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निर्भया के दोषियों का आखिरी दिन आखिरकार आ ही गया

निर्भया के दोषियों का आखिरी दिन आखिरकार आ ही गया, तमाम कोशिशों के बाद भी उन्हे राहत नहीं मिल सकी। 20 मार्च सुबह 5.30 को उनको फांसी की सजा दे दी। पटिलाया कोर्ट ने सुनवाई के दौरान चारो दोषियों की डेथ वारंट पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान काफी कुछ देखने लायक था, दोषी अक्षय कुमार की पत्नी ने कोर्ट रुम में जज के सामने रोना शुरु कर दिया और जज से यह गुहार लगाई की उसके पति को छोड़ दिया जाए। इसके साथ ही अक्षय की पत्नी ने निर्भया की मां के भी पैर पकड़े और कहा कि उसके पति पर रहम करो, अक्षय की पत्नी ने निर्भया की मां से कहा कि आप मेरी मां जैसी है आप चाहेंगी तो इस फांसी को रुकवा सकती है लेकिन निर्भया की मां ने किसी की भी नहीं सुनी।

उधर सुप्रीम कोर्ट ने भी दोषी अक्षय की याचिका को खारिज कर दिया जिससे बाद अब किसी के पास कोई आखिरी विकल्प नहीं बचा है। अक्षय ने सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति द्वारा खारिज दया याचिका को चुनौती थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। दोषी अक्षय ने आरोप लगाया था कि उसकी दया याचिका को राष्ट्रपति ने जल्दबाजी में खारिज कर दिया है। वहीं अक्षय के वकील एपी सिंह ने कोर्ट से गुहार लगाते हुए कहा कि पुलिस ने अक्षय को थर्ड डिग्री टार्चर दिया है, उसे मानसिक और शारीरिक रुप से प्रताड़ित किया गया है इसके बाद अब उसे फांसी देने से क्या होगा, इनकी जिंदगी का इस्तेमाल करना चाहिए, इन्हे चाहे तो पाक सीमा या फिर चीन सीमा पर भेज दिया जाए लेकिन इनकी जिंदगी का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए। वकील एपी सिंह ने कोर्ट को दलील देते हुए कहा कि इनकी फांसी को सभी 6 महीने में भूल जाएगे, इसकी फांसी के बाद भी देश में रेप की घटना सामने आती रहेगी। लेकिन इनकी फांसी के बाद इन सभी का परिवार बिखर जायेगा, बेटे और बेटियों के सर से बाप का साया हट जायेगा।

इससे पहले भी इनकी फांसी को अलग अलग कारणों से तीन बार रोका जा चुका है, आरोपियों के वकील एपी सिंह ने हर बार एक नया कारण कोर्ट में पेश किया था, इसके साथ ही वकील एपी सिंह ने कोर्ट के बाहर यह भी ऐलान किया था कि उनके रहते इन्हे फांसी नहीं होगी। वहीं हर बार टलती फांसी की तारीख निर्भया की मां के लिए निराशा भरी होती थी, निर्भया की मां हर बार कोर्ट के बाहर रो कर और सरकार को कोसते रह जाती लेकिन शायद भगवान ने भी निर्भया की मां की बात सुन ली और अब निर्भया को इंसाफ मिल जायेगा।

16 दिसंबर 2012 को निर्भया के साथ बस में गैंगरेप हुआ था इस रेप के दौरान आरोपियों ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दी थी। वहीं पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गयी थी। इस निर्मम घटना के 8 साल बाद मुकेश सिहं(32), पवन गुप्ता(25), अक्षय ठाकुर(31), विनय शर्मा(26) को शुक्रवार 20 मार्च सुबह 5.30 को फांसी दे दी जायेगी।

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