गोरक्षा-आन्दोलन और वात्सल्य

Continue Reading गोरक्षा-आन्दोलन और वात्सल्य

कार्टून देखकर मैं थोड़ा हंस पड़ा था, किन्तु आंखें छलछला आयी थींइस अनुभव को लेकर मैंने कहानी लिखी थी, ‘गाय, बन्दूक और बच्चा।’ यह अंश भी मेरे उपन्यास ‘काली और धुआं’ में समाहित है।

End of content

No more pages to load