मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने विकसित गुजरात @ 2047 कार्यान्वयन रोडमैप के अनावरण के जरिए विजन से ऑन ग्राउंड एक्जीक्यूशन (जमीनी स्तर पर लागू करना) की ओर राज्य सरकार की एक निर्णायक और परिवर्तनकारी पहल की है।
मुख्यमंत्री द्वारा बुधवार को गांधीनगर में जारी किया गया यह रोडमैप गुजरात राज्य इंस्टीट्यूशन ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन (जीआरआईटी-ग्रिट) और सामान्य प्रशासन विभाग के आयोजन प्रभाग की ओर से संयुक्त रूप से तैयार किया गया है। इस अवसर पर वित्त मंत्री कनुभाई देसाई, मंत्रिमंडल के सदस्य, मुख्य सचिव एम.के. दास और मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार डॉ. हसमुख अढियि सहित कई वरिष्ठ सचिव मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप तैयार किए गए विकसित गुजरात 2047 कार्यान्वयन रोडमैप को राज्य की विकास यात्रा का एक निर्णायक पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के लिए ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ का मंत्र दिया है, जिसमें उनकी मंशा राज्यों की भी सक्रिय भागीदारी से समावेशी विकास सुनिश्चित करना है।
उन्होंने साफ कहा कि रोडमैप यह स्पष्ट करता है कि क्या करने की आवश्यकता है, किसे करना है और किस समयसीमा में करना है, जिससे एक केंद्रित (फोकस्ड) और जवाबदेह शासन सुनिश्चित होता है। मुख्यमंत्री ने लक्ष्य के बजाय परिणामों पर जोर देते हुए कहा कि यह कार्यान्वयन रोडमैप अंततः नागरिकों के लिए बेहतर आजीविका, मजबूत बुनियादी ढांचा, समावेशी और टिकाऊ विकास के माध्यम से जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में उपयोगी सिद्ध होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें शासन में गुणवत्ता की प्रधानमंत्री की हिमायत को जीआरआईटी-ग्रिट की स्थापना और उसके द्वारा तैयार किए गए दीर्घकालिक रणनीतिक विजन वाले रोडमैप के कार्यान्वयन के जरिए चरितार्थ करना है, जिसका लक्ष्य गुजरात को प्रतिस्पर्धी, समावेशी, टिकाऊ और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन स्टेट के रूप में स्थापित करना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आम आदमी की खुशहाली और उसके आर्थिक आधार को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए ‘अर्निंग वेल, लिविंग वेल’ यानी बेहतर कमाई, बेहतर जीवन की जो अवधारणा दी है, उसे पूरा करने में ग्रिट के इस रोडमैप का कार्यान्वयन पथप्रदर्शक बनेगा।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि हमने विकसित गुजरात 2047 कार्यान्वयन रोडमैप में जो माइक्रो प्लानिंग की है, उसे कार्ययोजना के माध्यम से लागू करने तथा समन्वित और निष्ठापूर्ण साझा प्रयासों से विकसित गुजरात अवश्य ही बनेगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 12 वर्षों के सुशासन में विकास के जो दृष्टिकोण अपनाए हैं, उसे आगे बढ़ाने से राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा का वातावरण बना है। गुजरात ने विकसित भारत के निर्माण में अग्रणी रहने का जो संकल्प किया है, उसे बनाए रखने के लिए निरंतर कार्यरत रहना होगा।
इस उद्देश्य के लिए मुख्यमंत्री ने हमेशा बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और ‘चलता है’ वाली मानसिकता को दूर करके 100 फीसदी शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों की बात को केंद्र में रखकर गुणवत्ता से समझौता नहीं करने की सीख भी दी।
मुख्य सचिव एम.के. दास ने कहा कि आज भारत अभाव से प्रभाव की ओर बढ़ रहा है, ऐसे में प्रधानमंत्री के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए के लिए विकसित गुजरात का रोडमैप तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि हमारे लक्ष्य ऐसे होने चाहिए जो असंभव न हों, लेकिन उन्हें प्राप्त करने के लिए हमें थोड़ी अधिक मेहनत करनी पड़े। सौभाग्य से गुजरात सरकार के पास संसाधन या बजट-धन की कोई कमी नहीं है, इसलिए अब केवल सच्ची निष्ठा, मजबूत निगरानी और समय पर समीक्षा की ही जरूरत है।

मुख्य सचिव ने आगे कहा कि विकास की इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए राज्य स्तर से लेकर जिला स्तर तक कलेक्टरों और जिला विकास अधिकारियों (डीडीओ) तक, सभी अधिकारियों को और भी सक्रिय होना पड़ेगा। यदि किसी विभाग को अपने लक्ष्य हासिल करने के लिए कोई वित्तीय सहायता, नीति में बदलाव या नए निर्णयों की जरूरत हो, तो सरकार इसके लिए पूरी तरह से तैयार है। स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार, बंदरगाह और परिवहन सहित सभी क्षेत्रों में केपीआई के अनुसार संतुलित विकास ही हमारी प्राथमिकता है।
जीआरआईटी की सीईओ सुश्री एस. अपर्णा ने ‘विकसित गुजरात @2047 कार्यान्वयन रोडमैप’ पर विस्तृत प्रेजेंटेशन देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में जनवरी, 2024 में विजन डॉक्यूमेंट जारी किया गया था, जिसमें राज्य के सभी 26 विभागों के संयुक्त प्रयासों से वर्ष 2047 तक गुजरात का सकल घरेलू उत्पादन (जीएसडीपी) 3.5 ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस रोडमैप में लिविंग वेल और अर्निंग वेल के मंत्र को साकार करने के लिए मुख्य 11 थीम (विषय), 120 मैक्रो गोल (व्यापक लक्ष्य) तथा 55 की थ्रस्ट एरिया (प्रमुख फोकस क्षेत्र) निर्धारित किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि विकसित गुजरात @2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रत्येक विभाग द्वारा तय किए गए लक्ष्यों के आधार पर ही यह रोडमैप तैयार किया गया है। जिसमें राज्य के 26 विभागों के लिए लगभग 900 स्टेप्स निर्धारित किए गए हैं। विकसित गुजरात @2047 डैशबोर्ड में शिक्षा, कृषि, पर्यटन और जलापूर्ति विभाग में मौजूदा स्थिति और भविष्य के आयोजन के बारे में रोडमैप को साकार करने के लिए किए जाने वाले कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की गई है।

सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव (आयोजन) आद्रा अग्रवाल ने स्वागत भाषण में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने ‘विकसित भारत@2047’ की परिवर्तनकारी यात्रा शुरू की है। इसी विजन के अनुरूप गुजरात सरकार ने भी वर्ष 2047 तक वैश्विक स्तर पर समृद्ध, प्रतिस्पर्धी, सर्वसमावेशी, टिकाऊ और इनोवेशन-आधारित राज्य बनने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

उन्होंने आगे कहा कि इन विकास कार्यों की सटीक समीक्षा के लिए गांधीनगर स्थित ‘ग्रिट’ कार्यालय में एक अत्याधुनिक ‘स्ट्रैटेजी रूम’ तैयार किया गया है, जिसमें डिजिटल डैशबोर्ड के माध्यम से प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर में ‘ग्रिट’ की जॉइंट सीईओ स्तुति चारण ने आभार व्यक्त किया।
– मिहिरकुमार शिकारी
