कौन थे बाबा फूलासिंह, जिन्होने पेशावर पर लहाराया था भगवा ?

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14 मार्च 1823 को बाबा फूला सिंह की शहादत की वजह से ही पेशावर पर भगवा लहराया था। महाराजा रणजीत सिंह के साथ बाबा फूला सिंह ने बड़ी लड़ाई लड़ी और अपने जीवन का बलिदान कर यह लड़ाई जीत ली। दरअसल जब अफगानी मुगल आजम खान की सेना ने बलपूर्वक…

हां, यह शताब्दी हिन्दू शताब्दी है और इसका प्रतीक होगा राम मंदिर – आलोक कुमार-(विहिप कार्याध्यक्ष)

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बाबरी ढांचा गिराने से लेकर श्रीराम मंदिर निर्माण तक की पूरी प्रक्रिया में विहिप का बड़ा योगदान रहा है. वर्तमान में भी श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु पूरे देश में निधि संकलन करने का अभियान विहिप के द्वारा चलाया जा रहा है. श्रीराम मंदिर निर्माण तथा निधि संकलन अभियान से जुड़े विभिन्न विषयों पर विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार जी की ‘हिंदी विवेक’ से हुई बातचीत के कुछ प्रमुख सम्पादित अंश प्रस्तुत है

Everything About Kailash Nath Temple | कैलाश नाथ मंदिर

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  भारत में सतवाहन राज वंश की शक्ति क्षीण होनेपर दक्षिण में पल्लवों के रूप में एक नयी शक्ति का उदय हुआ. इनके साम्राज्य में पूरा आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु का उत्तरी भाग शामिल था. इन्होने कांचीपुरम को अपनी राजधानी बनायीं और ४ थी से ९ वीं सदी तक राज…

कपड़ा उद्योग जैसा नहीं है दूसरा कोई उद्योग- महेश पाटोदिया एम.डी., पाटोदिया विविंग मिल्स प्रा. लि.

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केंद्र सरकार और राज्य सरकार की जो योजना है वैसी योजनाएं पहले कभी नहीं बनी। इतनी बढ़िया योजनाएं सरकार ला रही है मगर उसे अमल में लाने में अड़चन आ रही है। सरकार ने अनेक प्रकार की सहुलियते देकर अपना काम कर दिया है। उद्योग-व्यापार को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी, इलेक्ट्रिसिटी, निर्यात में सुविधाएं, ब्याज दर में कमी आदि सरकार की तरफ से ठोस पहल की गई है लेकिन सरकारी बाबूओं की ओर से बहुत तकलीफ है, इसका समाधान होना चाहिए।

भारतीय वस्त्र परंपरा का भविष्य बहुत उज्ज्वल है – विकास खेतान (संचालक, नीलकंठ फैब्रिक्स)

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विश्व में बहुत से विकासशील देश है या विकासशील देश बनने की कतार में हैं, उनके पास फैब्रिक्स मैन्युफैक्चरिंग की सुविधाएं नहीं है। विकसित देशों में मूल्य इतना अधिक होता है कि वह बाहर से आयात करना पसंद करते है। हमारे यहां टेक्सटाइल इंडस्ट्रीज जो इतनी प्रगति कर रही है उसके पास बहुत ही अच्छा मौका है। वह अपने आपको निर्यात करने के काबिल बनाए तो बहुत आगे बढ़ सकती है।

आत्मनिर्भर भारत का सपना होगा पूरा – स्मृति ईरानी-(केन्द्रीय कपड़ा मंत्री)

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हमारे पारंपरिक उत्पाद जो है इसे आज बहुत बड़ा घरेलु बाजार भी मिल सकता है। धीरे-धीरे यह संवेदनशीलता हमारे देश में विकसित हो रही है। मैं आशावादी हूं चाहे वह मैन मेड फाइबर से बना हुआ कपड़ा हो अथवा कॉटन या फिर सिल्क से बना हुआ कपड़ा हो, उपभोक्ताओं की संकल्पना जैसे-जैसे हमारे देश में बढ़ेगी इसका फायदा जरूर होगा। प्रधानमंत्री मोदी जी का आत्मनिर्भर भारत बनाने का जो सपना है उसे पूर्ण करने के लिए जनता जनार्दन पूर्ण रूप से सहयोग देगी तो हम घरेलु बाजार को भी हमारे उत्पादन के लिए बहुत ही सशक्त होते हुए देख रहे हैं।

