हिंदी विवेक के कार्यालय में आज दि. 12 फरवरी को शाम 4:30 बजे हरिद्वार के श्री पंचरक्षा नाम जूना आखाड़ा के महामंडलेश्वर डॉक्टर स्वामी वीरेंद्र गिरी जी महाराज का शुभ आगमन हुआ. आध्यात्मिक साधना, राष्ट्र एवं समाज हित की सेवा तथा सनातन धर्म के प्रति अखंड समर्पण के लिए विख्यात स्वामी जी युवा संतों में एक विलक्षण नेतृत्वकर्ता, विद्वान एवं तपस्वी साधक के रूप में प्रतिष्ठित हैं. उनके साथ दिल्ली निवासी दिलीप जैन और परेश शाह भी उपस्थित थे.
इस शुभ अवसर पर हिंदी विवेक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमोल पेडणेकर और कार्यकारी सम्पादक पल्लवी अनवेकर ने उन्हें पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत व आदर सत्कार किया.
इस दौरान हिंदी विवेक द्वारा प्रकाशित ‘मंदिर: राष्ट्र के ऊर्जा केंद्र’, ‘सनातन भारत’, ‘दीपस्तम्भ’ ग्रंथ एवं ‘हम संघ में क्यों है…’ पुस्तक के साथ ही हिंदी विवेक के फरवरी माह का नियमित अंक उन्हें प्रदान किया. इसके बाद हिंदी विवेक की पूरी टीम को भी महाराज जी के दर्शन, मार्गदर्शन और संवाद का लाभ मिला.


अपने आशीर्वचन में महाराज जी ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अर्थात जेन जी को चिंता नहीं, चिंतन करने की आवश्यकता है. सोशल मीडिया पर स्क्रोल करने से अच्छा है कि हम अपने समय का सदुपयोग करते हुए पुस्तक रूपी ज्ञान से अपनी चेतना को जगाए और विवेकवान बने. हिंदी विवेक के अंक, विशेषांक, ग्रंथ, पुस्तक के कंटेंट पाठकों को जागरूक बनाते हैं. इसके अलावा उन्होंने संघ की ऐतिहासिक शताब्दी यात्रा, वंदेमातरम् राष्ट्रगीत, राष्ट्रभक्ति से जुड़े विषयों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्र धर्म का बोध कराया. अंत में उन्होंने हिंदी विवेक के सभी कर्मचारियों को अपना आशीर्वाद प्रदान कर कृतार्थ किया.




