विजय दशमी पर शस्त्र पूजा का महत्व

Continue Readingविजय दशमी पर शस्त्र पूजा का महत्व

दुनिया को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है एक जिनके पास शस्त्र होता है और दूसरा जिनके पास शस्त्र नहीं होता है...  जिनके पास शस्त्र होता है वो सदैव निडर और वीर बने रहते हैं और जिनके पास शस्त्र नहीं होते हैं और वो सदैव भयभीत होते हैं और कायर पुरुष बने रहते हैं जिस घर में अस्त्र शस्त्र होते हैं उस घर की स्त्रियों पर कभी किसी की कुदृष्टि डालने की हिम्मत भी नहीं होती है और जिनके घर में अस्त्र शस्त्र नहीं होते हैं उनकी स्त्रियों के साथ राह चलते छेड़खानी होती है लव जिहाद जैसी घटनाएं होती हैं और वो सदैव थाने के चक्कर ही लगाते रह जाते हैं... उन्हें बदनामी के सिवाय कभी कुछ हासिल नहीं होता है। 

स्वभाषा और हिंदी भारी न हो कोई पलड़ा

Continue Readingस्वभाषा और हिंदी भारी न हो कोई पलड़ा

स्व भाषा प्रेम के नाम पर अन्य भाषाओं के प्रति दुराग्रह पालने की प्रवृत्ति के कारण भारतीय भाषाओं और उनके लालित्य का ह्रास हो रहा है। सरकारी और सामाजिक स्तर पर भारतीय भाषाओं के विकास और संवर्धन के सार्थक प्रयास भी नहीं हो रहे हैं जबकि आवश्यक है कि बड़े पैमाने पर विज्ञान, तकनीक जैसे विषयों पर गम्भीर लेखन हो ताकि स्वभाषा का विकास हो सके।

बाबा की तपस्या समाप्त हो रही है, वे जग रहे हैं

Continue Readingबाबा की तपस्या समाप्त हो रही है, वे जग रहे हैं

कभी कभी लगता है कि ईश्वर जानबूझ कर आसुरी शक्तियों को प्रभावी होने देते हैं, ताकि मनुष्यों को संघर्ष का कारण मिले। बने रहने के लिए संघर्ष आवश्यक है। सभ्यता की आयु संघर्षों से ही बढ़ती है, अन्यथा निश्चिन्त दिनों की शांति उसके बल को मार देती है। जिनमें अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष करते रहने की शक्ति और जिद्द हो, वे असंख्य पराजयों के बाद भी अंततः विजयी होते हैं। यह सोचना तनिक अजीब है, पर यदि गजनवी ने सोमनाथ ध्वंस न किया होता तो भीमदेव को नव सृजन का अवसर कैसे मिलता? राजा भोज युग युगांतर के लिए किस्से कहानियों के नायक कैसे बनते? नकारात्मक शक्तियों का उत्थान धर्म की पराजय नहीं, बल्कि एक सामान्य प्रक्रिया है। आसुरी शक्तियां ही धर्म की शक्ति को उभरने का मार्ग बनाती हैं। जब कंस और दुर्योधन जैसे अत्याचारियों की शक्ति प्रबल होती है, तभी तो संसार युद्धमूमि में देवत्व लेकर उतरे कृष्ण द्वारा "धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे युगे!" का उद्घोष सुन पाता है।

स्वामी विवेकानन्द का शिकागो भाषण, भविष्य का रोडमैप

Continue Readingस्वामी विवेकानन्द का शिकागो भाषण, भविष्य का रोडमैप

स्वामी जी ने जब शिकागो में अपने विचारों को व्यक्त करते हुए कहा था कि राष्ट्रवाद का मूल, धर्म व संस्कृति के विचारों में ही बसता है, तब सम्पूर्ण पाश्चात्य विश्व ने उनके इस विचार से सहमति व्यक्त की थी और भारत के इस युग पुरुष के इस विचार को अपने-अपने देशों में जाकर प्रचारित और प्रसारित करते हुए भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान प्रकट किया था। पिछले ही वर्षों मे जब बाइबिल की 400 वीं वर्षगाँठ के अवसर पर ब्रिटिश प्रधानमन्त्री डेविड कैमरन ने कहा था कि ब्रिटेन एक ईसाई राष्ट्र है और इसे कहने में किसी को कोई भय या संकोच नहीं होना चाहिएब्रिटिश प्रधानमन्त्री ने कहा था कि ब्रिटेन एक ईसाई राष्ट्र है और इसे कहने में किसी को कोई भय या संकोच नहीं होना चाहिए; तब निश्चित ही उनकी इस घोषणा की पृष्ठभूमि में विवेकानंद जी का यह विचार ही था।

लव जिहाद: नारी अपमान, फिर से होगा महाभारत संग्राम

Continue Readingलव जिहाद: नारी अपमान, फिर से होगा महाभारत संग्राम

पुत्र राजनीति के किताब के ! दासता मनुष्य से मनुष्यता छीन लेती है वह बस पशु रह जाता है पशु!" महारानी गांधारी ने संपूर्ण कुरु सभा को संबोधित करते हुए दुर्योधन से पुनः कहा," नारी प्रकृति का ही एक रूप है मूर्ख! और प्रकृति को प्रताड़ित करने का प्रयास प्रलय को आमंत्रित करने जैसा ही है! सच भी यही है जब -जब भी सभ्य समाज ने नारी वर्ग की प्रताड़ना को मूकदर्शक की भांति देखते रहने का महा पाप किया है विनाश की ऐसी लीला का प्रारम्भ हुआ है कि मनुष्यता भी त्राहि- त्राहि कर उठी है! वसुंधरा ने शोणित स्नान किया है!और वंश में कोई चिराग तक जलाने वाला शेष नहीं बचा है! किंतु दुर्भाग्य!

