सीपेक तो बहाना है, भारत को डराना है

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संसार में चीन एक मात्र ऐसा देश है जिसके बारे में कहावत है " ऐसा कोई सगा नही जिसको हमने ठगा नही"। चीन की यह नीति रही कि पड़ोसी देशों का अतिक्रमण किया जाय। हांगकांग और मकाऊ चीन ने पहले ही हड़प लिए हैं उसकी सीमाओं से सटे 14 देश…

ग्लोबलाइजेशन और लोकलाइजेशन मॉडल

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मेष संक्रांति के दिन हमारे गांव में हर साल मेला लगता है जिसमे पूरा गांव सम्मिलित होता है और मेले से घरेलू प्रयोग की हर वस्तु लेते हैं बनाने वाले सब आस पास गांव के ही होते हैं लेकिन दुर्भाग्य अब कोई मेला देखने जाता नही और दुकाने कम होती…

भारत बन रहा है दुनिया का फार्मेसी हब

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पिछले 8 वर्षों के दौरान भारत के ड्रग्स एवं फार्मा उत्पाद के निर्यात में 103 प्रतिशत की आकर्षक वृद्धि दर अर्जित की गई है। ड्रग्स एवं फार्मा उत्पाद के निर्यात वर्ष 2013-14 में 90,414 करोड़ रुपए के रहे थे जो 2021-22 में बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गए…

भारत में श्रम के साथ उद्यमिता का भाव जगाना भी जरूरी

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किसी भी आर्थिक गतिविधि में सामान्यतः पांच घटक कार्य करते हैं - भूमि, पूंजी, श्रम, संगठन एवं साहस। हां, आजकल छठे घटक के रूप में आधुनिक तकनीकि का भी अधिक इस्तेमाल होने लगा है। परंतु पूंजीवादी अर्थव्यवस्थाओं में चूंकि केवल पूंजी पर ही विशेष ध्यान दिया जाता है अतः सबसे…

आय में वृद्धि के चलते महंगाई का कम होता असर

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महंगाई (मुद्रा स्फीति) का तेजी से बढ़ना, समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेष रूप से समाज के गरीब एवं निचले तबके तथा मध्यम वर्ग के लोगों को आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक विपरीत रूप में प्रभावित करता है। क्योंकि, इस वर्ग की आय, जो कि एक निश्चित सीमा में ही रहती है,…

मछली को जीआइ टैग दिलाने की पहल शुरू

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जून में बिहार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग केंद्र को भेजेगा प्रस्ताव बिहार सरकार मिथिला की रोहू और सोन की कतला मछली को जीआइ टैग दिलाने की तैयारी में जुट गई है। पीएम मत्स्य संपदा योजना के तहत पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ने स्कीम पर काम शुरू कर…

भारत के पड़ौसी देशों को कैसे बर्बाद कर रहा है चीन

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चीन की एक विशेष आदत है, पहिले तो वह आर्थिक सहायता के नाम पर भारी भरकम राशि कर्ज के रूप में उपलब्ध कराता है और फिर उस कर्ज की किश्त समय पर अदा न किए जाने पर उस किश्त की राशि और ब्याज को अदा करने के लिए एक नया…

वैश्विक स्तर पर भारत का निरन्तर बढ़ता वर्चस्व

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नवीन वैश्विक परिवेश में भारत का वर्चस्व, उसकी अन्तर्राष्ट्रीय प्रतिष्ठा को बढ़ाने एवं राष्ट्रीय हितों की पूर्ति सहायक सिद्ध हो रहा है। यही कारण है कि यूक्रेन पर आक्रमण को लेकर रूस और अमेरीका सहित पश्चिमी देश भारत को अपने अपने पाले में लाने के निरन्तर प्रयास में लगे हुए…

विश्व में विचार पर विचारवाद का संकट

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  विचार वह ऊर्जा बिंदु है जो शक्ति का काम करता है। बिल्कुल चाकू की तरह। एक सर्जन की हाथ मे हो तो जान बचाने के काम आता है और अनाड़ी के हाथ मे हो तो मर्डर करने की दुश्चिंता बनी रहती है। दुनियाभर के महान सामाजिक चिंतकों ने मानव…

महंगाई से त्रस्त सामान्य जनता !

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किसी भी वस्तु की मांग जब तेज होती है तो उसकी कीमत बढ़ने लगती है और उसे महंगाई का नाम दिया जाता है। यह व्यक्ति के हर दिन के खर्चे को भी प्रभावित करती है और उसका असर पूरे परिवार पर नजर आता है। महंगाई के कारण देश की अर्थव्यवस्था…

भारत और जापान के आर्थिक एवं सामरिक रिश्ते

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भारत और जापान के बीच आध्यात्मिक बंधुत्व एवं सांस्कृतिक सभ्यता पर आधारित आपसी संबंधो का एक लम्बा इतिहास रहा है। वैसे तो भारत और जापान के आपसी रिश्तों की नींव  1600 ईस्वी तक पीछे चली जाती है परंतु हाल ही के समय में इन रिश्तों में बहुत गर्माहट आई है। आज…

हलाल कारोबार से जिहादी आतंकी फंडिंग

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इस्लाम मजहब के अनुयायियों के लिए हलाल शब्द बहुत महत्व भरा शब्द है। हलाल का आशय यह बताया जाता है कि मुस्लिम मतावलंबियों के लिए जो वस्तु वैध है वह हलाल है और जो वैध नहीं है वह हराम है। ऐसा भी बताया जाता है कि प्रारम्भ में इस्लाम-कुरान में…

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