पीएम मोदी की लोकप्रियता ने ‘जो बाइडेन’ को भी किया पीछे

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देश का विपक्ष हमेशा प्रधानमंत्री मोदी के कामकाज को लेकर सवाल उठाता रहता है और सरकार के हर फैसले को देश के विरुद्ध बताता है विपक्ष की तरफ से यह प्रयास हमेशा रहता है कि मोदी को देश की जनता के सामने नीचा गिराया जाए और उनकी लोकप्रियता कम हो…

सतर्क रहें तो तीसरी लहर नहीं बरपा सकेगी कहर

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भारत में कोरोना संक्रमण की रफ्तार एक बार फिर भयावह गति से बढ़ने लगी है और एक दिन में 1लाख 80000 से अधिक मामले सामने आने के बाद अब यह माना जा रहा है  कि देश में कोरोना की तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है। दक्षिण अफ्रीका में मिला कोरोना…

प्रगाढ़ है भारत और रूस की मित्रता 

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कोविड महामारी और यूक्रेन के कारण बढ़ते विवाद के बीच रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ने भारत की छह घंटे की बहुत ही संक्षिप्त यात्रा की लेकिन यह यात्रा कई मायने में बहुत ही महत्वपूर्ण व ऐतिहासिक सिद्ध हो रही है। रूसी राष्ट्रपति की यात्रा से न केवल देश वरन…

जलवायु परिवर्तन पर अतिवादी विचारों से बाहर आने की जरूरत

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ब्रिटेन के ग्लासगो में आयोजित संयुक्त राष्ट्रसंघ के पर्यावरण सम्मेलन या काॅप 26 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेता भाग ले रहे हैं । सबकी नजर यहां नेताओं के भाषणों तथा होने वाले निर्णयों पर होगी । पिछले कम से कम 40 वर्षों से पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन संपूर्ण…

भारत में आतंकवाद का पुनर्प्रवेश?

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धारा 370 को खत्म हुए कुछ ही वर्ष हुए हैं। अत: यह समझ लेना बड़ी भूल होगी कि कश्मीर से आतंकवाद समाप्त हो गया है। अगर अफगानिस्तान में 20 वर्षों के बाद पुन: तालिबानी कब्जा कर सकते हैं तो भारत में कश्मीर या अन्य राज्यों में भी पुन: आतंकवादी गतिविधियां हो ही सकती हैं। बानगी हम कश्मीर में देख ही चुके हैं।

पाकिस्तान पर फिर होगा सर्जिकल स्ट्राइक!

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  पिछले कुछ दिनों से कश्मीर में आतंकी घटनाओं में बढ़ोत्तरी देखने को मिल रही है और इस बार हिन्दुओं को खासकर निशाना बनाया जा रहा है। दरअसल आतंकियों की घुसपैठ पर बहुत हद तक रोक लगा दी गयी है जिससे वह पूरी तरह से परेशान हो चुके हैं। इसके…

भारत-अमेरिका बैठक में पहली बार हुआ यह काम!

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पाकिस्तान का आतंकी चेहरा सभी को पता है वह लाख कोशिश कर ले लेकिन उसकी हालत विश्व स्तर पर लगातार गिरती जा रही है। मोदी ने अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस से मुलाकात की जहां कमला हैरिस ने पाकिस्तान को आतंकी गतिविधियों में शामिल होने को लेकर बहुत लताड़ा। अमेरिका की…

भारत की अफगान नीति उपयुक्त और व्यवहारिक

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भारत की अफगानिस्तान और तालिबान संबंधी नीतियों को लेकर जिस तरह के दुष्प्रचार और अफवाह बार-बार सामने आ रहे हैं उनसे आम भारतीय के अंदर भी कई प्रकार की आशंकाएं पैदा हो रही है। सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा प्रचार यह हुआ कि भारत ने तालिबान को मान्यता दे दिया।…

गोरे व्यक्ति का बोझ और आतंकवादी, सरीखे ही

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तालिबानियों को समाप्त करने का लक्ष्य लेकर अमेरिका 20 वर्ष पूर्व अफगानिस्तान में दाखिल हुआ। परंतु 20 वर्ष बाद उन्ही तालिबानियों के हाथों अफगानिस्तान को सौंपकर अमेरिकी सेना स्वदेश वापस लौट गई है। इससे अमेरिका की विश्वसनीयता और प्रतिष्ठा पर अनेक प्रश्न चिन्ह लग गए हैं। उनकी चर्चा हो रही…

कोरोना संकट और आत्मनिर्भरता 

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इस कोरोना महामारी से भारत के लिए दो बड़े सबक हैं। पहला सभी मामलों में हम आत्मनिर्भर बने। दूसरा, जीवन रक्षक दवाओं के शोध व विकास पर ज्यादा ध्यान देना। कोरोना संकट न केवल हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था को नया आकार देगा बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था, राजनीति और संस्कृति को भी नए तरह से गढ़ेगा।

सीपीईसी को लेकर पाकिस्तान में असंतोष और विरोध

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इस गलियारे को ऊपरी तौर पर केवल व्यापारिक दृष्टि से एक व्यापार संबंधी नया रूट खोलने के रूप में प्रदर्शित किया जा रहा है मगर तथ्य यह है कि सीपीईसी के कारण चीन की पकड़ इस क्षेत्र में जबरदस्त ढंग से मजबूत हो जाएगी और इससे सामरिक संतुलन बिगड़ेगा। खासकर अरब सागर में चीनी विस्तारवाद के लिए ग्वादर एक नया आधार बनेगा। 

तालिबान और भारत के तथाकथित सेक्युलर

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कल्पना कीजिए अगर किसी हिन्दू संगठन ने ऐसा किया होता तो देश के सेक्युलर बुद्धिजीवियों ने कैसा रुदन मचा दिया होता? आज इन बुद्धिजीवियों और तुष्टिकरण की राजनीति के झंडावरदारों को अफगानी महिलाओं और बच्चों पर हो रहा बर्बर अत्याचार नजर नहीं आ रहा है क्योंकि वहां उनकी सेलेक्टिव सेक्युलरिज्म की थ्योरी फिट बैठती है।

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