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दिल्ली दंगों में शहीद रतनलाल जी के घर पहुंचा हिंदी विवेक

दिल्ली हिंसा का दर्द आज भी लोगों के दिलों में बरकरार है, दंगे का शिकार हुए लोगों से मिलने के बाद पता चलता है कि कैसे एक दंगे ने उनकी जिंदगी को तबाह कर दिया…. इसमें जहां करोड़ों की संपत्तियों की नुकसान हुआ वहीं कई घरों के चिराग ही बुझ गये… और पीछे छोड़ गये ना जाने कितनी नम आंखे….

दिल्ली हिंसा ने एक ऐसे परिवार को भी तबाह कर दिया जिसके चिराग ने देश की रक्षा की कसम खायी थी… लेकिन दंगाईयों के आगे वह खुद की भी रक्षा नहीं कर सका… और धोखे से उसे मार दिया गया… जी हां हम बात कर रहे है कांस्टेबल रतनलाल की….. जिनकी दंगे के दौरान मौत हो गयी….

रतनलाल की मौत के बाद परिवार से मिलने हिंदी विवेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अमोल पेडणेकर  उनके घर पहुंचे… जहां उन्होने रतनलाल की पत्नी से बात की और उनका  हौसला बढाया. इस दौरान रतनलाल के बारे में काफी जानकारी हासिल हुई कि वह कितने देशभक्त और बहादुर थे….

रतनलाल के परिवार और गांव वाले रतनलाल को शहीद का दर्जा देने की मांग काफी समय से कर रहे है… साथ ही आरोपियों को भी पकड़ने की मांग जारी है… गुरुवार को पुलिस को सफलता मिल गयी और पुलिस ने रतनलाल के हत्या के आरोप में 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया… पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कर ली है। गिरफ्तार हुए लोगों में मोहम्मद दानिश गाजियाबाद का रहने वाला है जबकि बाकी के 6 लोग दिल्ली के चांदबाग के रहने वाले है जिनके नाम सलीम मलिक, मोहम्मद जलालुद्दीन, मोहम्मद आयुब, मोहम्मद युनुस, मोहम्मद आरिफ और मोहम्मद सलीम है। इन सभी पर कांस्टेबल की हत्या का आरोप है और पुलिस की पूछताछ जारी है।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार किये गये लोगों में हमलावर और साज़िशकर्ता दोनों शामिल है। पुलिस ने बताया कि इनकी पहले से ही पुलिस पर हमला करने की साजिश थी जिसके लिए इन लोगों ने पूरी तैयारी भी की थी और काफी हद तक यह लोग सफल भी रहे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ सूबूत जमा किये जा चुके है।

पुलिस के मुताबिक दंगे से जुड़ी गिरफ्तारी चेहरा पहचानने वाले सॉफ्टवेयर की मदद से की जा रही है और उसी के हिसाब से लोगों से पूछताछ भी हो रही है। पुलिस आरोपियों को पकड़ने की हर कोशिश में लगी है लेकिन उनका क्या जिन्होने इस दंगे में अपनो को खो दिया… उनकी कमी कोई सरकार या पुलिस कैसे पूरा करेगी…..

।।हिन्दी विवेक की तरफ से रतनलाल को कोटि कोटि श्रद्धांजली।।

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