जयंती विशेष: त्यागमल से गुरु तेग बहादुर तक का सफर

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राष्ट्र और धर्म की रक्षा के लिए सिख धर्म गुरुओं द्वारा दिये गये बलिदान को कभी भी अनदेखा नहीं किया जा सकता है। भारत जब मुगलिया जंजीर में जकड़ा हुआ था तब सिख धर्म गुरुओं ने कड़ी लड़ाई लड़ी और अपने बच्चों तक का बलिदान दिया। गुरु गोबिंद सिंह जी ने…

पेशावर पर भगवा लहराया

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पेशावर पर बलपूर्वक कब्जा कर अफगानी अजीम खाँ की सेनाएँ नौशेहरा मैदान तक आ चुकी थीं। यह सुनकर महाराजा रणजीत सिंह ने हरिसिंह नलवा एवं दीवान कृपाराम के नेतृत्व में उनका मुकाबला करने को स्वराजी सैनिकों के जत्थे खैराबाद भेज दिये। महाराजा के साथ बाबा फूलासिंह अटक नदी के किनारे…

व्यर्थ न हो पुरखों का बलिदान

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आईएसआई के इशारे पर काम करने वाले समूह सिख्स फॉर जस्टिस के द्वारा झूठ की बुनियाद पर रेफरेंडम 2020 यानि जनमत संग्रह करने का प्रयास किया गया। जनमत संग्रह को सिख समाज ने खारिज कर दिया। इसी प्रकार नवंबर 2021 के प्रथम सप्ताह में लंदन में भी खालिस्तानी समर्थकों के द्वारा जनमत संग्रह करवाया गया, जिसमें लगभग तीन करोड़ पंजाबी जनता के मत लगभग 200 लोग तय करते देखे गए।

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