राजीव गांधी फाउडेंशन सहित 3 ट्रस्ट की होगी जांच

  • गांधी परिवार से जुड़े तीन ट्रस्ट की होगी जांच
  • गृह मंत्रालय की कमेटी में CBI,ED & INCOME TAX शामिल
  • गांधी परिवार ट्रस्ट पर नियमों का उलंघन करने आरोप
  • बीजेपी का आरोप ट्रस्ट का हुआ गलत इस्तेमाल 
गांधी परिवार से जुड़े ट्रस्ट की होगी जांच
भारत चीन सीमा विवाद को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर कई आरोप लगाए थे लेकिन इसी दौरान कांग्रेस के लिए उस समय मुसीबत बढ़ गयी जब यह खबर बाहर आ गयी कि चीन ने राजीव गांधी फ़ाउंडेशन को बड़ा दान दिया है लेकिन चीन से मिले इस दान की कोई भी जानकारी ना तो सरकार के पास है और ना ही कांग्रेस ने इस पर कभी कोई सफाई दी है। राजीव गांधी फ़ाउंडेशन को लेकर सरकार की तरफ से भी लगातार सवाल किया गया और कांग्रेस से इस पर रिपोर्ट भी मांगी गयी लेकिन कांग्रेस ने चुप्पी साध रखी है जिसके बाद से गृह मंत्रालय ने अब इसके जांच के आदेश दे दिये है। इस गठित कमेटी में तीन जांच एजेंसियाँ शामिल है जिसमें CBI की टीम FCRA के तहत ट्रस्ट की जांच करेगी, जबकि ED की टीम PMLA से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने की जांच करेगी और आयकर विभाग टैक्स से जुड़े मामलों की जांच करेगा। 
 
ट्रस्ट का हुआ गलत इस्तेमाल-बीजेपी 
गृह मंत्रालय की तरफ से एक समिति बनाई गयी है जो राजीव गांधी सहित कुल तीन फ़ाउंडेशन की जांच करेगा। इस सभी फ़ाउंडेशन पर नियमों का उल्लंघन करने का आरोप लगा है ऐसा दावा किया गया है कि इन फ़ाउंडेशन की आड़ में दूसरे देशों से फंड लेकर मौजूदा सरकार ने पैसा को इस्तेमाल गलत तरीके से किया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक एक समिति गठित की गयी है जो राजीव गांधी फ़ाउंडेशन, राजीव गांधी चैरिटेबल ट्रस्ट और इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की जांच करेगी यह तीनों की ट्रस्ट कांग्रेस सरकार में बनाए गये है और इसके सदस्य उन लोगों को बनाया गया है जो गांधी परिवार के काफी करीबी रहे है। वहीं बीजेपी की तरफ से आरोप लगाया गया है कि चीन की तरफ से इन ट्रस्ट को हर बार चंदा मिला है लेकिन इन पैसों का इस्तेमाल कहां और किस लिए हुआ वह देश की जनता को आज तक पता नही है। 
 
कहां गया ट्रस्ट का पैसा ?
राजीव गांधी फ़ाउंडेशन की शुरुआत 21 जून 1991 को हुई थी और यह कहा गया था कि इसके माध्यम से राजीव गांधी के सपनों को पूरा किया जायेगा। राजीव गांधी के कई ऐसे प्रोजेक्ट थे जिसे वह पूरा करना चाहते थे। सन 2005-08 के बीच पीएम राहत कोष से राजीव गांधी फ़ाउंडेशन में पैसे ट्रांसफर किए गये थे लेकिन कांग्रेस की तरफ से इसका कोई ब्यौरा नहीं दिया गया कि उस पैसे का कहां पर इस्तेमाल किया गया। फिलहाल गृह मंत्रालय ने एक कमेटी गठित कर दी है और प्रवर्तन निदेशालय के विशेष निदेशक को इसका प्रमुख बनाया गया है अब जांच के बाद यह साफ हो जायेगा कि कांग्रेस ने ट्रस्ट के पैसों का इस्तेमाल कहां किया है।

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