चलो! कदम मिलाकर चले…

**** पंकज डेका****

 स्वतंत्रता के छह दशकों के बाद भी पूर्वोत्तर में कई  प्रदेशों तक रेल की सुविधा नही है,न ही अंतिम ग्राम तक सडक मार्ग  ही है। जबकि हमारे पडोसी देशों ने उनके मार्ग पर आने वाले हायवे और बुलेट ट्रेन की तथा २४ घंटे पानी की सुविधा दे रखी है।

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