वर्ल्ड आर्डर का अदृश्य रिंग

जब आप ताशकंद फाइल्स देखते हैं तो एक अदृश्य संदेश भी समझ में आता है। दुनिया और दुनिया के देशों में जो ब्रॉड लेवल पर घटनाएं होती हैं जिनमें CIA और KGB की भूमिका होती है ये धीरे धीरे प्लांड वे में नीचे तक जाती हैं और इसमें वे वहां की सरकारों, विपक्ष, मीडिया और प्रभाव डालने वाले लोगों को भी शामिल कर लेते हैं। दुनिया के जासूसी इतिहास के आर्काइव में यह सब मिल जायेगा। इसके अलावा भी एक रिंग है वह है दुनिया के चुनिंदा परिवारों का रिंग जिसमें Rothschiled और Rockfeller जैसे कुछ परिवार हैं जो पूरी दुनिया के कारोबार का कमान अपने पास रखते हैं। दुनिया में तेल का महत्व बढ़ने से इस अदृश्य रिंग में खाड़ी देशों का भी एक अदृश्य रिंग तैयार हो गया है जिससे एक नया वर्ल्ड आर्डर तैयार हो रहा है। भारत इस अदृश्य रिंग के हमेशा टारगेट में रहता है। हमारे आसपास बहुत सी ऐसी घटनाएं घट जाती हैं जिसे बहुत पहले इन्होने प्लान किया होता है और हमें पता नहीं चलता। कई बार हम अनजाने में इनके लिखे पटकथा के पात्र हो जाते हैं और हमें लगता है की हम अपना रोल कर रहें हैं। और इस अदृश्य रिंग में ईसाई यहूदी और इस्लामिक ताकतवर लोग शामिल हैं। इसलिये यदि संयुक्त राष्ट्र में भारत यह कहता है की गैर-अब्राहम धर्मों के खिलाफ घृणा की निंदा करने का समय आ गया है तो यह बहुत बड़े साहस की बात है।

 

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