मोदी के साथ मुख्यमंत्रियों की हुई बैठक, देश में फिर से बढ़ सकता है लॉक डाउन

कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की, इस बैठक में कोरोना वायरस और लॉक डाउन को लेकर विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से राज्यों का हाल जाना और कोरोना से निपटने के लिए सभी से बात-चीत की। आपको बता दें कि देश में 21 दिनों का लॉक डाउन जारी है जो 14 अप्रैल को खत्म हो रहा है लेकिन देश में लगातार बढ़ते संक्रमण के खतरे को देखते हुए एक बार फिर से लॉग डाउन को आगे बढ़ाने की बात चल रही है। वहीं आज की इस बैठक में राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने एक साथ लॉक डाउन को आगे बढ़ाने की बात कही, जिसके बाद से यह उम्मीद लगाई जा रही है कि केंद्र सरकार द्वारा लॉक डाउन को 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ाया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पंजाब, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना, बिहार और मध्य प्रदेश के मुख्यमंतत्रियों के साथ में बैठक की, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने अपने देश के संबोधन में पहले ही यह बात साफ कर दी थी की जान है तो जहान है इसके लिए सबसे पहले प्राथमिकता इस बात को दी जाएगी कि कोरोना का संक्रमण कैसे रोका जा सकता है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के बीच हुई बैठक के बाद यह आशा की जाती है कि केंद्र सरकार की तरफ से भी लॉक डाउन पर जल्द ही कोई फैसला आयेगा। मोदी द्वारा लोगों को संक्रमण से रोकने के लिए लॉक डाउन ही देश के पास एक अंतिम उपाय है। जिसे जल्द से जल्द लागू करना होगा।
वहीं प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक के बाद कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्यों में लॉक डाउन को बढ़ाकर 30 अप्रैल तक कर दिया है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और ममता बनर्जी की तरफ से यह ऐलान किया गया है कि इन दोनों राज्यों में लॉक डाउन 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे पहले पंजाब सरकार ने भी लॉक डाउन को 1 मई तक के लिए बढ़ा दिया है। इसके साथ ही साथ कई राज्य सरकारें इस पर विचार कर रही है कि लॉक डाउन को और आगे बढ़ाया जाये।    
भारत में पिछले 10 दिनों में संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ा है। कुछ राज्यों में रैपिड टेस्ट की भी तैयारी चल रही है और इसके लिए जरूरी सामानों की खरीदारी भी शुरू हो चुकी है जिसमें महाराष्ट्र पहले नंबर पर है जहां रैपिड टेस्ट की सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर पूरे देश की बात करें तो अब तक करीब 7 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं जबकि मरने वालों की संख्या 250 के नजदीक पहुंच चुकी है।

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