| हर साल बढ़ती गर्मी और हीटवेव का असर केवल त्वचा या शरीर की थकान तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह हमारे आंतरिक अंगों को भी प्रभावित करता है। खासकर किडनी पर इसका गहरा असर पड़ सकता है। शरीर में पानी की कमी और बढ़ता तापमान किडनी की कार्यप्रणाली को बिगाड़ सकता है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। |
हीटवेव क्या है और इसका प्रभाव
हीटवेव यानी अत्यधिक गर्म हवाओं का चलना, जब तापमान सामान्य से काफी ऊपर चला जाता है। भारत में अप्रैल से जून के बीच यह समस्या सबसे अधिक देखने को मिलती है। इस दौरान शरीर का तापमान नियंत्रित रखना मुश्किल हो जाता है और पसीने के माध्यम से शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से निकलते हैं।
किडनी पर गर्मी का खतरा क्यों?
किडनी का मुख्य काम शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालना और पानी का संतुलन बनाए रखना है। लेकिन जब शरीर में पानी की कमी हो जाती है, तो किडनी पर दबाव बढ़ जाता है। लगातार डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण) की स्थिति में किडनी ठीक से काम नहीं कर पाती, जिससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

संभावित किडनी समस्याएं
- डिहाइड्रेशन (निर्जलीकरण):
गर्मी में अधिक पसीना आने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे खून गाढ़ा होने लगता है और किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है।
- किडनी स्टोन (पथरी):
पानी की कमी के कारण यूरिन (मूत्र) में खनिज पदार्थ जमा होने लगते हैं, जो आगे चलकर पथरी का रूप ले सकते हैं।
- एक्यूट किडनी इंजरी (AKI):
अत्यधिक गर्मी और लंबे समय तक पानी की कमी रहने पर अचानक किडनी फेल होने का खतरा बढ़ जाता है।
- यूरिन संक्रमण (UTI):
कम पानी पीने से बैक्टीरिया आसानी से पनप सकते हैं, जिससे मूत्र संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
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बुजुर्ग और बच्चे
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पहले से किडनी रोग से ग्रसित व्यक्ति
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मजदूर, किसान या धूप में काम करने वाले लोग
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डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीज

लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
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बहुत कम या गाढ़ा पेशाब आना
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शरीर में अत्यधिक थकान
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चक्कर आना या बेहोशी
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पेट या कमर में दर्द
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सूजन या जलन महसूस होना
यदि ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

बचाव के उपाय
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पर्याप्त पानी पिएं: दिनभर में कम से कम 8–10 गिलास पानी जरूर पिएं। ज्यादा पसीना आने पर यह मात्रा और बढ़ा दें।
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धूप से बचाव करें: दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। यदि जरूरी हो तो टोपी, छाता और हल्के कपड़े पहनें।
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इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखें: नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ जैसे पेय पदार्थ शरीर में जरूरी लवणों की पूर्ति करते हैं।
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हल्का और संतुलित भोजन करें: भारी और तला-भुना खाना किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है। फल और सब्जियां ज्यादा खाएं।
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नियमित स्वास्थ्य जांच: यदि पहले से किडनी या अन्य बीमारी है, तो समय-समय पर जांच कराते रहें।
निष्कर्ष
भीषण गर्मी और हीटवेव केवल असहजता का कारण नहीं हैं, बल्कि यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं, खासकर किडनी से जुड़ी बीमारियों को। थोड़ी सी लापरवाही आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए पर्याप्त पानी पीना, सही खानपान और धूप से बचाव जैसे सरल उपाय अपनाकर आप अपनी किडनी को सुरक्षित रख सकते हैं।

