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वीडियो कॉलिंग, कान्फ्रेंसिंग और वेबिनार की सुविधा ने सूचना क्रांति को और आगे बढ़ा दिया है। निजी और कम्पनी क्षेत्र दोनों इससे लाभान्वित हो रहे हैं। इसके जरिए आप लगभग प्रत्यक्ष रूप से हर जगह मौजूद रह सकते हैं।

अपने आत्मीयजनों की तीव्रता से याद आ रही हो परंतु वे हमसे बहुत दूर हैं। ऐसे समय में वीडियो कॉलिंग के माध्यम से हम उनसे तुरंत बात कर सकते हैं एवं उनको बात करते हुए देख भी सकते हैं। यह तकनीक बहुत सरल और सस्ती हो गई है। आईएमओ, वॉट्सएप, स्काइप जैसे अनेक एप्स हमारे मोबाइल पर विराजमान होंगे। इन एप्स के माध्यम से हम सरलता से वीडियो कॉलिंग कर सकते हैं।

अप्रैल 2015 को मेरे आत्मीय मित्र के पुत्र अर्णव की वर्षगांठ थी। अर्णव की मां एक जानीमानी आई.टी. कम्पनी में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत थी। कंपनी के आवश्यक कार्य से वह अमेरिका गई थी। छोटा अर्णव अपने पिताजी एवं दादा-दादी के साथ वर्षगांठ के दिन नवी मुंबई के घर में था। अर्णव की वर्षगांठ का समारोह उसकी मां अमेरिका में बैठकर वेब कैमरे के माध्यम से लैपटाप पर देख रही थी। अर्णव के साथ बात भी कर रही थी। अर्णव लैपटाप की स्क्रीन पर ही अपनी मां का चुम्बन ले रहा था। समारोह में उपस्थित सारे लोग यह दृश्य अश्रुपूरित नयनों से देख रहे थे। ऐसी कर्तव्यनिष्ठ मां की सभी लोग सराहना कर रहे थे। केवल इस तकनीक के कारण इस समारोह में अर्णव की मां लगभग प्रत्यक्ष भाग ले रही थी।

फोन पर बात करने के बाद आई हुई तकनीक का लाभ सभी क्षेत्रों में लोगों को हुआ है। इस तकनीक के उपयोग के साथ ही लोगों की अपेक्षाएं भी बढ़ती जाती हैं एवं इस क्षेत्र में संशोधनों को केंद्र द्वारा प्रोत्साहन दिया जा रहा है। आज अनेक जगह एक ही समय में उपस्थित व्यक्ति या व्यक्तियों के समूह सहजता से एक दूसरे को देख सकते हैं एवं बात कर सकते हैं। सभी को एक ही समय एक ही स्थान पर उपस्थित होने में यदि कठिनाई हो तो वीडियो कान्फ्रेंसिंग, वेबिनार के माध्यम से इस प्रकार की बैठकें, जलसे सहज संपन्न हो रहे हैं। इस तकनीक के कारण कंपनियों का बैठकों पर खर्च उल्लेखनीय रूप से कम हुआ है। वेबिनार रिकार्ड होने के कारण यदि किसी को उस समय उपस्थित होने में कठिनाई हो तो वह बाद में रेकार्डेड वेबिनार सहजता से देख सकता है। संभाषण सुन सकता है एवं अपना मत फोरम के माध्यम से पोस्ट कर सकता है।

