क्या है राहुल को अध्यक्ष बनाने की मांग का सच ?

  • राहुल गांधी को अध्यक्ष बनाने की फिर से शुरु हुई मांग
  • आखिर वह कौन से नेता है जो राहुल को अध्यक्ष बनाना चाहते है
  • गांधी परिवार के अलावा किसी को क्यों नहीं मिलती अध्यक्षता

राहुल गांधी को एक फिर से कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाने की कवायद शुरु हो गयी है। हाल ही में हुई कांग्रेस की मीटिंग में कई पार्टी नेताओं ने यह कहा कि राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया जाए। पार्टी के नेताओं ने यह भी कहा कि इस समय सिर्फ राहुल गांधी ही एक चेहरा है जो विपक्ष के लिए दमदार आवाज़ बन सकती है। सोनिया गांधी ने गुरुवार को पार्टी के राज्यसभा सांसदों के साथ बैठक की इस दौरान तमाम विषयों पर पार्टी में चर्चा हुई खबरों की मानें तो इस दौरान ही पार्टी के नेता पीएल पुनिया और रिपुन बोरा सहित कई नेताओं ने सोनिया गांधी से राहुल को अध्यक्ष पद देने की मांग की। 
 
लोकसभा चुनाव 2019 में मिली कांग्रेस को करारी हार के बाद राहुल गांधी ने इसकी ज़िम्मेदारी खुद पर लेते हुए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और फिर सोनिया गांधी को पार्टी का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया। कांग्रेस पार्टी के इतिहास को उठाकर देखें तो ऐसे मौके बहुत ही कम देखने को मिले है जब गांधी परिवार के अलावा भी किसी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान संभाली हो और अगर अध्यक्ष पद मिला है तो वह भी बहुत ही कम समय के लिए।
 
 
राहुल गांधी ने बीते लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार पर खुद को जिम्मेदार बताया था और कहा कि हम जनता तक संदेश पहुंचाने में चूक गये और इसके साथ ही उन्होने पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि उस दौरान भी राहुल गांधी को अध्यक्ष पद देने से पहले ऐसी ख़बरें कांग्रेस की तरफ से फैलाई गयी थी कि पार्टी के कुछ नेता राहुल को अध्यक्ष बनाना चाहते है जबकि पार्टी सूत्रों की मानें तो यह सब सोनिया गांधी के कुछ खास लोगों की ही चाल रहती है क्योंकि गांधी परिवार कभी भी किसी बाहरी को अध्यक्ष पद नहीं देना चाहता। 
देश की सत्ता जब से मोदी ने संभाली है तब से कांग्रेस एक डूबती जहाज हो चुकी है और यही वजह है कि इसके पुराने से पुराने यात्री भी अब नई तलाश में नजर गड़ाये हुए है इसका उदाहरण मध्य प्रदेश और राजस्थान में देखने को मिल रहा है यह दोनों वह चेहरे है जो कभी राहुल गांधी के सबसे करीबियों में गिने जाते थे। दरअसल कांग्रेस पार्टी में युवा बनाम वृद्ध की लड़ाई पिछले काफी समय से जारी है और पार्टी में युवाओं को शामिल तो किया जाता है लेकिन उन्हे मौका नही मिलता जिससे पार्टी में आपसी फूट लगातार बढ़ती जा रही है। 
 
सोनिया गांधी को पिछले काफी समय से पेट में दर्द की शिकायत है जिसके लिए वह ज्यादातर अमेरिका अपने इलाज के लिए जाती रही है लेकिन गुरुवार शाम को सोनिया गांधी को दिल्ली के सरगंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया हांलाकि बाद में डाक्टर ने जानकारी देते हुए बताया कि उनकी तबियत बिल्कुल ठीक है और उन्हे सिर्फ नार्मल चेक अप के लिए भर्ती किया गया है। सोनिया गांधी को पिछले कई सालों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से जूझते देखा जा रहा है जिसके लिए वह कई बार विदेश भी जाकर इलाज करवा चुकी है लेकिन अभी भी पूरी तरह से वह स्वस्थ्य नही हैं। 

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