कोरोना अस्पतालों पर हुई फूलों की वर्षा, सेना ने कोरोना वारियर्स को दी सलामी

  • सेना ने कोरोना वॉरियर्स पर की फूलों की वर्षा
  • हेलीकॉप्टर से कोविड हास्पिटल पर पुष्प वर्षा
  • सेना ने कश्मीर से कोयम्बटूर तक किया फ्लाई पास्ट
  • डाक्टरों ने कहा यह गौरव महसूस करने का समय  
पूरा देश कोरोना जैसे दुश्मन से लड़ाई लड़ रहा है और इसमें डाक्टरों की भूमिका सबसे अहम है वैसे तो डाक्टरों की भूमिका हमेशा से सराहनीय रही है लेकिन इस मुश्किल घड़ी में वह जो सेवा कर रहे है उसकी पैसे से कभी भी तुलना नहीं की जा सकती है। सरकार की तरफ से भी डाक्टर, पुलिस, सफाईकर्मी और मिडिया का बार बार धन्यवाद किया गया था साथ ही इनके लिए ताली, थाली और लाइट भी जलाई गयी थी। रविवार को सेना की तरफ से फिर से इनका जोरदार स्वागत किया गया भारत की तीनों सेनाओं ने अलग अलग तरीके से इनका धन्यवाद किया। पूरे देश में कोरोना का इलाज कर रहे डाक्टर्स और हास्पिटल के उपर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए गये। इस स्वागत के लिए सेना ने मात्र एक दिन का अभ्यास किया था और फिर रविवार को इसे सुरक्षित तरीके से अंजाम दिया।

सेना की तरफ से पुष्पवर्षा के साथ साथ फ्लाइ पास्ट भी किया गया। सेना ने कोरोना वॉरियर्स के लिए दो फ्लाइ पास्ट किया जिसमें पहला कश्मीर के कन्याकुमारी होते हुए कोयम्बटूर तक गया जबकि दूसरा गोवाहाटी से अहमदाबाद तक का फ्लाइ पास्ट किया गया। यह कोरोना वारियर्स के लिए गौरव का समय था उन्होने इस काम के लिए देश की सेना और सरकार दोनों का धन्यवाद  किया। अस्पतालों पर जब सेना के जवान फूल बरसा रहे थे तब डाक्टरों सहित पूरा मेडिकल विभाग बाहर उनका ताली बजाकर स्वागत कर रहा था और उन्हे धन्यवाद दे रहा था। इस दौरान हॉस्पिटल के बाहर भारत माता की जय के नारे भी लगे।

ऐसा पहली बार हो रहा है जब डाक्टरों के लिए सेना की तरफ से ऐसा गौरवपूर्ण मौका बनाया गया हो और डाक्टरों को इतनी बड़े पैमाने पर धन्यवाद दिया जा रहा हो। हालाकि अलग अलग इलाकों में डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर हमले की खबर भी मिलती रहती है जिससे डाक्टर वर्ग काफी दुखी है और कई लोगों  ने तो इलाज करने से भी मना कर दिया था। हालांकि सरकार के दखल के बाद वह फिर से काम पर लौटे है और जनता की सेवा कर रहे है।

मुंबई के मरीन ड्र्राइव के नेवी अस्पताल पर भी हेलीकॉप्टर से फूलों की वर्षा की गयी इस दौरान अस्पताल के डाक्टरों ने बाहर निकल कर सेना का अभिवादन स्वीकार किया इसके साथ ही वायु सेना के तीन लड़ाकू विमानों ने फ्लाइंग पास्ट किया। 03 मई 2020 रविवार का दिन हर डाक्टर के लिए यादगार हो गया जिसे कभी भी नहीं भुलाया जा सकेगा। वहीं सेना के इस धन्यवाद के बाद डाक्टरों ने कहा कि हमें इस पर गर्व है और अब हम कोरोना का और डटकर मुकाबला करेंगे।

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