सन 1870 से वीडियो कालिंग की संकल्पना पर संशोधन प्रारंभ हुए थे। एटी एन्ड टी कम्पनी ने सन 1927 में इस तकनीक को विश्व के लिए जारी कर अद्भुत चमत्कार को जन्म दिया। जनसामान्य हेतु 1990 के दशक में संगणक क्रांति के बाद वेब कैमरे के आधार पर वीडियो कॉलिंग की तकनीक प्रारंभ हुई। सन 2002 में नोकिया कंपनी ने मोबाइल में कैमरे लगाकर यह चित्र स्पष्ट कर दिया कि भविष्य में मोबाइल के माध्यम से ‘सब कुछ’ किया जा सकेगा। एक ही समय में अनेक व्यक्तियों के साथ वीडियो कालिंग/कान्फ्रेंसिंग की संभावना पर विचार प्रारंभ हुआ एवं ऐसी सुविधा इंटरनेट के माध्यम से, स्काइप, गूगल, www.uberconference.com, www.anymeeting.com,www.mikogo.com, www.tokbox.com, www.zoom.us, www.kinly.com

ने अत्यंत सरल पद्धति से संभव की। वेबिनार के माध्यम से विश्व के अनेक व्यक्ति एकसाथ भाग ले सकते हैं। यह सेवा सशुल्क होने के बावजूद उसकी व्यापकता को देखते हुए शुल्क बिलकुल नगण्य लगता है। ’थेीज्ञळपस ीेंसशींहशी.र्एींशीूुहशीश.’ यह घोषवाक्य ही हमें इस तकनीक की व्यापकता एवं इसे अपने कार्य में समाविष्ट करने की अपरिहार्यता का बोध कराते हैं।

‘गूगल हैंग आउट’ सॉफ्टवेअर एप कार्यालयीन बैठक हेतु सरलता से हम उपयोग में ला सकते हैं। ’हेु वेर् ूेी ीशींर् ीि र सेेसश्रश हरपर्सेीीं ाशशींळपस? यह वाक्य गूगल सर्च में टाइप करने बाद हमें ‘गुगल हैंग आउट मीट‘  लिंक उपलब्ध होगी। इसके माध्यम से साइन इन करके अपने सहकर्मियों को बैठक में शामिल कर सकते हैं। बैठक की पूर्व सूचना, याद दिलाना इत्यादि काम गूगल को एक बार सूचना देने के बाद अपने आप होते हैं। अपने उत्पादन का डेमो देने हेतु सेल्समेन/ सेल्सगर्ल घर घर जाते हैं या कार्यालय में उपस्थित रहकर देते हैं। अब वीडियो कान्फ्रेंसिंग की सुविधा के बाद सेल करनेवाली व्यक्ति अपने कार्यालय में बैठकर ही यह कार्य करने लगी है। किसी मशीन में सुधार हेतु इंजीनियर उनके ऑफिस से ही ग्राहकों को सलाह देने लगे हैं। इस तकनीक से मशीन में कहां खराबी है, यह निश्चित रूप से पता कर फिर मशीन को सुधार हेतु मेकेनिक घर भेजे जाते हैं। इसके कारण ग्राहक ऐसी सेवाओं एवं सुविधाओं पर बहुत खुश होते हैं। इस माध्यम से कम्पनियां भी नए ग्राहकों को आकर्षित कर अपना माल बेच सकती हैं। यदि ग्राहक ही कंपनी के सेल्स प्रतिनिधि हों तो ऐसी कम्पनियां बिक्री के लिए नए आयाम पार करती हैं। मेडिकल के क्षेत्र में वीडियो कान्फ्रेंसिंग का उपयोग बढ़ रहा है। डॉक्टर एवं मरीज के बीच का तुरंत और सीधा संवाद मरीज को आश्वस्त कराता है।

वीडियो कान्फ्रेंसिंग के उपयोग करने से निम्न लाभ होते हैं-

* बैठक होगी यानी अवश्य होगी। वातावरण प्रतिकूल हो, ट्रेन-बस-हवाई जहाज के पहुंचने में देर हो, या क्षेत्र में लगा कर्फ्यू भी लगा हो, बैठक के लिए बाधा उत्पन्न नहीं कर सकते।

* बैठक में अपेक्षित न हो फिर भी यदि किसी व्यक्ति की आवश्यकता महसूस हो तो उसे उसी समय बैठक में शामिल किया जा सकता है। इसके कारण बैठक की फलश्रुति अधिक परिपक्व होती है।

