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भारतमाला परियोजना ‘न्यू इंडिया’ की दिशा में बढ़ते कदम

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भारतमाला परियोजना के अंतर्गत देश भर में अनेक नई सड़कों का जाल बिछाने की योजना है। पहले चरण में कोई 24,800 कि.मी. सड़कों के निर्माण का कार्य चल रहा है। किसी राष्ट्र का विकास उसके परिवहन नेटवर्क और उसके रखरखाव के तौर-तरीकों पर निर्भर करता है। यही बात भारत जैसे…

पी ले रे तू ओ मतवाला…

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१९३२ में 'मोहब्बत के आंसू' से अपना फ़िल्मी कैरियर शुरू करने वाले सहगल साहब को बड़ी पहचान मिली १९३५ में देवदास से. शरत बाबू के उपन्यास पर बनी यह फिल्म कुंदनजी की पहली बड़ी सुपरहिट फिल्म थी. फिर तो अगले ग्यारह साल के सुपरस्टार थे, सहगल बाबू. वैसे १९३४ में ही 'पूरन भगत' और चंडीदास' से ही लोगों को लग गया था कि बन्दे में पोटेंशियल है

स्थिर पूर्वोत्तर : सक्षम सामरिक भारत -सुनील देवधर

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मेहनत, योग्य नेतृत्व तथा सुयोग्य नीति ने त्रिपुरा में भाजपा को अभूतपूर्व विजयश्री दिलाई। सब साथ आ गए और विजय रथ निकला पड़। इसलिए असल में यह कम्युनिस्टों के शासन से आजीज त्रिपुरा की जनता की विजय है। अब देश कांग्रेस से ही नहीं, कम्युनिस्टों से भी मुक्त होना ही है। प्रस्तुत है त्रिपुरा विजय के शिल्पकार सुनील देवधर के साक्षात्कार के उल्लेखनीय अंश।

‘निर्मल ग्राम निर्माण केंद्र’स्वच्छता की ठोस पहल

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{H$ सी भी राष्ट्र के निर्माण व उसकी प्रगति में तमाम अन्य विकल्पों के साथ ही साथ सफाई का बहुत बड़ा योगदान होता है। स्वच्छता न केवल लोगों को बीमारियों से बचाती है बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के मन में उस राष्ट्र विशेष के प्रति एक सकारात्मक भाव भी पैदा करती है।

हिंदू संस्कृति और पर्यावरण

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हिंदुत्व में हर व्याधि का समाधान दे सकने वाली शक्ति और क्षमता है परंतु इसके लिए पहले हम हिंदुओं को उस जीवन दर्शन के अनुसार जीना होगा। दुनिया का पथ प्रदर्शन करना अतीत में भी हमारा पावन कर्तव्य रहा है और हर परिस्थिति में हमें वही कार्य करना है ताकि निकट भविष्य में विश्‍व पर्यावरण का संकट टाला जा सके।

मातेश्वरी

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मां मैं आपको समझना चाहती हूं, आपके मन की बातें सुनना चाहती हूं, जीवन की वे हिदायतें सुनना चाहती हूं जो हम सब भाई बहनों को देती थीं. मुझसे पहले की तरह घर का काम करवाओ, डांटो, तरस गई तुम्हारी डांट खाने के लिये, प्लीज मां. ’

वात्सल्य एवं राजनीति का संगम

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श्री नरेन्द्रभाई ने पू. प्रमुख स्वामी के आशीर्वाद लेने हेतु फोन किया तो कहना पड़ा कि स्वामीश्री आराम कर रहे हैं। दोपहर को और बाद में शाम को फिर फोन किया, उत्तर वही था। श्री नरेन्द्रभाई ने कहा कि स्वामीश्री के श्वासोच्छवास को सुन पाऊं, कुछ इस तरह फोन उनके पास रखिए। वही मेरे लिए आशीर्वाद समान होगा। विश्व की संस्कृति के इतिहास पर दृष्टि करने से पता चलता है कि प्राचीन समय में ऋषियों की तेजस्वी आंखों को जमाने का कोई डर नहीं था। वे स्वार्थबुद्धि से परे होने के कारण सत्यवक्ता और स्पष्टवक्ता भी थे। केवल जनकल्या

सऊदी अरब के कथित ‘आदर्श’ की हकीकत

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सऊदी अरब जैसे कट्टर वहाबी देश के युवराज अब कह रहे हैं कि वे उदारवाद की ओर लौटना चाहते हैं। इसके नमूने के तौर पर वे महिलाओं को वाहन चलाने की अनुमति देने की बात पेश करते हैं। इसकी दुनियाभर में खूब चर्चा भी हुई। लेकिन असलियत कुछ और ही बयान करती है। सऊदी अरब के युवराज ने हाल ही में कहा है कि ‘वे पुन: उदारवाद की ओर जाना चाहते हैं।’ सऊदी ही मुसलमानों का उद्गम स्थान है। वहां की परंपराएं, प्रथाएं तमाम मुस्लिम समाज के लिए आदर्श मानी जाती हैं। परंतु आज भी महिलाओं तथा अन्य सम्प्रदायों के लिए उनके मन म

चलो केरल! अ.भा.वि.प. का अभियान

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केरल में कम्युनिस्टों की राजनीतिक हिंसा से पीड़ित परिवारों को संबल प्रदान करने के लिए अ.भा.विद्यार्थी परिषद की ओर से आगामी ११ नवम्बर को ‘चलो केरल!’ अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसमें देशभर से छात्र शामिल होंगे। यह अभूतपूर्व व ऐतिहासिक होगा। प्रस्तुत है इस अभियान का विवरण और संघ स्वयंसेवकों पर माकपा के हमलों की कारण मीमांसा... हाल ही में ३ सितम्बर को जब १०.३० बजे टी.वी. पर केन्द्र में बनने वाले मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह देख रहा था, सब के परिचय में उनके जीवन की किसी बड़ी उपलब्धि का उल्ल

ध्वस्त होती मान्यताएं

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उत्तर प्रदेश में आज आबादी का घनत्व बढ़ा है। अर्थ ही सब कुछ हो गया है। इसलिए लोगों का झुकाव मान और शान से ज्यादा अर्थ पर केन्द्रित हो गया है। अर्थ की धारणा ने सांस्कृतिक धरोहरों को भी करारी चोट दी है। तमाम मान्यताएं ध्वस्त हो रही हैं। फिर भी आशा की किरण

हम जहां खड़े होते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है..

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  दिल्ली का रास्ता उत्तर प्रदेश होकर गुजरता है। यह वाक्य अपने आप में परिपूर्ण है यह बताने के लिए कि राजनीतिक रूप से उत्तर प्रदेश कितना महत्वपूर्ण है। यह उत्तर प्रदेश की ही सरजमीं है जहां से ताल्लुक रखने वाले रामनाथ कोविंद भारत के १४वें राष्ट्रपति

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