लॉक डाउन 2 में सरकार ने दी राहत, अब खुलेंगी यह भी दुकानें

  • लॉक डाउन के दूसरे चरण में सरकार ने दी छूट 
  • किताबघर, बिजली, आटा और मोबाइट की खुलेंगी दुकाने 
  • सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाना होगा अनिवार्य
  • कोरोना केस में आ रही है कमी 
देश कम होते संक्रमण के साथ ही सरकार ने लॉक डाउन में छूट देना शुरु कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जानकारी देते हुए बताया गया कि पिछले कुछ दिनों से कोरोना संक्रमण में कमी देखने को मिल रही है जिसे सरकार राहत के तौर पर देख रही है। सरकार ने कुछ ऐसे जिले भी चिन्हित किये है चहां एक सप्ताह में कोई भी नया केस देखने को नहीं मिला है। सरकार ने लॉक डाउन में नरमी बरतते हुए अब किताब की दुकानें, बिजली के सामान की दुकानें, मोबाइल रिचार्ज और आटा चक्की सहित कई उद्योगो को चालू करने की अनुमति दे दी है। सरकार की तरफ से यह फैसला मंगलवार को लिया गया जिसके बाद से लोगों के लिए राहत की खबर है लेकिन सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि इस दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क का प्रयोग अनिवार्य रहेगा।
14 अप्रैल के बाद से लॉक डाउन का दूसरा चरण चालू है इसमें सरकार सिर्फ उन इलाकों में ही लॉक डाउन का कड़ाई से पालन करवा रही है जहां कोरोना के संक्रमण का ज्यादा खतरा है या फिर वह रेड जोन में आता है। इससे पहले भी सरकार की तरफ से लॉक डाउन में राहत दी गयी थी और कुछ उद्योगों को फिर से शुरु करने को कहा गया था। सरकार की तरफ से मंगलवार को जानकारी देते हुए बताया गया कि आने वाले समय में स्कूल खुलने वाले है जिसको ध्यान में रखते हुए किताबो की दुकाने खुलना जरुरी है। वहीं लगतार बढ़ती गर्मी से लोग परेशान है इसलिए बिजली की दुकानों का भी खुलना जरुरी है क्योंकि की गर्मी के साथ साथ बिजली से जुड़ी समस्याएँ आनी शुरु हो जाती है।
देश में 1300 से अधिक नये मामलों के साथ ही कोरोना संक्रमण का खतरा 18 हजार को पार कर चुका है। अब तक 600 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 3 हजार लोग इलाज के बाद ठीक हो चुके है। लेकिन महाराष्ट्र संक्रमण का सबसे बड़ा भुक्तभोगी है क्योकि यहां संक्रमित लोगों की संख्या 5 हजार से ज्यादा है और अब तक 250 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। 20 अप्रैल के बाद से महाराष्ट्र सरकार ने भी लॉक डाउन में कुछ नरमी बरती है लेकिन रेड जोन इलाको में पहले जैसे कानून लागू है। सरकार लगातार लोगो से निवेदन कर रही है कि वह घरों में रहे और बिना वजह बाहर ना निकले ताकी संक्रमण के खतरे को रोका जा सके।
भारत में मार्च के मध्य से कोरोना ने दस्तक दी और फिर वही से देश कोरोना की लड़ाई लड़ रहा है। केंद्र की मोदी सरकार ने समय रहते लॉक डाउन का कदम उठा लिया था जिससे संक्रमण पर अचानक से रोक लग गयी थी लेकिन दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज की वजह से इस पर पूरी तरह से पानी फिर गया। तबलीगी जमात की वजह से कोरोना पूरे देश में फैल गया और अभी भी यह सिलसिला जारी है। प्रशासन की तमाम कोशिश के बाद भी जमाती अभी भी घरों में छिपे हुए है जिससे सरकार लगातार डरी हुई है क्योंकि यह लोग जब भी निकलेंगे तब कोरोना का खतरा फिर से बढ़ सकता है।

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