| पहली से चौथी कक्षा के विद्यार्थियों ने किसान नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं बड़े विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम पर आधारित गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सूर्यनमस्कार एवं मानव पिरामिड (मनोरे) का प्रदर्शन भी किया गया। कुछ विद्यार्थियों ने अभंग वाणी प्रस्तुत की। |
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दिव्यांग कल्याणकारी संस्था का वार्षिक उत्सव तथा विश्व दिव्यांग दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ अत्यंत सुंदर ढंग से प्रस्तुत कीं। पहली से चौथी कक्षा के विद्यार्थियों ने किसान नृत्य प्रस्तुत किया, वहीं बड़े विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम पर आधारित गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सूर्यनमस्कार एवं मानव पिरामिड (मनोरे) का प्रदर्शन भी किया गया। कुछ विद्यार्थियों ने अभंग वाणी प्रस्तुत की।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि मेजर जनरल विनय हंडा तथा कार्यक्रम के अध्यक्ष पर्वती क्षेत्र के माननीय संघचालक एडवोकेट चंद्रशेखर कुलकर्णी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन मंत्र से हुई। संस्था की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। इसके बाद विद्यार्थियों ने विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। विशेष रूप से “मेरे घर राम आएंगे” गीत पर छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नृत्य ने उपस्थित जनसमुदाय से जोरदार तालियों की गूंज के साथ उत्स्फूर्त प्रतिक्रिया प्राप्त की। छात्राओं की नृत्यकला देखकर अतिथि भी भावविभोर हो गए।
इस अवसर पर दिव्यांग क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वालों को “दिव्यांग कल्याणकारी सेवा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। कोथरुड स्थित “अब नॉर्मल” संस्था को उसके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। संस्था की संचालिका किशोरी पाठक ने पुरस्कार स्वीकार किया। संस्था के पूर्व विद्यार्थी श्री दत्ता लखे को मुख्याध्यापक पद पर नियुक्ति मिलने पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
दिव्यांग कल्याणकारी सेवा पुरस्कार रेश्मा भारत पायाळ को प्रदान किया गया। संस्था के विद्यालय के मेधावी छात्र यश घनवट तथा छात्रा हर्षदा मोरे को “गुणवंत विद्यार्थी” पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
प्रमुख अतिथि मेजर जनरल विनय हंडा ने विद्यार्थियों से “जोश कैसा है?” पूछा, जिस पर बच्चों ने “हाई है!” का जोशीला उद्घोष किया। उन्होंने अपने मनोगत में विद्यार्थियों की कला, कौशल और प्रस्तुतियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इन बच्चों में अनेक सुप्त गुण होते हैं और संस्था उन्हें विकसित करने का अवसर प्रदान करती है। बच्चों का उत्साह देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की। साथ ही विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रयासरत प्रबंधन समिति, शिक्षकगण एवं कर्मचारियों की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस सेवा कार्य को देखने का अवसर प्राप्त हुआ, इसके लिए वे आभारी हैं।

कार्यक्रम के अध्यक्ष एडवोकेट चंद्रशेखर कुलकर्णी ने भी विद्यार्थियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रस्तुतियों से सभी को आनंद और प्रेरणा मिली। वे कुछ क्षणों के लिए भावुक भी हो गए। उन्होंने कहा — “देने वाले देते रहें, लेने वाले लेते रहें, और एक दिन लेने वाला भी देने वाले का हाथ थामे।” अर्थात बच्चों को कौशल ग्रहण कर आत्मनिर्भर जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए और आत्मविश्वास के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने संस्था के कार्यों की प्रशंसा करते हुए अपना वक्तव्य समाप्त किया।

कार्यक्रम का प्रास्ताविक संस्था के कार्याध्यक्ष एडवोकेट मुरलीधर कचरे ने किया। उन्होंने संस्था में संचालित विभिन्न कार्यों की जानकारी दी। विशेष रूप से संस्था के पाँच आयाम — स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल, खेल एवं संस्कार तथा निवास — के बारे में विस्तार से बताया। अतिथियों का परिचय संस्था के उपकार्याध्यक्ष डॉ. सतीश जैन ने कराया। आभार प्रदर्शन संस्था के सहसचिव श्री राहुल बनकर ने किया।


कार्यक्रम में संस्था के सचिव शंकर जाधव, विश्वस्त राजाभाऊ कदम, सह-कोषाध्यक्ष मारुति राऊत, विश्वस्त किशोर रासकर, सक्षम के पश्चिम महाराष्ट्र प्रांत के सहसचिव गहिनीनाथ नलावडे, पुणे जिला सक्षम के अध्यक्ष शिवाजीराव भेगडे, सक्षम पुणे महानगर के सचिव अशोक जवेरी, विद्यार्थियों के अभिभावक, आमंत्रित अतिथि, शिक्षकगण एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
कार्यक्रम की सफलता हेतु मुख्याध्यापिका शिवानी सुतार, अधीक्षक धनश्री बेके तथा सभी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने विशेष प्रयास किए। कार्यक्रम का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ।