हिन्दू त्योहारों पर गन्दा और भद्दा नाच-गाना क्यों ?

Continue Readingहिन्दू त्योहारों पर गन्दा और भद्दा नाच-गाना क्यों ?

कभी ईद में मुसलमानो को मस्ज़िद के सामने नशा करके अश्लील गानों पर नाचते हुए देखा है क्या ? कभी यीशु मसीह के सामने क्रिस्चियन लोगो को शांताबाई गाने पर नाचते हुए देखा है क्या ? कभी जैन लोगो को उनके भगवान के सामने, आला बाबुराव गाना लगाकर नाचते हुए देखा है क्या ? ये सब समाज अपने अपने इष्ट का मान सम्मान बड़ी ईमानदारी से करते है । क्योकि उनको उनका धर्म उनकी संस्कृति को टिकाना है । फिर हमारे हिन्दू धर्म के भगवान के सामने नशा करके और डीजे लगाकर अश्लील गाने लगाकर ये भद्दा नाच क्यों ?

बलिदान को उत्सुक राजगुरु

Continue Readingबलिदान को उत्सुक राजगुरु

भगतसिंह से आगे निकलने की होड़ में राजगुरु ने सबसे पहले सांडर्स पर गोली चलाई थी। लाहौर से निकलतेे समय सूटधारी अफसर बने भगतसिंह  के साथ हाथ में बक्सा और सिर पर होलडाल लेकर नौकर के वेष में राजगुरु ही चले थे। इसके बाद वे महाराष्ट्र आ गये। संघ के संस्थापक डा. हेडगेवार ने अपने एक कार्यकर्ता के फार्म हाउस पर उनके रहने की व्यवस्था की। जब दिल्ली की असेम्बली में बम फंेकने का निश्चय हुआ, तो राजगुरु ने चंद्रशेखर आजाद से आग्रह किया कि भगतसिंह के साथ उसे भेजा जाए; पर उन्हें इसकी अनुमति नहीं मिली। इससे वे वापस पुणे आ गये।

अग्निपथ योजना के लागू होने से रोजगार के अतिरिक्त अवसर निर्मित होंगे

Continue Readingअग्निपथ योजना के लागू होने से रोजगार के अतिरिक्त अवसर निर्मित होंगे

भारत ने हाल ही के समय में जिस प्रकार की प्रगति विभिन्न क्षेत्रों में की है इससे वैश्विक स्तर पर भारत की साख बहुत तेजी से बढ़ी है और हमारे पड़ौस के कुछ देश एवं कुछ विकसित देश भारत से ईर्ष्या करते दिखाई दे रहे हैं। भारत सरकार द्वारा लगातार लागू की जा रही विभिन्न नवोन्मेष योजनाओं को असफल करने के प्रयास इन देशों द्वारा किए जा रहे हैं।

अग्निपथ के अग्निवीर और भारत की संभावनाएं..

Continue Readingअग्निपथ के अग्निवीर और भारत की संभावनाएं..

मैं समझता हूं यह घोषित योजना भारत वा उसके समाज के लिए अभूतपूर्व बदलाव लाने वाली है। यदि प्रत्यक्ष लाभों को देखे तो 10 वी, 12 वी लोगो के लिए अपने स्किलों को पहचानने और उसमे भारतीय सेना के अनुशासन में सीखने का स्वर्णिम अवसर है। जो उन्हें एक तरफ आत्मविश्वास वा स्वाभिमान देगा वहीं पर कम उम्र में स्वतः लोगो को रोजगार देने वाला उद्यमी बनने का सुअवसर भी प्रदान करेगा।

क्या भारत को भी हम विदेशी नज़रिए से ही समझेंगें?

Continue Readingक्या भारत को भी हम विदेशी नज़रिए से ही समझेंगें?

जामिया से पढ़ी और यूपीएससी में टॉप करने वाली श्रुति शर्मा खुलेआम कह रही हैं कि - ''आर्य आक्रमणकारी थे।'' जब तक हम केवल अकूत पैसे और पावर के कारण आईएएस/आईपीएस एवं अन्य सरकारी बाबुओं को सिर-माथे बिठाते रहेंगें, ये ऐसे ही अनाप-शनाप वक्तव्य जारी करते रहेंगें। दुर्भाग्यपूर्ण है कि…

जे.एन.यू. की बौद्धिक संस्कृति

Continue Readingजे.एन.यू. की बौद्धिक संस्कृति

जब एक संवाददाता ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) की चार दशक की उपलब्धियों के बारे में प्रश्न पूछा, तो वहाँ के रेक्टर का प्रमुख उत्तर था कि अब तक सिविल सर्विस में इतने छात्र वहाँ से चुने गए। दूसरी कोई महत्वपूर्ण उपलब्धि वे गिना नहीं पाए जो समाचार में स्थान…

एक और बेटी चढ़ गई लव जिहाद की भेंट

Continue Readingएक और बेटी चढ़ गई लव जिहाद की भेंट

मुंबई: गोरेगांव (पश्चिम) के हनुमान नगर में एक बेकरी चलाने वाले 23 वर्षीय व्यक्ति को पड़ोस की एक 18 वर्षीय लड़की सोनम शुक्ला की हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। 25 अप्रैल को लापता सोनम शुक्ला का शव 28 अप्रैल को वर्सोवा बीच पर मिला था। पूछताछ के…

End of content

No more pages to load