पाक जासूसों की सुरक्षा में सेंध लगाने की कोशिश नाकाम, पकड़े जाने पर बौखलाया पाकिस्तान

  • भारत पहुंचे पाक के जासूस लेकिन गिरफ्तार
  • पाक जासूसों के निशाने पर थे सेना के जवान
  • पाक दूतावास में वीजा विभाग में थे कार्यरत
  • सरकार ने 24 घंटे में भारत छोड़ने का दिया आदेश 
पाक के जासूस गिरफ्तार
भारतीय दूतावास में काम कर रहे पाकिस्तान के दो जासूसों को भारत ने रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है। यह दोनों देश की सुरक्षा से जुड़ी जानकारी इकट्ठा करने में लगे हुए थे। भारत ने दोनों को 24 घंटे की मोहलत दी और सोमवार तक भारत छोड़ने को कहा है। भारत सरकार की तरफ से पाक के राजदूत को एक नोटिस भी भेजा गया है और कहा गया कि इस तरह की हरकत बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जायेगी। जासूसी के आरोप में पकड़े गये दोनों का नाम आबिद हुसैन और ताहिर हुसैन है यह दोनों पाकिस्तान के वीजा विभाग में काम करते है। जानकारी के मुताबिक इनकी हरकतों पर एजेंसियों को बहुत पहले से शक था और इन पर नजर रखी जा रही थी लेकिन इन लोगों को उस समय रंगे हाथ पकड़ा गया जब यह लोग दिल्ली के करोल बाग मे एक एजेंट से जानकारी ले रहे थे।
 
सेना के जवानों को करते थे टारगेट
जानकारी के मुताबिक यह दोनों जासूस आबिद और ताहिर आईएसआई के लिए काम करते थे। ISI इन लोगों को कुछ आर्मी पर्सनल के नाम देती थी जिसे यह लोग टार्गेट करते थे। इन लोगों के पास से दिल्ली के पते का आधार कार्ड भी मिला है जिस पर गीता कोलोनी के पते है। यह लोग जिससे भी मिलते थे उससे खुद को भारतीय बताते थे। हालाकि इस बात की कोई जानकारी नही है कि यह कितने दिनों से इस काम में लगे थे और अब तक इनके हाथ क्या क्या लगा है। भारत सरकार ने तत्काल प्रभाव से इन्हे देश छोड़ने के लिए कहा है। सोमवार को इनको हर हाल में भारत छोड़ देना होगा।
पाक दूतावास का ड्राइवर करता था यह काम?
पुलिस क्राइम ब्रांच ने एक और शख्स को गिरफ्तार किया है जिसका नाम जावेद है और वह पाक उच्चायुक्त में ड्राइवर की नौकरी करता था उसका काम इन लोगो को पूरी दिल्ली घुमाता था। जावेद इन लोगों के लिए गैर कानूनी पेपर भी तैयार करवाता था और इनकी हर जरुरतों को पूरा करता था। रविवार को जावेद इनको लेकर करोल बाग एक मिंटिंग के लिए गया था लेकिन दरअसल यह लोग सेना के एक जवान को टार्गेट करने गये थे लेकिन इससे पहले ही इन्हे सुरक्षा एजेंसियों ने दबोच लिया। 
 
पाक का राजनीति रोना
उधर पाकिस्तान ने हर बार की तरह इस बार भी यह दलील दे रहा है कि यह सब सिर्फ राजनीति से प्रेरित है। पाक की तरफ से कहा गया कि यह एक सूनियोजित प्लान है और भारत पाकिस्तान को नीचा दिखाना चाहता है। पाक की तरफ से भारत का विरोध किया जा रहा है और इस जासूसी की घटना को गलत बताया जा रहा है।

आपकी प्रतिक्रिया...