सरकार जनता पर हुई मेहरबान, 15 हजार से कम सैलरी वालों का PF भरेगी सरकार

  • 30 नवंबर तक भर सकेंगे इनकम टैक्स 
  • 15 हजार से कम सैलरी वालों का PF भरेगी सरकार 
  • ठेकेदार और बिल्डर को 6 महीने की मोहलत
  • व्यापार के लिए सरकार देगी लोन 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 20 लाख करोड़ के विशेष पैकेज के बाद केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस इसकी जानकारी दी, वित्त मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि सरकार के 20 लाख करोड़ में से करीब 6 लाख करोड़ रुपए की 15 अलग-अलग घोषणाएं की गई जिसमें एमएसएमई, एनबीएफसी एमएफआई, रियल स्टेट, टैक्स और कॉन्ट्रैक्ट क्षेत्र शामिल है जबकि 14 लाख करोड़ रुपये से अलग अलग तरह से लोगों तक सहायता पहुंचाई जा रही है।

  वेतन का 24 फ़ीसदी PF में होगा जमा

निर्मला सीतारमण ने कहा ईपीएफ के लिए दी गई राहत अगले 3 महीने के लिए बढ़ाई जा रही है। इसके अंतर्गत आने वाले लोगों को मार्च, अप्रैल और मई तक राहत मिलेगी। वही 15000 से कम सैलरी वालों को भी सरकार की तरफ से सहायता मिल रही है उनकी सैलरी का 24 फ़ीसदी सरकार पीएफ में जमा करेगी। वही 15,000 से अधिक सैलरी पाने वाले लोगों के लिए सरकार पीएफ में योगदान तो नहीं दे रही है लेकिन सरकार ने उनकी सैलरी से पीएफ का प्रतिशत घटाकर 12 से 10 फ़ीसदी कर दिया है जिससे उन्हे फायदा होगा।

इनकम टैक्स की अंतिम तारीख 30 नवंबर
देश में जारी लॉक डाउन की वजह से सरकार ने इनकम टैक्स भरने की तारीख को आगे बढ़ाया है अब आप 30 नवंबर तक अपना आयकर भर सकते है जबकि सामान्य तौर पर आयकर टैक्स की आखिरी तारीख 31 जुलाई होती है।
टैक्स जमा करने वालो को राहत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि TDS और TGS की दरों को 25% तक घटाया गया है और यह 14 मई से लेकर 31 मार्च 2021 तक लागू रहेगा। इस योजना की वजह से करीब 50 हजार करोड रुपए का फायदा होगा। सरकार के इस फैसले से प्रतिदिन के हिसाब से काम करने वालों को काफी फायदा होगा और उन्हे पैसे तुरंत मिल जायेंगे।

ठेकेदार और बिल्डर को 6 महीने की मोहलत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया निर्माण कार्यों के लिए ठेकेदारों के कामों की समय सीमा 6 महीने के लिए बढ़ाई जा रही है क्योंकि लॉक डाउन की वजह से सभी के काम प्रभावित हुए हैं लेकिन सभी ठेकेदारों को निश्चित समय से अगले 6 महीने के अंदर काम पूरा करना होगा। सरकार के इस फैसले से रेलवे, हाईवे, हॉस्पिटल और तमाम कार्यों में लगे हुए ठेकेदारों के लिए बड़ी राहत हैं। मकान बनाने वाले बिल्डर भी इस नियम के अंतर्गत लाए गए हैं।

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