भारतीय रेलवे ने चीन के 44 वदे भारत ट्रेनों का टेंडर किया निरस्त

  • भारत रेलवे ने चीन को दिया आर्थिक झटका
  • 44 वंदे भारत ट्रेनो का टेंडर किया निरस्त
  • मेक इन इंडिया के तहत भारतीय कंपनियों को मिला काम
  • चीन को पूरी तरह से बाहर करना चाहता है भारत

भारत की तरफ से चीन को एक बार फिर से आर्थिक रुप से बड़ा झटका दिया गया है भारत ने चीन में तैयार होने वाली 44 अत्याधुनिक ट्रेनों के कांट्रैक्ट को रद्द कर दिया है। रेल मंत्रालय ने ट्वीट कर इसकी जानकारी साझा की और कहा कि 44 सेमी हाई स्पीड वंदे भारत ट्रेन की निविदा को रद्द कर दिया गया है। सरकार मेक इन इंडिया के तहत जल्द ही नई निविदा तैयार करेगी। रेलवे की तरफ से निकाली गयी इस निविदा में कुल 6 कंपनियां शामिल थी जिसमें एक चीनी कंपनी भी थी जिसके बाद भारत सरकार की तरफ से इसे रद्द करने का फैसला लिया गया है। 
 
रेलवे ने 44 ट्रेनों के वंदे भारत के टेंडर को रद्द कर दिया लेकिन इसके पीछे की वजह का खुलासा नही किया लेकिन ऐसी उम्मीद लगायी जा रही है कि इस निविदा को रद्द करने की वजह चीन की कंपनी को बाहर करना और मेक इन इंडिया को बढ़ावा देना है। सूत्रो के मुताबिक रेलवे को जैसे ही इस बात का पता चला कि इस टेंडर में एक चीनी कंपनी सबसे अधिक बोली लगाकर टेंडर लेने वाली है रेलवे ने इस टेंडर को ही कैंसल कर दिया क्योंकि रेलवे यह चाहता है कि यह प्रोजेक्ट किसी घरेलू कंपनी को मिले जिससे मेक इन इंडिया को बढ़ावा मिल सके और भारत के अंदर रोज़गार भी पैदा हो।
देश की चेन्नई रेलवे फैक्ट्री की तरफ से 10 जुलाई को यह निविदा जारी की गयी थी जिसमें कुल 6 कंपनियाँ शामिल थी लेकिन इसमें से 5 भारतीय मूल की थी जबकि एक चीनी कंपनी भी इस टेंडर को लेना चाहती थी जिसके बाद रेलवे ने इस निविदा को ही रद्द कर दिया। भारत की जो कंपनियां इस निविदा में शामिल है उसमें भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भारत इंडस्ट्रीज, इलेक्ट्रोवेव्स इलेक्ट्रानिक प्रा. लिमिटेड, मेधा सर्वो ड्राइवस प्रा. लिमिटेड और पावरनेटिक्स इक्विपमेंट प्रा. लिमिटेड शामिल थी जबिक चीन की सीआरआरसी कंपनि ने इस निविदा के लिए आवेदन किया था। 
 
भारत की तरफ से यह कोई पहली बार नहीं है जब चीन को बड़ा झटका दिया गया हो इससे पहले भी भारत ने अलग अलग आर्थिक क्षेत्रों में चीन को करारी शिकस्त दी है। चीन इस बार भारत के साथ दुश्मनी कर के फंस चुका है क्योंकि उसे भारत ने सीमा के साथ साथ आर्थिक क्षेत्र में कड़ी टक्कर दी है इसके साथ ही चीन के साथ ही दुनिका का कोई देश खड़ा नहीं है। अमेरिका हर दिन चीन को चेतावनी देता रहता है कि अगर उसने किसी भी तरह का दुस्साहस किया तो अमेरिका उसे मजबूत जवाब देगा।    

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