हिंदी विवेक
  • Login
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
No Result
View All Result
हिंदी विवेक
No Result
View All Result
चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

by हिंदी विवेक
in ट्रेंडींग, समाचार..
0

विगत 6 सितम्बर 2026 को, अंधेरी मालपा डोंगरी की बस्ती में कक्षा पहली से महाविद्यालयीन ऐसे 6 समूहों में चित्रकला स्पर्धा का आयोजन किया गया। कुल 150 विद्यार्थियों ने उत्स्फूर्त सहभाग लिया। विशेष रूप से सभी सामान्य घरों के बच्चों का सहभाग था। ऐसी बस्ती के सर्जनशील व्यक्तियों के दिमाग में आने वाले विचारों और उन विचारों को कार्यान्वित करने के लिए उन्होंने जो परिश्रम किया, वह सही अर्थों में सामाजिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सिर्फ साथ चाहिए वह समाज की सृजनशील शक्ति का! और ऐसी सृजन मंडली हमेशा ही ऐसे उपक्रमों के पीछे दृढ़ता से खड़ी रहती है, इसलिए सर्जनशील कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ता रहता है। ‘सामाजिक बांधिलकी’ न्यूवेश भारत फेडरेशन संस्था को इस चित्रकला की स्पर्धा के आयोजन में सहभागी होने का सौभाग्य मिला।

वास्तव में चित्रकला यह विषय प्रत्येक विद्यार्थी के जीवन को भविष्य में सप्तरंगी आकार देने के लिए बाल अवस्था का मजबूत नींव का पत्थर है। चित्रकला की रुचि मानवीय जीवन और मानसिकता पर बहुत सकारात्मक प्रभाव डालती है। अनावश्यक विचारों को दूर करके विभिन्न प्रकार के मानसिक तनाव को शांत करने का काम विभिन्न कला की रुचि करती है।

 

चित्रकला के बारे में और अधिक कहना हो तो…, चित्र का मतलब केवल साफ-सुथरी रेखाएं नहीं हैं, बल्कि उन रेखाओं के आकार से व्यक्त हुई भावनाएं हैं। हम जो शब्द लिखते हैं, वे भी एक प्रकार का चित्र ही हैं। चित्र बनाते समय मन तो एकाग्र होता ही है, जिससे रोजमर्रा के जीवन की चिंता और तनाव को भूलने में सहायता मिलती है, एक प्रकार से ‘ध्यानधारणा’ (मेडिटेशन) जैसा काम करता है। सर्जनशीलता बढ़ती है, नए विचार आना, रंगों का चयन करना और कल्पनाशक्ति को कागज पर उतारना इससे मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ती है और नवनिर्माण की क्षमता विकसित होती है। अक्सर जो बातें शब्दों में नहीं कही जा सकतीं, वे चित्रों के माध्यम से आसानी से व्यक्त की जा सकती हैं। इसलिए यह मानसिक स्वास्थ्य सुधारने के लिए एक उत्तम माध्यम है।
एक अच्छा चित्र पूरा करने के लिए समय और धैर्य की आवश्यकता होती है। नियमित चित्रकला से किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित करने की क्षमता बढ़ती है। चित्रकला से हाथ की उंगलियों और आंखों का समन्वय साधकर उनका तालमेल सुधरता है। विशेष रूप से छोटे बच्चों में इससे उंगलियों और हाथ की मांसपेशियों का विकास अच्छा होता है।

चित्रकला की रुचि छोटे बच्चों के सर्वांगीण विकास पर अत्यंत सकारात्मक और गहरा प्रभाव डालती है। चित्रकला केवल एक शौक नहीं है, बल्कि बच्चों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के लिए एक उत्तम माध्यम है। बच्चों का मानसिक और बौद्धिक विकास हो रहा होता है। कागज पर अपने विचार उतारते समय बच्चों की कल्पनाशक्ति और नवनिर्माण की क्षमता बढ़ती है। चित्र पूरा करते समय बच्चे एक ही चीज़ पर ध्यान केंद्रित करना सीखते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता बढ़ती है।

आसपास की वस्तुओं, रंगों और प्रकृति का बच्चे बारीकी से अवलोकन करने लगते हैं। ब्रश, पेंसिल पकड़ने से बच्चों की उंगलियों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं। चित्र बनाते समय आंखें और हाथ का तालमेल, जो आगे चलकर लिखने के लिए भी उपयोगी साबित होता है। अक्सर बच्चे जो शब्दों में नहीं कह सकते, वह अपने चित्रों से (जैसे विशिष्ट रंग या आकार का उपयोग करके) आसानी से व्यक्त करते हैं। चित्रकला से बच्चों का मन शांत होता है। पढ़ाई या अन्य चीज़ों से आने वाला मानसिक तनाव कम होने में सहायता मिलती है।

