श्री सत्य साई सेवा संगठन (पश्चिम महाराष्ट्र), सक्षम (पुणे महानगर) और दिव्यांग कल्याणकारी संस्था एवं संशोधन केंद्र (वानवडी, पुणे) के संयुक्त तत्वावधान में दिव्यांग व्यक्तियों को मुफ्त कृत्रिम पैर और कृत्रिम हाथ देने के कार्यक्रम का आयोजन दिव्यांग कल्याणकारी संस्था में 12 और 13 जुलाई को दो दिन किया गया।
सत्य साई सेवा संगठन ने पहल करते हुए दिव्यांगों को मुफ्त कृत्रिम अंग देने के लिए पुणे और आसपास के क्षेत्रों के दिव्यांग व्यक्तियों को इस कार्यक्रम का निमंत्रण दिया था। लगभग 100 दिव्यांग व्यक्तियों का पंजीकरण हुआ था।


जिन दिव्यांगों ने दुर्घटना या अन्य कारणों से अपना पैर या हाथ खो दिया है, उनके लिए यह आयोजन किया गया था ताकि उनका जीवन सरल, सुखकर और सुखी हो सके।
इन सभी व्यक्तियों के लिए 12 और 13 जुलाई 2026 को दिव्यांग कल्याणकारी संस्था में उन्हें आवश्यक अंगों का माप लिया गया। यह कार्यक्रम दो दिन चला।12 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे इस उपक्रम का उद्घाटन सीरम इंस्टिट्यूट के सिविल विभाग के निदेशक रोहित शिंदे के करकमलों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर उन्होंने सभी दिव्यांगों को इस योजना का लाभ उठाकर अपना जीवन सुखमय बनाने के लिए शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का प्रास्ताविक सत्य साई सेवा संगठन की श्रीमती लक्ष्मीराव ने किया, जिन्होंने इस कार्यक्रम की भूमिका स्पष्ट की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोहित शिंदे का परिचय दिव्यांग कल्याणकारी संस्था के कार्याध्यक्ष मुरलीधर कचरे ने कराया। रोहित शिंदे की सामाजिक कार्य की पृष्ठभूमि है– उन्हें अपनी माँ से सामाजिक कार्य की प्रेरणा मिली, ऐसा उनके परिचय में बताया गया।

इस कार्यक्रम के लिए पुणे जिले तथा महाराष्ट्र के अन्य जिलों से लगभग 100 दिव्यांग व्यक्ति माप देने के लिए आए थे। उन सभी के लिए दिव्यांग कल्याणकारी संस्था में सुबह का नाश्ता, दोपहर का भोजन और रहने की व्यवस्था की गई थी, जिसका लाभ इन सभी दिव्यांग व्यक्तियों को मिला।
आने वाले दो सप्ताह में इन सभी दिव्यांग व्यक्तियों को कृत्रिम अंग वितरण का कार्यक्रम होने वाला है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सत्य साई सेवा संगठन के सुचित्रा देवरे, नरेश हिराणी आदि कार्यकर्ताओं ने सहायता की। दिव्यांग कल्याणकारी संस्था की स्कूल की प्रधानाध्यापिका शिवानी सुतार, डॉ. विजय हरणे, वसतिगृह अधीक्षिका श्रीमती धनश्री बेके तथा अन्य सभी शिक्षकों ने भी इस कार्यक्रम में सहयोग दिया।
ये सभी कृत्रिम अंग जो दिव्यांग व्यक्तियों को मिलने वाले हैं, गुड़गाँव की ‘इंस्टालिंब’ नामक कंपनी द्वारा तैयार करके दिए जाएँगे। ये अत्याधुनिक तकनीक के कृत्रिम अंग होंगे, जो इन दिव्यांग व्यक्तियों को प्राप्त होंगे। इस कार्यक्रम में सक्षम पुणे महानगर के सचिव अशोक जवेरी भी उपस्थित थे।

