इन 5 योग से खत्म होगा घुटने का दर्द.

शरीर के किसी भी अंग में अगर दर्द होता है तो दवा का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन शरीर में दर्द ना हो इसके लिए योग किया जाता है हालांकि यह अलग बात है कि योग करने वालो की संख्या काफी कम है और जो योग कर रहे है उनमें से अधिकतर वह लोग है जो किसी ना किसी बिमारी से पीड़ित है जबकि ऐसे लोगों की संख्या बहुत ही कम है जो बिना किसी बिमारी के ही योग कर खुद को स्वस्थ्य रख रहे है। शरीर के सभी अंगों को स्वस्थ्य रखने के लिए अलग अलग योग है और पूरे शरीर को स्वस्थ्य रखने के लिए भी योग है लेकिन कुछ ऐसी भी परेशानियां है जिससे ज्यादातर लोग जूझते है इनमें से एक है घुटने का दर्द जो एक उम्र के बाद सभी को होता है और इसका कोई ऐसा इलाज नहीं है जिससे यह फिर से पूरी तरह से ठीक हो सके। योग के निरंतर अभ्यास से बड़े से बड़ा रोग खत्म हो जाता है लेकिन अगर योग सही तरीके से नहीं किया जाए तो इससे दर्द खत्म होने की जगह बढ़ भी जाता है। 
 
घुटनों के दर्द से बहुत से लोग परेशान रहते है और इसके इलाज के लिए अंग्रेजी, होमयोपैथिक और आयुर्वेदिक दवाओं का इस्तेमाल करते है लेकिन फिर भी यह दर्द पूरी तरह से खत्म नहीं होता है हम घुटने के दर्द के लिए कुछ योग बता रहे है जो दर्द से राहत दिला सकते है। 
 
वीरासन
इस योगासन के दौरान सबसे पहले आप घुटनों का बल बैठ जाएं। हाथों को घुटनों पर रख दें। अपने घुटनों को करीब लाएं जिससे दोनों पैरों के बीच में दूरी बन जाएगी। अब आप अपने टखनों को बाहर की तरफ रखें और धीरे धीरे नितंब को नीचे की तरफ अपने पैरों पर रख दें। आप के पैर के पंजे बाहर की तरफ खुले रहेंगे। अगर पहली बार यह योग करने में परेशानी हो रही है तो आप नितंब के नीचे छोटा तकिया भी रख सकते है जिससे आप को बैठने में आसानी होगी। इस योग को वीरासन कहते है। इस मुद्रा में कम से कम 30 सेकेंड तक जरुर रहें। इसे दो से तीन बार करने की कोशिश करें। 
 
मलासन
इस योगासन के नाम से ही साफ होता है कि यह मल त्यागने का आसन है। जैसे हम मल त्यागने के लिए बैठते है वैसे ही यह योग करना है। इस योग के करने से पैर और कमर में रक्त संचार तेजी से होता है जिससे घुटने के दर्द और कमर दर्द में बहुत आराम मिलता है। इस योग को करने के लिए पहले सीधे खड़े हो जाएं फिर दोनों पैरों के बीच में थोड़ी जगह बना लें और हाथ को प्रार्थना की मुद्रा में जोड़ लें। अब धीरे धीरे नीचे बैठने का प्रयास करें। याद रहे इस दौरान आप के हाथ सीने के सामने होना चाहिए और बैठने के साथ ही सांस बाहर की तरफ छोड़े। बैठने के बाद यह मलासन की स्थिति होगी। इस स्थिति में भी कम से कम 30 सेकेंड तक बैठें।    
 
मकरासन
मकरासन यानी मगरमच्छ वाला आसन। इस आसन में व्यक्ति मगरमच्छ की तरफ पेट के बल लेट जाता है और शांत मुद्रा में पड़ा रहता है जिससे उसका रक्त संचार तेजी से होता है और कमर दर्द व घुटने के दर्द में लाभदायक होता है। इस योगासन लिए सबसे पहले आप पेट के बल लेट जाए। दोनों पैरो के बीच एक सामान्य दूरी बनाए रखें और पैर को सीधा रखें। अब अपने सिर को उपर उठा लें और दोनों हाथों को आपस में बांध कर सिर को उसके उपर टिका दें। अब धीरे धीरे सांस लें और मन को शांत होने दें। इस आसन से घुटने के दर्द और कमर दर्द में लाभ होगा। 
 
गरुड़ासन
घुटने के दर्द के लिए गरुड़ासन एक बेहरत योग है जिसके नित्य प्रयोग से जटिल से जटिल दर्द भी खत्म हो सकता है। गरुड़सान योग के लिए आप एक समतल जमीन पर खड़े हो जाएं और फिर दाएं पैर को थोड़ा उपर उठा लें अब बाए पैर पर खड़े हो जाए और दांए पैर को बांए पैर के सामने से घुमाते हुए पीछे की ओर ले जाएं। अब आप का दाया पैर बाएं पैर को पूरी तरह से लपेटा हुआ दिखना चााहिए। अब दोनों हाथों को आगे ले जाएं और कोहनी से एक दूसरे को क्रास कर लें। अब आप का दांया हाथ बाएं हाथ पर होना चाहिए और दोनों हाथों को प्रणाम की मुद्रा में लाने की कोशिश करें। अधिकतम एक मिनट तक इसी मुद्रा में रुकने का प्रयास करें। 
 
 
त्रिकोणासन
त्रिकोणासन यानी तीन कोनों वाला आसन। इस आसन में हमारा शरीर तीन कोनों में झुकता है जिससे घुटने और कमर में रक्त संचार प्रचुर मात्रा में होता है। इस योगासन के लिए सबसे पहले आप सीधे खड़े हो जाएं फिर दोनों पैरों के बीच में करीब 2 फीट की दूरी बना लें। लंबी सांस ले और फिर उसे छोड़ते हुए शरीर को दाई तरफ झुकाएं और दांए हाथ को दाएं पैर के पास जमीन पर रखें जबकि बाएं हाथ को कान के सीध में उपर की तरफ ले जाएं। इस दौरान आप की नजर बाएं हाथ की उंगलियों पर होनी चाहिए। याद रहे इस दौरान घुटने मुड़ने नहीं चाहिए। यह प्रक्रिया दूसरी तरफ से भी दोहराएं। 
 

 

योगासन के समय सावधानियां
योगासन के समय कुछ सावधानियों का भी ध्यान रखना पड़ता है अन्यथा योग के दुष्परिणाम आप के शरीर पर पड़ सकते है। योग करने से पहले आप को बहुत सारी बातों का ध्यान रखना चाहिए जिससे ना सिर्फ आप योग सही तरह से कर पायेंगे बल्कि इसका प्रभाव भी आप के शरीर पर पड़ेगा। योग करने से पहले आप को एक समतल स्थान का चुनाव करना होता है जहां एक चटाई या मैट बिछा हुआ हो। योग सुबह के समय करना चाहिए क्योंकि इस समय हमारा पेट खाली होता है और मन भी शांत होता है। योग से पहले हल्का व्यायाम जरुर करें। गर्भवती महिला, कमर दर्द, पीठ दर्द, और स्लिप डिस्क की शिकायत वालों को यह योग करने से पहले डाक्टर से एक बार सलाह जरुर लेना चाहिए। अगर योग के बाद आप को किसी भी तरह का दर्द होता है तो योग ना करें और जरुरत हो तो डाक्टर से भी मिले। 

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