चित्रकला और मानवीय विकास इस विषय पर बहुत कुछ व्यक्त किया जा सकता है। मूल रूप से मानवीय जीवन की उत्पत्ति की शुरुआत ही चित्र बनाने से हुई। धीरे-धीरे उन चित्रों का स्वरूप एक उपयोगी साधन में परिवर्ति

त होता हमने देखा है। उत्खनन में मिली हजारों वर्ष पहले की कलाकृतियों से वर्तमान के अनुसंधान को भी अलग-अलग आयाम मिलते गए हैं।

श्रीमती चित्रा ताई वैद्य कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। चित्रकला की स्पर्धा में नाम में ही ‘चित्रा’ वाली चित्रकारों ने चित्रा की रेखाओं से विचार और भावनाएं प्रकट करने की भावना विद्यार्थियों के सामने रखा। चित्रकला से केवल अपने मन को आनंद नहीं मिलता, बल्कि दूसरों के चेहरे पर मुस्कान खिलाने की क्षमता है। चित्रकला से मानसिक रोगियों, शारीरिक बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों, वृद्धाश्रम के व्यक्तियों को जीवन जीने की प्रेरणा दी जा सकती है। कला से उपचार पद्धति यह प्रभावी विधि अब सर्वमान्य होती जा रही है। ऐसे विचार चित्रा ताई वैद्य ने रखे।

श्री वामनराव पै के ‘जीवनविद्या मिशन’ के सदस्य, कार्यक्रम के प्रमुख वक्ता अजित पाताडे ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को उद्बोधन देते हुए कहा कि बालक को गढ़ने में अभिभावकों का सहभाग महत्वपूर्ण है। सद्गुरु वामनराव पै द्वारा विकसित उत्कर्ष के सात सूत्र बताए-कौतुक, कर्तव्य, कौशल्य, कुतूहल, करुणा, कष्ट, काटकसर का विस्तृत अर्थ उन्होंने समझाया।

अंधेरी के वर्तमान विधायक मुरजी पटेल ने उपस्थित रहकर विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं।
विजेता कहें तो सभी सहभागी ही विजेता हैं!

फिर भी उनमें उल्लेखनीय चित्रकार विद्यार्थियों को नकद राशि और शैक्षणिक भेंटवस्तुएं देकर सम्मानित किया गया, तो सभी सहभागी प्रतियोगियों को प्रमाणपत्र देकर गौरवान्वित किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक ॐकार की ध्वनि से और समाप्ति पासयदान से हुई। बिल्कुल सकारात्मक वातावरण में कार्यक्रम संपन्न हुआ। सामाजिक बांधिलकी और न्यूवेस भारत फेडरेशन के सामाजिक कार्य का सभी को परिचय करवाया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में सर्वश्री अशोक वैद्य (अवर सचिव, महाराष्ट्र शासन), संतोष घाडी, शिवराम राजापूरकर, प्रशांत बागवे, मनोज रोगे, संदीप गावडे, योगेश इलावडेकर, महेश तावडे, संदीप मोहिते तथा श्रीमती नंदा दाभोळकर इन ‘सामाजिक बांधिलकी’ मंच के कार्यकर्ताओं ने जो पहल की, वह प्रशंसनीय है।

न्यूवेश भारत फेडरेशन के मार्गदर्शक सर्वश्री सतीश तांबा, अनिल वनकुंदरे, अनिल पटवर्धन, मिलिंद फडके का विशेष मार्गदर्शन मिला।
इस स्पर्धा के नियोजन में समाज के प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष सभी सहभागी, सहकर्मियों के न्यूवेश भारत फेडरेशन और सामाजिक बांधिलकी सदैव ऋणी रहेंगे..!
दयानंद सावंत
न्यूवेश भारत फेडरेशन

Share this:

  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp

हिंदी विवेक

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हिंदी विवेक पंजीयन : यहां आप हिंदी विवेक पत्रिका का पंजीयन शुल्क ऑनलाइन अदा कर सकते हैं..

Facebook Youtube Instagram

समाचार

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लोकसभा चुनाव

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

लाइफ स्टाइल

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

ज्योतिष

  • मुख्य खबरे
  • मुख्य खबरे
  • राष्ट्रीय
  • राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • क्राइम

Copyright 2024, hindivivek.com

Facebook X-twitter Instagram Youtube Whatsapp
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वाक
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions
  • Disclaimer
  • Shipping Policy
  • Refund and Cancellation Policy

copyright @ hindivivek.org by Hindustan Prakashan Sanstha

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • परिचय
  • संपादकीय
  • पूर्वांक
  • ग्रंथ
  • पुस्तक
  • संघ
  • देश-विदेश
  • पर्यावरण
  • संपर्क
  • पंजीकरण

© 2024, Vivek Samuh - All Rights Reserved

0