प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई संपन्न, लॉक डाउन पर नहीं बनी सहमति

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों की बैठक हुई संपन्न
  • नीतीश कुमार ने ट्रेन सेवा पर उठाया सवाल
  • लॉक डाउन को एक साथ खत्म करने पर उठा सवाल 
  • महामारी को लेकर राजनीति ना हो-ममता बनर्जी
लॉक डाउन को लेकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के बीच सोमवार को बैठक हुई। महामारी को लेकर यह प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों के बीच पांचवी बैठक रही इस दौरान लॉक डाउन को आगे बढ़ाने और लगातार कुछ राज्यों में बढ़ते संक्रमण को रोकने को लेकर चर्चा हुई। वही अर्थव्यवस्था को फिर से सुदृढ़ बनाने को लेकर भी प्रधानमंत्री ने सभी लोगों से उनकी राय मांगी साथ ही सभी से लॉक डाउन को भी आगे बढ़ाने पर 15 मई तक सभी से अंतिम फैसला लेने को कहा है। बैठक के दौरान कुछ राज्यों ने लॉक डाउन को आगे बढ़ाने की मांग की जबकि कुछ राज्यों ने लॉक डाउन को खत्म कर सीधे कोरोना के खिलाफ उतरने की बात कही, वहीं नीतीश कुमार ने मंगलवार से शुरू हो रही ट्रेन सेवा को लेकर असंतोष प्रकट किय और कहा कि सरकार के इस फैसले से संक्रमण और फैल सकता है।
महाराष्ट्र, तेलंगाना, बिहार, पंजाब और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने लॉक डाउन को 17 मई के बाद भी जारी रखने का समर्थन किया और कहा कि अगर एक साथ पूरे देश से लॉक डाउन हटाया जाता है तो इससे स्थिति और बिगड़ सकती है। वहीं गुजरात, पश्चिम बंगाल सहित कई राज्यों ने लॉक डाउन को खत्म करने की बात कही। इसके साथ ही सभी राज्य के मुख्यमंत्रियों ने लॉक डाउन को लेकर अपनी अलग-अलग राय भी रखी। पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अब लॉक डाउन से बाहर निकलना चाहिए और सावधानीपूर्वक जीवन को फिर से पटरी पर लाना चाहिए। राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि रेड जोन वालों को ग्रीन जोन में जाने की अनुमति ना दी जाए इससे संक्रमण फैलने का खतरा होगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि इस मुसीबत की घड़ी में किसी भी तरह की राजनीति नहीं होनी चाहिए जबकि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने लॉक डाउन के साथ ही आगे बढ़ने की सलाह दी।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कोरोना की लड़ाई में डटे रहने की सलाह दी और कहा कि अगर आपका साथ रहा तो हम यह जंग जरूर जीतेंगे। इसके साथ ही राज्यों को ज्यादा अधिकार देने की भी बात कही जिससे आने वाले समय में लॉक डाउन को लेकर राज्य अपने स्तर पर फैसले ले सकेंगे और राज्य के अनुसार लॉक डाउन को कम या ज्यादा किया जा सकेगा।
बैठक के दौरान अर्थव्यवस्था और मजदूरों के पलायन को लेकर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह संक्रमण गांव तक नहीं खेलना चाहिए अन्यथा इसके परिणाम ज्यादा भयानक हो जाएंगे इसके साथ ही अर्थव्यवस्था पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ हिस्सों में छोटे छोटे उद्योगों को शुरू किया गया है जिससे आर्थिक स्थिति को भी सुधारा जा सके।

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