किन राज्यों में खुले स्कूल और क्या है गाइडलाइन

राज्य सरकारों के सामने भी बड़ी अजीब सी समस्या आ गयी है कि अगर सब कुछ बंद करें तो लोगों की जान तो बच जायेगी लेकिन जीवन और अर्थव्यवस्था भी रुक जा रही है और अगर लोगों को बाहर जाने की इजाज़त दी जाती है तो फिर जान का खतरा बन जाता है। करीब 1.5 साल से अधिक समय से बच्चे स्कूल नहीं गए हैं। 2 अगस्त से कुछ राज्यों ने स्कूलों को खोलने की इजाज़त दे दी और बच्चों को माता-पिता की सहमति के बाद स्कूल भेजना का निर्णय लिया है। उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल और छत्तीसगढ़ में स्कूलों को 2 अगस्त यानी सोमवार से खोल दिया गया है जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने 16 अगस्त से राज्य में स्कूल खोलने का निर्णय लिया है। 

उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल और छत्तीसगढ़ की सरकारों का स्कूल खोलने का निर्णय भी एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि सरकार को भी इस बात का डर है कि स्कूल खोलने से कहीं संक्रमण में तेजी ना जाए। उत्तराखंड सरकार ने संक्रमण को ध्यान में रखते हुए सिर्फ 9 से 12 तक के ही छात्रों को स्कूल जाने की परमिशन दी है अगर सब कुछ ठीक रहा है तो 16 अगस्त से कक्षा 6-8 तक के भी छात्रों को स्कूल जाने की परमिशन मिल जायेगी। पंजाब सरकार ने जोखिम उठाते हुए कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के छात्रों को बुलाया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने भी लॉकडाउन के बाद 10वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोल दिया है। 50 फीसदी क्षमता के साथ सरकारी और निजी स्कूलों को चलाया जायेगा।  
उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल, छत्तीसगढ़ के अलावा महाराष्ट्र, बिहार और आंध्र प्रदेश की सरकारों ने भी स्कूलों को खोलने की शुरुआत कर दी है हालांकि सभी ने कोविड नियमों का पालन करने का निर्देश दिया है। सभी का स्कूल आना अनिवार्य नहीं किया गया है अगर कोई ऑनलाइन पढ़ाई करना चाहता है तो वह कर सकता है। 
सभी राज्य सरकारों की तरफ से प्रशासन को कड़ा निर्देश दिया गया है कि वह स्कूल में कोरोना नियमों का पालन जरूर करें जैसे स्कूल प्रतिदिन सेनेटाइज होना चाहिए, बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग, मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी होना अनिवार्य है। खांसी, सर्दी, जुकाम और अस्वास्थ्य बच्चों को स्कूल में आने की अनुमति नहीं दी जायेगी। 

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