भारतीय भोजन परंपरा में छाछ (मठा या ताक) का एक विशेष स्थान है। यह केवल एक पेय नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, संतुलन और पाचन का प्राकृतिक समाधान है। सदियों से आयुर्वेद में छाछ को औषधि के रूप में माना गया है। आज जब लोग कोल्ड ड्रिंक और पैकेज्ड ड्रिंक्स की ओर भाग रहे हैं, तब छाछ एक ऐसा देसी विकल्प है जो सस्ता, सुलभ और अत्यंत लाभकारी है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि छाछ पीने के फायदे क्या हैं, इसे कब और कैसे पीना चाहिए, किन लोगों को इसका सेवन ज़रूर करना चाहिए और किन परिस्थितियों में सावधानी बरतनी चाहिए।
छाछ क्या है?
छाछ दही को मथने के बाद प्राप्त होने वाला तरल पदार्थ है। जब मक्खन अलग हो जाता है, तब जो हल्का, पतला और खट्टा-मीठा पेय बचता है, वही छाछ कहलाता है। इसमें दही के अधिकांश गुणकारी तत्व, जैसे प्रोबायोटिक्स, कैल्शियम और विटामिन्स मौजूद रहते हैं, जबकि वसा (फैट) बहुत कम होती है।
अग्नि को प्रदीप्त करती है. वात और कफ दोष को संतुलित करती है पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है चरक संहिता में छाछ को दीपन, पाचन और रोगनाशक बताया गया है। यही कारण है कि कई आयुर्वेदिक उपचारों में छाछ का उपयोग किया जाता है। छाछ पीने के प्रमुख फायदे

1. पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है
छाछ में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं। इससे:
गैस
एसिडिटी
अपच
कब्ज, जैसी समस्याओं से राहत मिलती है। भोजन के बाद छाछ पीने से खाना आसानी से पचता है।
2. वजन घटाने में सहायक
जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए छाछ एक बेहतरीन विकल्प है।
कम कैलोरी
कम फैट
पेट लंबे समय तक भरा रहता है
छाछ भूख को नियंत्रित करती है और अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाती है।

3. शरीर को ठंडक पहुंचाती है
गर्मी के मौसम में छाछ शरीर की अंदरूनी गर्मी को शांत करती है। यह लू, डिहाइड्रेशन और थकान से बचाव में मदद करती है।
4. हड्डियों को मजबूत बनाती है
छाछ में कैल्शियम और फॉस्फोरस पाया जाता है, जो:
हड्डियों को मजबूत करता है
ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव करता है
दांतों की सेहत सुधारता है
5. इम्यून सिस्टम को मजबूत करती है
छाछ में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। नियमित सेवन से:
बार-बार होने वाले संक्रमण
सर्दी-खांसी
पेट की बीमारियाँ
कम होती हैं।
6. हाई ब्लड प्रेशर में फायदेमंद
छाछ में पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक है। यह हृदय को स्वस्थ रखती है।
7. त्वचा के लिए वरदान
छाछ पीने से त्वचा पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है:
मुंहासे कम होते हैं
त्वचा में निखार आता है
रूखापन कम होता है
छाछ शरीर को अंदर से डिटॉक्स करती है, जिसका असर त्वचा पर दिखता है।
8. शरीर को डिटॉक्स करती है
छाछ लीवर और पाचन तंत्र को साफ रखने में मदद करती है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालती है।
9. डायबिटीज में लाभकारी
छाछ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, इसलिए यह ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ाती। डायबिटीज के मरीज सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं।
10. थकान और कमजोरी दूर करती है
छाछ में मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं। दिनभर की थकान के बाद एक गिलास छाछ बहुत राहत देती है।
छाछ पीने का सही समय
दोपहर के भोजन के बाद: सबसे उत्तम
गर्मियों में: दिन में 1–2 बार
सुबह खाली पेट: हल्की छाछ ली जा सकती है (डॉक्टर की सलाह से)
छाछ कैसे बनाएं? (घर पर आसान विधि)
सामग्री:
- 1 कटोरी दही
- 1–2 गिलास पानी
- स्वादानुसार नमक
- भुना जीरा पाउडर
- पुदीना / धनिया (वैकल्पिक)
विधि:
- दही को अच्छी तरह मथ लें
- उसमें पानी मिलाएं
- नमक और जीरा डालें
- अच्छी तरह मिलाकर ठंडी-ठंडी परोसें
- छाछ में क्या मिलाकर पीना ज्यादा फायदेमंद है?
- जीरा: गैस और अपच में लाभ
- पुदीना: ठंडक और ताजगी
- हींग: पेट दर्द और गैस
- किन लोगों को छाछ पीते समय सावधानी रखनी चाहिए?
- सर्दी-जुकाम में रात को छाछ न पिएं
- बहुत अधिक खट्टी छाछ से बचें
- दूध से एलर्जी वाले लोग डॉक्टर से सलाह लें
निष्कर्ष
छाछ एक सस्ता, प्राकृतिक और अत्यंत लाभकारी पेय है। यह न केवल पाचन सुधारती है, बल्कि वजन नियंत्रण, इम्यूनिटी बढ़ाने और शरीर को ठंडक देने में भी मदद करती है। आधुनिक जीवनशैली में जहां बीमारियाँ बढ़ रही हैं, वहीं छाछ जैसे देसी उपाय हमें स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अगर आप रोज़मर्रा के जीवन में एक छोटा सा सकारात्मक बदलाव करना चाहते हैं, तो दिन में एक गिलास छाछ ज़रूर शामिल करें। { यह आलेख केवल जानकारी हेतु के लिए है, अत्यधिक जानकारी के लिए नजदीकी डॉक्टर से सलाह ले.}