* यात्रा की मानसिक एवं शारिरिक थकान न होने के कारण सहकर्मियों की उत्पादन क्षमता एवं कार्यक्षमता में बढ़ोत्तरी होती है। समय एवं पैसे की बचत होती है। यात्रा में होने वाले खतरे नहीं होते हैं।

* कार्यकाल की बैठकों के दौरान गोपनीय विषयों की चर्चा होती है और इसके लिए, दीवारों के भी कान होते हैं, इस उक्ति को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्रवाई/इंतजाम करने होते हैं। वीडियो कान्फ्रेंसिंग के लिए क्लोज ग्रुप कांसेप्ट, लॉग इन, पासवर्ड, ओटीपी इत्यादि सिक्योरिटी के लिए उपलब्ध होते हैं। इसके कारण गोपनीयता की अधिक संभावना होती है।

कार्यालयीन बैठकों के अलावा शिक्षा के क्षेत्र में भी इसका प्रयोग तेजी से बढ़ रहा है। ‘वर्चुअल क्लासरूम’ की संकल्पना के कारण भविष्य में बड़े विद्यालयों, ट्यूशन एवं कोचिंग क्लासेस की आवश्यकता समाप्त होने के लक्षण हैं। अभिभावकों को भी यह सेवा अल्प दरों में उपलब्ध होगी। विख्यात गुणी शिक्षकों को एक ही समय में हजारों-लाखों विद्यार्थियों तक पहुंचना सहज संभव होगा। इसका फायदा विद्यार्थियों को भी हो रहा है। वेबिनार के बाद प्रश्नोत्तरों के माध्यम से 10-12 दिन बाद भी अपने शिक्षकों से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। पूर्व में सिखाए गए पाठ फिर से देखकर विद्यार्थी रिवीजन कर सकते हैं।

होम स्कूलिंग का कंसेप्ट भी अब बढ़ रहा है। विद्यालयों, महाविद्यालयों की आवश्यकता केवल शिक्षक विद्यार्थी मिलन एवं मैदानी खेलों तक ही सीमित होने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता।  वीडियो कान्फ्रेंसिंग के साथ रिमोट डेस्कटॉप कंट्रोल की संकल्पना भी अपरिहार्य हो रही है। मेरे डेस्कटॉप के सॉफ्टवेयर में आनेवाली अडचनें किसी अन्य जगह बैठे हुए इंजीनियर इंटरनेट के माध्यम से सहज सुलझा सकते हैं। उदाहरणार्थ किसी सॉफ्टवेयर के कारण हमारा काम रुक सकता है एवं संबंधित इंजीनियर कहीं दूर बैठा है, उसका तत्काल उपलब्ध होना संभव नंहीं है तब वह उसके कार्यालय से हमारे कम्प्यूटर का कीबोर्ड चला सकता है। इसके कारण हमारी अड़चनों का त्वरित निदान संभव है। ुुु.रपूवशीज्ञ.लेा, ुुु.रााूू.लेा, ुुु.ींशर्राींळशुशी.लेा जैसे अनेक उपाय नि:शुल्क-सशुल्क उपलब्ध है। सॉफ्टवेयर डेटा फाइल ट्रान्सफर करने में भी मदद करते हैं। एक एम.बी. से पचास एम.बी. तक या उससे बड़े आकार की डेटा फाइल रिमोट डेस्कटॉप एप्लीकेशन्स के द्वारा अपलोड या डाउनलोड की जा सकती है।

व्हर्चुअल मिटिंग्ज, कॉन्फे्ंरस के कारण कंपनी सेल्स तथा उत्पादन क्षमता में बढ़ोत्तरी दिखाई दे रही है। इस माध्यम का हम कैसे उपयोग कर सकते हैं इस पर सोच-विचार करके अपनी प्रगति कीजिए।

 

 

 

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