कपड़ा उद्योग जैसा नहीं है दूसरा कोई उद्योग- महेश पाटोदिया एम.डी., पाटोदिया विविंग मिल्स प्रा. लि.

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केंद्र सरकार और राज्य सरकार की जो योजना है वैसी योजनाएं पहले कभी नहीं बनी। इतनी बढ़िया योजनाएं सरकार ला रही है मगर उसे अमल में लाने में अड़चन आ रही है। सरकार ने अनेक प्रकार की सहुलियते देकर अपना काम कर दिया है। उद्योग-व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, इलेक्ट्रिसिटी, निर्यात में सुविधाएं, ब्याज दर में कमी आदि सरकार की तरफ से ठोस पहल की गई है लेकिन सरकारी बाबूओं की ओर से बहुत तकलीफ है, इसका समाधान होना चाहिए।

भारतीय वस्त्र परंपरा का भविष्य बहुत उज्ज्वल है – विकास खेतान (संचालक, नीलकंठ फैब्रिक्स)

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विश्व में बहुत से विकासशील देश है या विकासशील देश बनने की कतार में हैं, उनके पास फैब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग की सुविधाएं नहीं है। विकसित देशों में मूल्य इतना अधिक होता है कि वह बाहर से आयात करना पसंद करते है। हमारे यहां टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज जो इतनी प्रगति कर रही है उसके पास बहुत ही अच्छा मौका है। वह अपने आपको निर्यात करने के काबिल बनाए तो बहुत आगे बढ़ सकती है।

आत्मनिर्भर भारत का सपना होगा पूरा – स्मृति ईरानी-(केन्द्रीय कपड़ा मंत्री)

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हमारे पारंपरिक उत्पाद जो है इसे आज बहुत बड़ा घरेलु बाजार भी मिल सकता है। धीरे-धीरे यह संवेदनशीलता हमारे देश में विकसित हो रही है। मैं आशावादी हूं चाहे वह मैन मेड फाइबर से बना हुआ कपड़ा हो अथवा कॉटन या फिर सिल्क से बना हुआ कपड़ा हो, उपभोक्ताओं की संकल्पना जैसे-जैसे हमारे देश में बढ़ेगी इसका फायदा जरूर होगा। प्रधानमंत्री मोदी जी का आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो सपना है उसे पूर्ण करने के लिए जनता जनार्दन पूर्ण रूप से सहयोग देगी तो हम घरेलु बाजार को भी हमारे उत्पादन के लिए बहुत ही सशक्त होते हुए देख रहे हैं।

राम मंदिर से राम राज्य की ओर- सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी का साक्षात्कार

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साप्ताहिक विवेक के आगामी ग्रंथ राम मंदिर से राष्ट्र मंदिर हेतु मा. मोहनजी भागवत का साक्षात्कार अमोल पेडणेकर तथा रवि गोले द्वारा लिए गए साक्षात्कार के सम्पादित अंश- अमोल - अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के प्रारंभ के साथ ही राम जन्मभूमि आंदोलन समाप्त हो गया लेकिन क्या अब भगवान…

नवरात्री: कोरोना काल में नारी की ममता और कर्तव्य का रुप

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पौराणिक कथा के अनुसार जब एक राक्षस स्वर्ग और पृथ्वी में उत्पात मचाने लगा और उसे नियंत्रित करने के देवताओं के प्रयास विफल होने लगे तो नारी शक्ति यानी मां दुर्गा का आह्वान किया गया। मां दुर्गा ने 9 दिनों तक महिषासुर से युद्ध किया और दसवें दिन उसका वध…

सब मिलकर एकसाथ कोरोना से लड़ाई लड़ें- डॉ. राजेंद्र धर्मेजा

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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ तकरीबन 6 महीनों से पूरा भारत लड़ाई लड़ रहा है। डॉ. राजेंद्र धर्मेजा भी  इस महामारी से मुकाबला करने के लिए लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उनसे कोरोना, उसकी चिकित्सा, जरूरी एहतियात और टीके आदि के बारे में हुई बातचीत के अंश यहां प्रस्तुत हैं-

