हत्या की बात उठाते हुए कहा कि किस तरह से एक व्यक्ति पर 400 बार चाकू से हमला किया का सकता है यह दंगे की वजह नहीं बल्कि आपसी रंजिश नजर आती है।

इसके साथ ही अमित शाह ने विपक्षी दलों के उस सवाल का जवाब दिया जिसमें विपक्ष ने आरोप लगाया था कि दंगों के दौरान अमित शाह ट्रंप के साथ ताजमहल घूम रहे थे और उनके साथ डिनर कर रहे थे। अमित शाह ने इस सवाल का जवाब देते हुए विरोधियों को बताया कि वह ना तो ट्रंप के साथ आगरा गए थे और ना ही ट्रंप के साथ डिनर किया था। अमित शाह ने बताया कि वह पुलिस के साथ थे और दंगे को कैसे रोका जाए इस पर बैठक कर रहे थे और यही वजह रही कि दंगा 25 तारीख तक समाप्त हो गया।

अमित शाह की रिपोर्ट के मुताबिक दंगे के लिए उत्तर प्रदेश से लोगों को बुलाया गया था इसके साथ ही इस दंगे की तैयारी पहले से ही चल रही थी हालांकि कौन लोग इसमें शामिल है इसका पता नहीं चल पाया है लेकिन जांच टीम लगातार इस पर काम कर रही है। अमित शाह ने बताया कि दंगे को लेकर आम लोगों से वीडियो और फोटो मांगे गए हैं इसमें कई सारे ऐसे वीडियो भी प्राप्त हुए हैं जो किसी के पास नहीं है ऐसे में यह वीडियो कई बड़े राज खोल सकते हैं, हालांकि अमित शाह ने किसी वीडियो का जिक्र नहीं किया लेकिन उन्होंने यह जरूर कहा है इंतजार कीजिए जल्दी सच सामने आ जाएगा।

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