जोल्ले चेरिटी फाउंडेशन का अभूतपूर्व सेवाकार्य

कोरोना महामारी और लॉक डाउन ने सभी लोगों की आर्थिक स्थिति ख़राब कर दी है। कर्नाटक राज्य में भी लोगों का बुरा हाल हो गया था। संकट के इस समय में जोल्ले चेरिटी फाउंडेशन ने अभूतपूर्व सेवा कार्य कर लोगों को राहत प्रदान की। जिससे नागरिकों के चेहरे पर मुस्कान आई। चिकोडी लोकसभा के सांसद अण्णासाहेब जोल्ले, कर्नाटक राज्य महिला व बालकल्याण मंत्री शशिकला जोल्ले, बसव प्रसाद जोल्ले, ज्योति प्रसाद जोल्ले इस परिवार ने कोरोनाकाल में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रत्येक जरूरतमंद की सेवा, चिकित्सा, मदद करने में जोल्ले परिवार के सभी सदस्य तन-मन-धन से जुटे हुए थे। आइये उनके विराट सेवाकार्यों पर नजर डालते है।

कोरोना से बचाव के लिए जोल्ले दम्पति ने चिकोडी लोकसभा क्षेत्र और निपाणी विधानसभा क्षेत्र में कुल 8 कोविड सेंटरों का निर्माण करवाया। सभी प्रकार की आधुनिक सुख सुविधाओं से युक्त इन कोविड सेंटरों में विशेषज्ञ डॉक्टर और नर्स 24 घंटे उपलब्ध है।
अब तक 600 से अधिक मरीज इलाज करवा कर और पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर अपने घर वापस लौटे हैं।

इन 8 कोविड सेंटरों में से निपाणी में 16 ऑक्सीजन बेड, बोरगाव सेंटर में 10 ऑक्सीजन बेड, रायबाग सेंटर में 20 ऑक्सीजन बेड, ऐसे कुल मिलाकर 46 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की गई है।

60 ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेट, 44 जनरल बेड कुल मिलाकर 150 बेड की व्यवस्था जोल्ले चेरिटी फाउन्डेशन की ओर से की गई है। यह सारी सुविधाएं निशुल्क प्रदान की जा रही है।

इन सभी कोविड सेंटरों में लगभग 200 कर्मचारी कार्यरत है, उनका वेतन भी फाउन्डेशन की ओर से दिया जा रहा है।
कोरोना से प्रभावित मरीजों के मनोरंजन के लिए प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। अनेक सामाजिक संस्थाएं यहां आकर मनोरंजन करती हैं। जिससे मरीज अपना दुःख दर्द भूलकर तनाव रहित हो जाते हैं और सभी के साथ एकाकार होकर खुलकर हंसते गाते हैं।

यहां कार्यरत सभी विशेषज्ञ व अनुभवी डॉक्टर, नर्स, व्यवस्थापाकि आदि कर्मचारी रात-दिन अपनी सेवाएं देते है। इनकी खासियत है कि ये मरीजों के साथ अपनेपन की भावना से उनका उपचार करते है।

कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से मुकाबला करने के लिए जोल्ले परिवार ने ऑक्सीजन प्लांट का निर्माण करवाया है, जिससे यहां पर ऑक्सीजन की कमी से किसी को जूझना नही पड़ेगा और पर्याप्त मात्रा में सभी को सहज सुलभ रूप से ऑक्सीजन मिलेगा।

इसके साथ ही प्रत्येक गांव में जोल्ले चेरिटी फाउंडेशन की ओर से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने हेतु आवश्यक गोलियां, काढ़ा, ऑक्सीजन की मात्रा चेक करने हेतु यंत्र आदि वितरित की गई है। आंगन वाडी कर्मचारी व आशा कार्यकर्ता मरीजों का बखूबी ख्याल रख रहे है और समय -समय पर उन्हें मार्गदर्शन भी कर रहे है।

इस कोरोना महामारी में जोल्ले परिवार ने कोरोना योद्धा बनकर इससे लोगों को निजात दिलाने का साहसिक कार्य किया है इसलिए वह सभी अभिनंदन के पात्र है। स्थानीय लोग खुले दिल से उनकी प्रशंसा कर रहे है और गांव-गांव में उनके सेवाकार्यों पर चर्चा हो रही है। अण्णासाहेब जोल्ले की दूरदृष्टि, शशिकला की ममता और बसव प्रसाद जोल्ले के उत्कृष्ट नियोजन के त्रिवेणी संगम से उक्त सभी कार्य सफल हुए है।

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