केंद्र सरकार की तीन चरणों में कोरोना से निपटने की तैयारी

दुनिया के साथ-साथ कोरोना वायरस भारत के लिए भी मुसीबत बनता जा रहा है क्योंकि पिछले 1 सप्ताह से संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है। केंद्र सरकार इसके लिए जरूरी कोशिश कर रही है लेकिन देश की अत्यधिक जनसंख्या के कारण इस पर तुरंत से लगाम लगाना थोड़ा मुश्किल नजर आ रहा है। केंद्र की मोदी सरकार इसके लिए लगातार राज्यों के संपर्क में है और सभी से इस पर सलाह ली जा रही है कि कैसे इस पर रोक लगाई जाए।
केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और सभी दलों के साथ बैठक की थी और सभी से इस पर सुझाव भी मांगे थे कि आखिर देश में कोरोना संकट को कैसे रोका जाए। तमाम बैठकों के बाद आखिरकार गुरुवार को केंद्र सरकार ने कोरोना से लड़ने के लिए नई रणनीति बनाई। केंद्र सरकार ने कोविड19 से लड़ने के लिए राज्यों के लिए राहत पैकेज जारी किया।
केंद्र द्वारा जारी इस पैकेज को इमरजेंसी रिस्पांस एंड हेल्थ सिस्टम प्रिपरेशन नाम दिया गया है यह पैकेज पूरी तरह से केंद्र सरकार द्वारा संचालित किया जाएगा जिसमें राज्य सरकारों को अपनी तरफ से कोई भी योगदान नहीं करना है। केंद्र सरकार शुरू से ही इस बात पर बल दे रही है कि कोरोना वायरस की लड़ाई लंबे समय तक चलने वाली है इसलिए केंद्र द्वारा जारी रणनीति को तीन चरणों में विभाजित किया गया है।
पहला चरण जनवरी 2020 से जून 2020 तक होगा।
दूसरा चरण जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक रहेगा।
तीसरा चरण अप्रैल 2021 से मार्च 2024 तक रहेगा। 
सरकार द्वारा जारी रणनीति के तहत पहले चरण में अस्पताल, आइसोलेशन सेंटर, वेंटिलेटर की सुविधा, आईसीयू और मास्क जैसी सुविधाओं पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों और एंबुलेंस सहित बाकी जगहों को संक्रमण रहित बनाने पर भी धनराशि खर्च की जाएगी। वही आज सरकार की तरफ से हुए ऐलान के दौरान दूसरे और तीसरे चरण को लेकर कोई भी खुलासा नहीं किया गया है क्योंकि दूसरा और तीसरा चरण आने में समय लगेगा। सरकार दूसरे और तीसरे चरण के दौरान हालात को देखते हुए रणनीति तैयार करेगी।
सरकार की तरफ से ऐलान के साथ ही इस सर्कुलर को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और स्वास्थ्य कर्मियों को भेज दिया गया है और उनसे कहा गया है कि केंद्र सरकार की तरफ से तत्काल फंड जारी किया जा रहा है जिसका सही तरीके से और जल्द से जल्द इस्तेमाल शुरू किया जाए। भारत में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 6 हजार के करीब पहुंच चुकी है जबकि इससे अब तक 150 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। वही बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकारों ने उन जगहों को पूरी तरह से बंद करना शुरू कर दिया है जहां पर कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसी जगहों पर मेडिकल और दूध के अलावा सभी दुकानों को बंद करने के आदेश दिये गये है।

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