वाशिंगटन के अंधेरे कमरे में डोनाल्ड ट्रंप एक बड़े से ग्लोब को घुमा रहे हैं। जैसे ही उनकी उंगली भारत पर रुकती है, उन्हें करंट लगता है।
ट्रंप: “व्हाट? उर्सुला ने मोदीजी के साथ FTA साइन कर लिया? ये यूरोप वाले मेरी ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति की धज्जियां उड़ा रहे हैं! लाओ मेरा वो लाल पेन, मैं भारत के हर सामान पर 500% टैरिफ लगाऊँगा!”
तभी टीवी पर खबर आती है कि भारत ने अपनी शर्तों पर यूरोप को झुका लिया है। ट्रंप का गुस्सा अचानक ‘कॉमेडी’ में बदल जाता है। वह आईने के सामने खड़े होकर अपनी जुल्फें ठीक करते हैं।
ट्रंप: “ओह, चलो छोड़ो! गुस्सा सेहत के लिए बुरा है। वैसे भी भारत के साथ ट्रेड करने में जो मजा है, वो कहीं नहीं। मेलानिया! ज़रा मोदीजी को ‘फ्रेंडशिप रिक्वेस्ट’ भेजो और कहो कि ट्रंप अपना नया ‘ट्रंप टावर’ दिल्ली में शिफ्ट करने की सोच रहा है!”

उर्सुला (यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष) हाथ में बड़ी सी ‘FTA फाइल’ लिए तेज़ी से जा रही हैं, तभी सामने से लाल रंग के सूट में जॉर्जिया मेलोनी अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ एंट्री मारती हैं। बैकग्राउंड में ‘बाजीराव मस्तानी’ का ‘पिंगा’ म्यूजिक बजने लगता है।
उर्सुला (तीखे लहजे में): “जॉर्जिया! तुम यहाँ क्या कर रही हो? मैंने तो अभी-अभी पूरी यूरोपियन यूनियन की तरफ से डील फाइनल की है। तुम अपनी ‘इटली’ की दुकान अलग से क्यों सजा रही हो?”
मेलोनी (पलकें झपकाते हुए): “उर्सुला डार्लिंग, तुम डील लाई हो, अच्छी बात है। कागजों पर दस्तखत करना तुम्हारा काम है, लेकिन दिलों पर दस्तखत करना… वो मेरी स्पेशलिटी है! तुमने ‘ट्रेड’ किया है, मैंने ‘ट्रेंड’ (Melodi) सेट किया है।”
उर्सुला (गुस्से से लाल होकर): “ये क्या बचपना है? मैं यहाँ करोड़ों यूरो के व्यापार की बात कर रही हूँ, और तुम सेल्फी और मुस्कुराहट की? मोदीजी एक ग्लोबल लीडर हैं, कोई बॉलीवुड के हीरो नहीं!”
मेलोनी (उर्सुला के कान के पास आकर): “ओह उर्सुला, तुम कितनी बोरिंग हो! कूटनीति सिर्फ फाइलों में नहीं होती। जब हम साथ होते हैं, तो दुनिया उसे ‘केमिस्ट्री’ कहती है। तुम्हारी फाइलें धूल फांकेंगी, और मेरी सेल्फी… वो तो इतिहास रचेगी। आखिर ‘झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए’—और मोदीजी ने तुम्हें झुका कर ही तो साइन करवाया है!”
उर्सुला: “तुम्हारी ये ‘जलन’ मैं साफ़ देख सकती हूँ मेलोनी! तुम बस एक सेल्फी के लिए तरसती हो, जबकि मैं पूरे महाद्वीप की शक्ति लेकर खड़ी हूँ।”
मेलोनी: “शक्ति? उर्सुला, शक्ति वो होती है जो बिना कहे काम कर जाए। मोदीजी को पता है कि असली ‘दोस्त’ कौन है और ‘कॉन्ट्रैक्टर’ कौन!”

मोदीजी सफेद कुर्ते और जैकेट में, कंधे पर गमछा डाले, धीमे कदमों से चलते हुए आते हैं। दोनों महिला नेता तुरंत अपनी तीखी बहस रोककर ‘स्टैच्यू’ बन जाती हैं।
मोदीजी (मुस्कुराते हुए): “उर्सुला जी, आपकी फाइलें बहुत वज़नदार हैं… और मेलोनी जी, आपकी ऊर्जा भी कमाल की है! लेकिन आप दोनों आपस में क्यों लड़ रही हैं? भारत का दिल बहुत बड़ा है, यहाँ सबके लिए जगह है।”
उधर ट्रंप वीडियो कॉल पर बीच में ही टपक पड़ते हैं।
ट्रंप (स्क्रीन पर): “नमस्ते मोदीजी! मुझे भूल गए? ये उर्सुला और मेलोनी तो बस अभी आई हैं, मैं तो आपका पुराना ‘बेस्ट फ्रेंड’ हूँ! ये लीजिए मेरी तरफ से बिना किसी शर्त के ट्रेड ऑफर। बस एक बार ‘Howdy Trump’ फिर से बोल दीजिए!”
मोदीजी : “भाइयों और बहनों! ये नया भारत है। अब हम किसी के पीछे नहीं चलते, दुनिया हमारे पीछे चलती है। उर्सुला जी, व्यापार मुबारक हो। मेलोनी जी, दोस्ती मुबारक हो। और ट्रंप जी… आपको ‘ऑल द बेस्ट’!”
उर्सुला अपनी फाइलें संभालती रह जाती हैं, मेलोनी अपनी अगली सेल्फी का एंगल सेट करती हैं, और ट्रंप वाशिंगटन में बैठकर ‘नमस्ते’ की प्रैक्टिस करने लगते हैं। मोदीजी एक मझे हुए खिलाड़ी की तरह विश्व पटल पर मुस्कुराते हुए आगे बढ़ जाते हैं।
“कामयाबी ऐसी हो कि दुनिया आपके लिए लड़े, और आप शांति से सबको ‘चाय’ पर आमंत्रित करें।”

