विकास दूबे फिर से पुलिस को चमका देने में कामयाब, पुलिस पहुंचने से पहले ही होटेल से हुआ फरार

  • फरीदाबाद के होटेल में ठहरा था विकास दूबे
  • आरोपी के दोस्त ने फर्जी आईडी से बुक किया था होटेल
  • विकास दूबे के लिए पुलिस की दर्जनों टीम तैनात
  • चौबेपुर थाना से 68 पुलिसकर्मी हुए लाइन हाजिर

कानपुर का हिस्ट्रीसीटर विकास दूबे पुलिस को फिर से चकमा देने में कामयाब रहा। दरअसल उत्तर प्रदेश पुलिस की इस बात की सूचना मिली कि विकास दूबे हरियाणा के फरिदाबाद में एक होटल में टिका हुआ है जिसके बाद से पुलिस ने हरियाणा पुलिस की मदद से होटल पर छापा मारा लेकिन तब तक विकास दूबे वहां से निकल चुका था। जानकारी के मुबातिक विकास दूबे अपने किसी परिचित की मदद से होटल में ठहरा हआ था औऱ उसकी दिल्ली के कोर्ट में आत्म समर्पण की तैयारी चल रही थी लेकिन उससे पहले पुलिस को इस बात की सूचना मिल गयी।

आरोपी विकास दूबे का नेटवर्क भी काफी मजबूत है इसलिए ही उसे पुलिस की किसी भी कार्रवाई से पहले खबर मिल जाती है और वह अपने मंसूबों में कामयाब हो जाता है। पुलिस ने फरीदाबाद के होटेल मैनेजर से पूछताछ की तो पता चला कि विकास दूबे के किसी दोस्त ने उसके लिए फर्जी नाम से होटेल बुक किया था। होटेल का पैसा भी ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया था फिलहाल पुलिस आरोपी विकास की मदद करने वाले की भी तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक सीसीटीवी में विकास दूबे को देखा गया है।

विकास दूबे की खोज में दर्जनों पुलिस टीम तैयार की गयी है और लगातार छापेमारी चालू है। लखनऊ, राजस्थान, मध्यप्रदेश और नेपाल बॉर्डर पर भी पुलिस मौजूद है और आरोपी की तलाश पूरी शिद्दत से की जा रही है। पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि कहीं विकास दूबे नेपाल या फिर चंबल भी भाग सकता है जहां से उसे वापस लाना थोड़ा मुश्किल काम होगा।

कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार ने थाना चौबेपुर पर बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी 68 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया। कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार के मुताबिक चौबेपुर थाना के पहले ही कई अधिकारी मुखबिरी के आरोप में निलंबित हो चुके है जबकि कुछ लोगों पर अब भी शक की सूई लटकी हुई है ऐसे में फिर से कोई और मौका नहीं गवाना चाहती है जिससे विकास दूबे तक किसी भी तरह से सूचना पहुंच सके। कानपुर एसएसपी दिनेश कुमार ने चौबेपुर थाना के सभी लोगों को लाइन हाजिर कर उन्हे पुलिस लाइन भेज दिया है और नये स्टाफ को चौबेपुर में नियुक्त कर दिया गया है।

उधर शहीद पुलिस अधिकारी देवेंद्र मिश्रा का पत्र वायरल होने के बाद के बाद पुलिस पर फिर से दबाव बढ़ने लगा है जिसके बाद से अब डीआईजी एसटीएफ अनंत देव तिवारी का तबादला कर दिया गया है। दरअसल देवेंद्र मिश्रा ने काफी समय पहले ही एक पत्र के माध्यम से अनंत देव को इस बात की सूचना दी थी कि आरोपी विकास दूबे और चौबेपुर थाना अध्यक्ष विनय तिवारी के बीच कुछ सांठगांठ बनी हुई है और आरोपी को पुलिस की तरफ से मदद मिल रही है लेकन डीआईजी एसटीएफ अनंत देव ने इस पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं की जिसकी वजह से अब उनका तबादला पीएसपी में किया गया है।

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