देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ ही भीषण गर्मी लोगों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही है। ऐसे समय में हम सभी के लिए सतर्क और संवेदनशील रहना बेहद आवश्यक है। आप सभी से आग्रह है कि गर्मी से बचाव के लिए हर संभव सावधानी बरतें। अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखें, घर से बाहर निकलते समय पानी अवश्य साथ रखें और अधिक देर तक तेज धूप में रहने से बचें।

इस कठिन मौसम में हमारी छोटी-सी संवेदनशीलता भी किसी के लिए बड़ी राहत बन सकती है। यदि संभव हो, तो किसी प्यासे व्यक्ति को एक गिलास पानी जरूर दें। जो लोग अपने घरों, दुकानों या सार्वजनिक स्थानों के बाहर मटके या पानी की व्यवस्था करते हैं, वे वास्तव में समाज के लिए एक प्रेरणा हैं। ऐसी पहल कई लोगों को राहत पहुंचा सकती है।
गर्मी के कारण होने वाली समस्याओं— जैसे चक्कर आना, अत्यधिक थकान, मतली या कमजोरी— को कभी नजरअंदाज न करें। यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति अचानक अस्वस्थ महसूस करे, बेहोशी जैसी स्थिति लगे या कमजोरी से परेशान दिखाई दे, तो उसे तुरंत छायादार और ठंडी जगह पर ले जाएं। उसे पानी, ORS या अन्य तरल पदार्थ दें ताकि शरीर को राहत मिल सके।
बच्चे, बुजुर्ग और धूप में काम करने वाले लोग इस मौसम में सबसे अधिक जोखिम में होते हैं। समय रहते सावधानी न बरतने पर स्थिति हीटस्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या में बदल सकती है।

जब भी अवसर मिले, अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी और अन्य प्रियजनों का हालचाल अवश्य लें। उन्हें पर्याप्त पानी पीने, दोपहर की तेज धूप से बचने और अधिक आराम करने की सलाह दें।
इस भीषण गर्मी में हमें अपने आसपास के पशु-पक्षियों का भी ध्यान रखना चाहिए। घर, छत, बालकनी, दुकान या कार्यालय के बाहर पानी से भरा एक छोटा बर्तन रखना किसी प्यासे पक्षी के लिए जीवनदान साबित हो सकता है।
आइए, इस प्रचंड गर्मी में संवेदनशीलता, सहयोग और करुणा के साथ एक-दूसरे का सहारा बनें और अपने साथ-साथ आसपास के लोगों व जीव-जंतुओं की भी रक्षा करें।