जम्मू-कश्मीर में सेना पर पत्थर चलाने वालों की आप बीती

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  पथराव के बाद मिली जेल की राह जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत 11 माह जेल में बिता चुके इश्फाक ने बताया कि मैं जब भी पकड़ा गया तब परिवार के अलावा मेरी मदद के लिए दूसरा कोई नहीं आया। जिन लोगों के कहने पर मैने पत्थर चलाए, आजादी…

संगीत है तो मैं हूं और मैं हूं तो संगीत है- शंकर महादेवन

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‘हिंदी विवेक’ द्वारा आरंभ आत्मनिर्भर भारत वीड़ियो सीरिज के अंतर्गत इस बार खास वेब-भेंटवार्ता हैं प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन से। उनसे संगीत की दुनिया के अलावा, उनके परिवार, आने वाले युवा गायकों, उनकी गीता पर महत्वाकांक्षी संगीत परियोजना आदि संगीत क्षेत्र के विभिन्न विषयों पर हुई अंतरंग बातचीत के कुछ सम्पादित महत्वपूर्ण अंश यहां प्रस्तुत हैं-

भारतीय नजरिया ही संविधान की मौलिकता

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प्रसिद्ध संघ विचारक और लेखक श्री रमेश पतंगे ने वेब पर ‘हिंदी विवेक’ की आत्मनिर्भर भारत भेंटवार्ता शृंखला के दौरान जो सबसे मार्के की बात कही वह यह कि देश के संविधान को भारतीय नजरिये से देखना चाहिए, न कि पश्चिम के नजरिये से। तभी हमारे संविधान की मौलिकता का पता चल जाएगा। हमारा संविधान समानता और न्याय की बात करता है। इस पर ठीक से अमल हो तो भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ेगा। प्रस्तुत है इस प्रदीर्घ मुलाकात के कुछ महत्वपूर्ण सम्पादित अंशः-

युवाओं को ‘कंफर्ट जोन’ से बाहर निकलना चाहिए

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‘हिंदी विवेक’ द्वारा आरंभ आत्मनिर्भर भारत वेब-भेंटवार्ता की शृंखला में लद्दाख के एकमात्र युवा सांसद श्री जमयांग सेरिंग नामग्याल से युवा शक्ति और लद्दाख में अनुच्छेद 370 हटने के बाद आए बदलावों पर व्यापक बातचीत हुई। इस बातचीत के कुछ सम्पादित महत्वपूर्ण अंश यहां प्रस्तुत हैं-

देश हार्डवेयर में भी जल्द आत्मनिर्भर बन सकता है

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‘हिंदी विवेक’ द्वारा आरंभ ‘आत्मनिर्भर भारत’ वेब शृंखला के अंतर्गत एक विशेष भेंटवार्ता हैं भारत में सुपर कंप्यूटर के जनक प्रसिद्ध वैज्ञानिक श्री विजय भटकर से। उनसे आईटी के क्षेत्र में हुए तेज बदलावों, और अगले लक्ष्यों समेत कंप्यूटर हार्डवेयर के क्षेत्र में भी तेजी लाने पर विस्तृत बातचीत हुई। उनका कहना है कि सॉफ्टवेयर में हमने बाजी मार ली है, लेकिन हार्डवेयर में बहुत कुछ करना बाकी है। हम आत्मविश्वास दृढ़ करें तो अगले तीन-चार साल में ही इस क्षेत्र में भी आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उनके विचारों के कुछ सम्पादित महत्वपूर्ण अंश यहां प्रस्तुत हैं-

आत्मनिर्भरता एकांगी विचार नहीं है

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कोरोना संकट, इस दौरान सेवा कार्यों, आत्मनिर्भर भारत, राम मंदिर से उत्पन्न आत्मसम्मान की भावना आदि अनेक विषयों पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह मा. भैयाजी जोशी से ‘हिंदी विवेक’ की विशेष भेंटवार्ता के महत्वपूर्ण अंश यहां प्रस्तुत हैं-

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