राम मंदिर से राम राज्य की ओर- सरसंघचालक श्री मोहन भागवत जी का साक्षात्कार

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साप्ताहिक विवेक के आगामी ग्रंथ राम मंदिर से राष्ट्र मंदिर हेतु मा. मोहनजी भागवत का साक्षात्कार अमोल पेडणेकर तथा रवि गोले द्वारा लिए गए साक्षात्कार के सम्पादित अंश- अमोल - अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के प्रारंभ के साथ ही राम जन्मभूमि आंदोलन समाप्त हो गया लेकिन क्या अब भगवान…

नवरात्री: कोरोना काल में नारी की ममता और कर्तव्य का रुप

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पौराणिक कथा के अनुसार जब एक राक्षस स्वर्ग और पृथ्वी में उत्पात मचाने लगा और उसे नियंत्रित करने के देवताओं के प्रयास विफल होने लगे तो नारी शक्ति यानी मां दुर्गा का आह्वान किया गया। मां दुर्गा ने 9 दिनों तक महिषासुर से युद्ध किया और दसवें दिन उसका वध…

सब मिलकर एकसाथ कोरोना से लड़ाई लड़ें- डॉ. राजेंद्र धर्मेजा

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वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खिलाफ तकरीबन 6 महीनों से पूरा भारत लड़ाई लड़ रहा है। डॉ. राजेंद्र धर्मेजा भी  इस महामारी से मुकाबला करने के लिए लोगों को जागरूक करने का काम कर रहे हैं। उनसे कोरोना, उसकी चिकित्सा, जरूरी एहतियात और टीके आदि के बारे में हुई बातचीत के अंश यहां प्रस्तुत हैं-

जम्मू-कश्मीर में सेना पर पत्थर चलाने वालों की आप बीती

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  पथराव के बाद मिली जेल की राह जन सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत 11 माह जेल में बिता चुके इश्फाक ने बताया कि मैं जब भी पकड़ा गया तब परिवार के अलावा मेरी मदद के लिए दूसरा कोई नहीं आया। जिन लोगों के कहने पर मैने पत्थर चलाए, आजादी…

संगीत है तो मैं हूं और मैं हूं तो संगीत है- शंकर महादेवन

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‘हिंदी विवेक’ द्वारा आरंभ आत्मनिर्भर भारत वीड़ियो सीरिज के अंतर्गत इस बार खास वेब-भेंटवार्ता हैं प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन से। उनसे संगीत की दुनिया के अलावा, उनके परिवार, आने वाले युवा गायकों, उनकी गीता पर महत्वाकांक्षी संगीत परियोजना आदि संगीत क्षेत्र के विभिन्न विषयों पर हुई अंतरंग बातचीत के कुछ सम्पादित महत्वपूर्ण अंश यहां प्रस्तुत हैं-

भारतीय नजरिया ही संविधान की मौलिकता

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प्रसिद्ध संघ विचारक और लेखक श्री रमेश पतंगे ने वेब पर ‘हिंदी विवेक’ की आत्मनिर्भर भारत भेंटवार्ता शृंखला के दौरान जो सबसे मार्के की बात कही वह यह कि देश के संविधान को भारतीय नजरिये से देखना चाहिए, न कि पश्चिम के नजरिये से। तभी हमारे संविधान की मौलिकता का पता चल जाएगा। हमारा संविधान समानता और न्याय की बात करता है। इस पर ठीक से अमल हो तो भारत आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ेगा। प्रस्तुत है इस प्रदीर्घ मुलाकात के कुछ महत्वपूर्ण सम्पादित अंशः-

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