परभणी, १६ अगस्त — परभणी जिले में विभिन्न उद्योगों के माध्यम से १ हजार ६२२ करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने जा रहा है। जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित ‘इन्वेस्ट इन परभणी’ निवेश परिषद में १६२ उद्यमियों के साथ सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिनसे १५ हजार ६१७ स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा।

आगामी दशहरे तक इन उद्योगों की इमारतों के निर्माण का भूमिपूजन किया जाएगा और इस निवेश से स्थानीय उद्यमियों को गति मिलेगी, ऐसा प्रतिपादन राज्यमंत्री तथा पालक मंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर ने परिषद में बोलते हुए किया। उनके पास सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, जलापूर्ति एवं स्वच्छता, ऊर्जा, महिला एवं बाल विकास तथा सार्वजनिक निर्माण (सार्वजनिक उपक्रम) विभाग हैं।
इस अवसर पर सांसद रामराव वडकुते, जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण, सहायक आयुक्त संजय भुरेवाल, सहायक आयुक्त अमोल बळे, सहायक उद्योग अधिकारी प्रभाकर वटाणे, भावना बोर्डीकर सहित उद्यमी निलेश त्रिभुवन, धीरेन गिलानी, सुषमा मोरधानिया, बालासाहेब गिते और संतोष एकलारे उपस्थित थे। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परिषद को शुभकामनाएं दीं।
पालक मंत्री ने कहा कि परभणी में नए नियोजन भवन के साथ अब नया उद्योग भवन भी बनाया जाएगा। उद्योग स्थापना के लिए आवश्यक सभी अनुमतियां एक ही खिड़की से देते हुए ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ नीति लागू की जाएगी। साथ ही परभणी में शोध, नवाचार, इन्क्यूबेशन एवं प्रशिक्षण केंद्र (सीआईआईआईटी) की स्थापना कर बड़ा निवेश किया जाएगा। उद्योग भवन के माध्यम से समय-समय पर समीक्षा बैठकें लेकर परियोजनाओं को गति दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि जिले में पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा निर्माण के लिए भौगोलिक दृष्टि से अनुकूल वातावरण है और सौर ऊर्जा उत्पादन में परभणी का योगदान आवश्यक रहेगा। जिले में तिलहन का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है, इसलिए उस पर स्थानीय स्तर पर ही प्रक्रिया कर रोजगार निर्माण किया जाएगा। अकुशल श्रमशक्ति को प्रशिक्षण देकर कुशल मनुष्यबल तैयार किया जाएगा और उसके आधार पर नए प्रक्रिया उद्योग स्थापित किए जाएंगे, ताकि उत्पादों का मूल्यवर्धन कर वैश्विक बाजार तक पहुंचा जा सके। मुख्यमंत्री रोजगार निर्मिति कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में लगभग ८० हजार पंजीकरण हुए हैं।
परिषद में उद्यमी सुनील घैसासी ने ई-कॉमर्स क्षेत्र में लगभग ५०० करोड़ रुपये के निवेश की मंशा व्यक्त की, जबकि धीरेन गिलानी ने फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र में आगामी पांच वर्षों में लगभग १ हजार करोड़ रुपये का निवेश कर करीब १० हजार स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की योजना बताई। मेसर्स पालवी एग्री कंपनी के नितीन इंगोले ने ई-कॉमर्स क्षेत्र में ७५ करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी दी, वहीं निलेश त्रिभुवन ने बकरी पालन व्यवसाय में निवेश की घोषणा की।
सांसद रामराव वडकुते ने कहा कि दूसरे राज्यों के कुछ निवेशक भी परभणी में निवेश के लिए इच्छुक हैं। जिलाधिकारी संजयसिंह चव्हाण ने परंपरागत पद्धतियों से आगे बढ़कर नई तकनीक और आधुनिक उद्योगों को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि खेत से कंपनी और कंपनी से वैश्विक बाजार तक उत्पाद पहुंचाना लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने कृषि प्रक्रिया उद्योग, गोदाम एवं शीतगृह सुविधा, पर्यटन तथा उद्योग क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी पर भी मार्गदर्शन किया।
सुषमा मोरधानिया ने वसमत की हल्दी की तर्ज पर परभणी के उत्पादों के लिए भौगोलिक संकेतक (जीआई) मानांकन प्राप्त करने और ई-बाजार में पंजीकरण कराने का आह्वान किया। दलित इंडियन चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (डीआईसीसीआई) के अध्यक्ष डॉ. मिलिंद कांबळे ने कहा कि मराठवाड़ा में औद्योगिक विकास के लिए निवेश का अनुकूल वातावरण बन रहा है।
कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत मानोलीकर ने किया और आभार अनुप शुक्ला ने माना।
