जैन धर्म के लिए परम पवित्र है अयोध्या


अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि भूमिपूजन के शुभ अवसर पर करोड़ों हिंदुओं के साथ जैन धर्म बंधुओं ने भी दिल खोलकर अपनी खुशी का इजहार किया। प्रभु रामचंद्र जी और अयोध्या धाम से जैन धर्म का भी पुराना नाता रहा है। जैन धर्म के लिए अयोध्या धाम एक परम पवित्र तीर्थ स्थल है। मान्यता है कि जैन धर्म के तीर्थंकर ऋषभदेव जी का जन्म अयोध्या में ही हुआ था। इसके साथ ही प्रथम जिनेश्वर आदेश्वर दादा के 3 कल्याणक, द्वितीय जिनेश्वर अजितनाथ दादा के 4 कल्याणक, चतुर्थ जिनेश्वर अभिनंदन स्वामी दादा के 4 कल्याणक, पांचवें जिनेश्वर सुमतिनाथ स्वामी के 4 कल्याणक और चौदहवें जिनेश्वर अनंतनाथ स्वामी के 4 कल्याणक, ऐसे कुल 19 कल्याणक अयोध्या की पवित्र भूमि पर जन्में है।

जिन्होंने विश्व कल्याण के लिए यहां से ज्ञान की गंगा बहाई और सभी को सत्य, अहिंसा, मानवता का पाठ पढ़ाया। राजा ऋषभ ने हसी-मसि-कृषि की संस्कृति का ज्ञान यहीं से विश्व को दिया। इसके अलावा पुरुषों की 72 कलाओं, स्त्री की 64 कलाओं, 100 शिल्पों, गणित, लिपि आदि अनेक प्रकार का महत्वपूर्ण उपयोगी ज्ञान विज्ञान राजा ऋषभ ने इसी अयोध्या नगरी से विश्व कल्याण की भावना के साथ प्रकाशित किया। अयोध्या राजा हरिश्चन्द्र की भी जन्मभूमि है। प्रभु रामचन्द्र ने अयोध्या में ही आदर्श राम राज्य की स्थापना की और सुशासन से प्रजा को आनंदित किया। ऋषभ देव के सुपुत्र भरत चक्रवर्ती ने अयोध्या में ही अपनी राजधानी बसाई थी। इसलिए जैन समाज के लिए अयोध्या का धार्मिक ऐतिहासिक महत्व है।

समस्त महाजन संस्था के अध्यक्ष गिरीश भाई शाह ने श्रीराम मंदिर के निर्माण होने पर जैन समाज की ओर से सभी को शुभकामनाएं दी हैं और अयोध्या में रामभक्तों के लिए सेवा प्रकल्प शुरू करने की इच्छा जताई है।

उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का सबसे भव्य दिव्य मंदिर बनाया जाएगा। जिसका दर्शन करने के लिए देश दुनिया से बड़ी संख्या में लोग अयोध्या आएंगे। राम मंदिर दुनिया में सर्वाधिक आकर्षण का केंद्र बनेगा। पर्यटन की दृष्टि से भी भारत में अयोध्या सबसे पसंदीदा जगह बनेगी। रामकाज और राम भक्तों की सेवा के लिए जैन समाज की अग्रणी संस्था समस्त महाजन भी अपना योगदान देना चाहती है।

श्री शाह ने आगे कहा कि अयोध्या में 10 से 20 एकड़ भूमि खरीदकर वहां पर हम सेवा कार्य शुरू करेंगे। देश दुनिया से आने वाले रामभक्तों एवं पर्यटकों को उचित सुविधाएं और भोजन सहित अन्य व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा अयोध्या में बड़ी संख्या में बन्दर और अन्य जानवर सड़कों पर घूमते रहते हैं, उनके लिए पांजरापोल बनाने की योजना है। सभी को सात्विक स्वास्थ्यप्रद भोजन उपलब्ध कराने हेतु व्यवस्था की जाएगी।
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