वीर बन्दा बैरागी का बलिदान

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बन्दा बैरागी का जन्म 27 अक्तूबर, 1670 को ग्राम तच्छल किला, पुंछ में श्री रामदेव के घर में हुआ। उनका बचपन का नाम लक्ष्मणदास था। युवावस्था में शिकार खेलते समय उन्होंने एक गर्भवती हिरणी पर तीर चला दिया। इससे उसके पेट से एक शिशु निकला और तड़पकर वहीं मर गया। यह देखकर उनका मन…

प्रताप सिंह बारहठ का बलिदान

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एक पुलिस अधिकारी और कुछ सिपाही उत्तर प्रदेश की बरेली जेल में हथकडि़यों और बेडि़यों से जकड़े एक तेजस्वी युवक को समझा रहे थे, ‘‘कुँअर साहब, हमने आपको बहुत समय दे दिया है। अच्छा है कि अब आप अपने क्रान्तिकारी साथियों के नाम हमें बता दें। इससे सरकार आपको न…

आजादी के मतवाले अमर शहीद हेमू कालाणी

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अमर शहीद हेमू कालाणी में राष्ट्रवाद की भावना का संचार बचपन में ही हो गया था, इतिहास गवाह है कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन में वीर सेनानियों ने, मां भारती को अंग्रेजों के शासन से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से,  देश के कोने कोने से भाग लिया था। इन वीर…

शहीद-हुतात्मा शब्दों की व्याख्या न बदलें

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शहीद हुतात्मा आदि शब्दों को सुनते ही मन में रोमांच की लहर दौड जाती है। फ्राचीन इतिहास हो, विदेशी आक्रमणकारियों के विरुद्ध लड़ाई हो, स्वतंत्रता संग्राम हो या फिर देश फर लादा गया युद्ध हो, हर बार देश की, समाज की, रक्षा करने के लिये स्वयं के फ्राणों की आहुति देनेवाले वीरों के चेहरे सामने आने लगते हैं ।

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