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***गिरिधारीलाल काले****

माहेश्वरी समाज का देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान रहा है। यह योगदान स्वतंत्रता पूर्व और स्वतंत्रता के पश्चात् इन दोनों युगों का है। सब जानते हैं कि घनश्यामदास बिड़ला, जमनालाल बजाज जैसे वरिष्ठ लोगों का समर्थन या आधार महात्मा गांधी को था। इसी के कारण महात्मा गांधी के आंदोलन का आर्थिक भार दूसरे समाज के लोगों पर नहीं पड़ा।

क्या माहेश्वरी समाज केवल व्यापारी समाज है?
सिर्फ व्यापार का ठप्पा लगाना ठीक नहीं। अन्य क्षेत्रो में भी इस समाज का योगदान रहा है। सोच समझ कर निवेश, सामाजिक स्थिति की समझ, अपने साथ सारे समाज के विकास की मानसिकता, इस समाज की विशेषताएं हैं।
मैं लातूर जिले के अहमदपुर गांव का मूल निवासी हूं। मैंने १९८५ में पुणे आने पर व्यवसाय शुरू किया। आज पुणे के पास तलेगांव में, उत्तरांचल तथा अन्य पांच छह जगहों पर मेरे कारखानें चल रहे हैं। लगभग १५०० कर्मचारी मेरे यहां काम करते हैं। मुझे विशवास है कि मेरी सफलता में उनका भी हाथ रहा है। सम्प्रति अमेरिका में भी शाखा खोलने की कोशिशें चल रही हैं। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का जो अमेरिका प्रवास हुआ था, उसमें कारोबार की जानकारी रखने वाले शिष्टमंडल में मेरा भी समावेश था। अत: अमेरिका में कारोबार का आरम्भ सम्मान के साथ होगा।
भारत के वर्तमान प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ नीति का मैं स्वागत करता हूं। उनकी नीति का सकारात्मक परिणाम अनुभव करने हेतु चार-पांच साल लगेंगे शायद, पर यह परिणाम होगा जरूर।

आपके देश-विदेश के सफर में आपने भारत के बारे में अन्य देशों के नागरिकों की क्या राय पाई?
विश्वास! भारतीय कारोबार पर जापान, जर्मनी, इत्यादि पाश्चात्य लोगों का विश्वास है। चीन में हर एक वस्तु की नक़ल की जाती है, गुणवत्ता नहीं होती। पर भारतीय व्यावसायी गुणवत्ता के बारे में सजग रहकर दुनिया का विश्वास जीतते हैं।
अपने उत्पादन की गुणवत्ता को कायम न रख पाना भारतीय उद्योगपतियों की कमजोरी है। आठ घंटों में से छह घंटा काम और दो घंटा विश्राम करने वाला, या काम को टालने वाला कर्मचारी उत्पादन की गुणवत्ता समान रखने में नाकामयाब है। यह कमी हमें पूरी करनी चाहिए।
अब केन्द्र सरकार में केवल मंत्री गण ही नहीं तो प्रशासकीय अधिकारी भी जनता की जिम्मेदारी निभाने वाले दिखाई देते हैं। इसका फायदा देश की प्रगति के लिए करना चाहिए। अपनी इच्छाशक्ति को जागृत रखा जाए तो कोई भी काम असंभव नहीं है।

भविष्य कालीन नीति के बारे में क्या कहेंगे?
भविष्य में गुणवत्ता संभालने की कोशिश सब को करनी पड़ेगी। इसलिए वह कोई खास बात नहीं होगी। यह समय सेवा की दृष्टि से परीक्षा का समय है। स्वयं को बदल कर अगर व्यवसाय में सेवा देना स्वीकार करें तो हम दुनिया में सर्वश्रेष्ठ साबित होंगे।

आपकी जन्मभूमि के साथ आप अभी भी किस तरह जुड़े है?
जी हां। गॉंव में शौचालय, सड़कों की मरम्मत या सुधार जैसे छोटे मोटे काम, पिताजी के नाम से सार्वजानिक उपयोग के लिए स्मशान भूमि बनाने की संकल्पना है।

नवयुवकों के लिए कोई संदेश?
नौकरी अथवा व्यापार धंधे में उलझने के अलावा व्यवसायी बनाने का निश्चय करें। इससे अपने परिवार के साथ देश का भी विकास होगा।
-प्रतिनिधि 

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