शहरी माओवाद नक्सली की वास्तविकता 

एल्गार वालो तुम समाज को एक,दो,तीन बार गुमराह करोगे लेकिन सजग संविधानवादी तुम्हारी पोल खोल देंगे… कई बार..

सुधीर ढवले, हर्षाली और अर्बन गैंग खुले आम समर्थन और समर्थन करते हैं जिस आतंकवादी संगठन पर आपने बैन लगाया है, उनके लिए क्रांति का गीत गाओ, किताबें लिखो जो खुले आम नक्सल आंदोलन का समर्थन करते हैं तो आप अम्बेडकर कैसे? अम्बेडकर आंदोलन को बदनाम कर रहे हो।

मुंबई के श्रीधर श्रीनिवासन सहित कुछ लोगों को एटीएस ने 1959 में सक्रिय माओवादी होने के आरोप में गिरफ्तार किया था। श्रीधर को कोर्ट ने दोषी करार दिया। वह भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रतिबंधित जहल वामपंथी आतंकवादी संगठन – माओवादी (CPI-MAOIST) का सक्रिय सदस्य साबित हुआ। सजा सुनाई जाने के बाद जेल से रिहा होने के बाद अगस्त 2019 के दौरान श्रीधर का दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। वह सीपीआई-माओस्ट आतंकवादी संगठन का केंद्रीय समिति सदस्य होने का खुलासा किया गया था। फिर भी उनकी याद में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, यह गढ़चिरौली के जंगल में नहीं बल्कि मुंबई मराठी पत्रकार संघ में 22 अक्टूबर 2018 को था। इसमें एल्गार परिषद संयोजक हर्षाली पोतदार, सुधीर ढवाले समेत संदिग्ध माओवादी आरोपी एड सुरेंद्र गडलिंग व अन्य कार्यकर्ताओं ने एल्गार अपराध में भाग लिया और मंच पर जाकर गीत गाया।

कोरेगांव भीमा जांच आयोग के सामने इस हर्षाली का उल्टा निरीक्षण चल रहा है। एडवोकेट प्रदीप गावडे ने माओवादी नेता श्रीधर की स्मृति में हर्षाली की गीत गाते हुए फोटो आयोग को भेंट की। इस फोटो में हर्षाली के साथ उनके रिपब्लिकन पैंथर ग्रुप के एक्टर जो खुद को अम्बेडकर कहते हैं। हर्षाली ने आयोग के सामने फोटो में खुद की पहचान की, गडलिंग, ढवाले और अन्य कलाकारों की। इस फोटो में हर्षाली ने कबीर कला मंच से जुड़े नक्सलवाद अपराध की आरोपी अनुराधा को भी पहचान लिया है।

अक्टूबर 2019 के दौरान मुंबई में एक बार फिर श्रीधर की स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किया गया। हर्षाली, ढवले व अन्य रिपब्लिकन पैंथर ग्रुप के कलाकार जो खुद को अम्बेडकर कहते थे फिर से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। आयोग के सामने उनकी फोटो भी पेश की गई है। इस फोटो में हर्षाली ने आयोग के सामने अपनी पहचान की है। इस कार्यक्रम में श्रीधर से संबंधित पुस्तक का प्रकाशन किया गया। किताब में एल्गार अपराध में माओवादी गिरफ्तारी संदिग्ध आनंद तेलतुंबडे का एक लेख है। तेलतुंबडे इस लेख में स्पष्ट करते हैं कि श्रीधर जैसे माओवादी आज के समय के भगत सिंह हैं। शहीद भगत सिंह की तुलना एक माओवादी आतंकवादी से नहीं हो सकती। हर्षाली की उल्टी जांच हुई इस बयान पर कि ये सर्वोच्च बलिदान शहीद भगत सिंह का अपमान है। उसने उस पर एक आकर्षक जवाब दिया।

माकपा-माओस्ट आतंकवादी संगठन अदालत द्वारा दोषी करार दिए गए नेता की याद में मुंबई में लगातार दो कार्यक्रम आयोजित करता है, जिसमें एल्गार परिषद के आयोजकों की सीधी भागीदारी दिखाई जाती है। फिर उन्हें अम्बेडकर कैसे कहें ? हर्षाली,ढवले,रिपब्लिकन पैंथर और कबीर कला मंच के कलाकार झूठे अम्बेडकरवादी है जो एल्गार परिषद आयोजक समाज को गुमराह करते हैं। मूल रूप से ये सभी संदिग्ध अनपढ़ वामपंथी कम्युनिस्ट सोच के हैं। महामानव डॉ अम्बेडकर ऐसी कम्युनिस्ट सोच के खिलाफ थे।

उल्टी जांच में क्या CPI-MAOIST आतंकवादी संगठन संवैधानिक तरीके से काम करता है? इतना सरल सवाल पूछ लिया। उस पर – हमने ऐसा कुछ भी पढ़ा नहीं है, उसने उलझन में जवाब दिया। सोचो भाई लोग सब गड़बड़ है।

अब तो तुम्हारी अर्बन गैंग पूरी तरह बेनकाब हो चुकी है। तुम्हारे मास्टरमाइंड म्होरके, तथाकथित विचारक, अभिनेता जेल में डाल दिया गया है। साढ़े तीन साल से कोर्ट ने इन्हें जमानत नहीं दी है।

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सागर शिंदे

 

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