गायत्री मंत्र के इन फायदों से आप भी होंगे अनजान!

ऊँ भूर भुवः स्वः तत् सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात् 

भावार्थ: हम उस ईश्वर का ध्यान करते है जिसने संसार का उत्पन्न किया है, जो पूजनीय है, जिसके पास ज्ञान का भंडार है, जो पाप और अज्ञान को दूर करता है, वह ईश्वर जिसने हमें प्रकाश और सत्य का मार्ग दिखाया और चलने के लिए प्रेरित किया।   
धर्म ग्रंथों और शास्त्रों में गायत्री मंत्र का गुणगान किया गया है। हिंदू धर्म में इस मंत्र का बहुत ही महत्व है। यह परिवार के सभी सदस्यों को कंठस्थ होता है और मुख पर हमेशा रहता है। तमाम ऋषि मुनि इसका निरंतर जाप करते है और इस मंत्र का गुणगान भी करते है। गायत्री मंत्र में तीनों देवों ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वर्णन किया गया है इसलिए इससे निरंतर जाप से बहुत से लाभ मिलते है। इस मंत्र में इतनी शक्ति है कि इसके नियमित जाप करने से आप से आस-पास से नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जायेंगी।  गायत्री मंत्र में कुल 24 अक्षर होते है इनको 24 शक्तियों और सिद्धियों के समान बताया गया है। ऋषियों ने गायत्री मंत्र को भौतिक जगत में सभी मनोकामना पूर्ण करने वाला मंत्र बताया है। 
 
गायत्री मंत्र का जाप कब करें? 
हिन्दू धर्म में किसी भी मंत्र जाप या पूजा का समय सूर्योदय से पहले का माना गया है। इस समय हमारा मन शांत और एकाग्र होता है। गायत्री मंत्र का जाप भी सूर्योदय से पहले शुरू करना चाहिए और सूर्योदय होने तक यह चलना चाहिए। इसके बाद आप दोपहर में भोजन से पहले भी इस मंत्र का जाप कर सकते है। यह आप के शरीर, मन और वातावरण के लिए लाभदायक होता है लेकिन रात्री में इसके जाप को हानिकारक बताया गया है। 
 
गायत्री मंत्र के लाभ
धार्मिक नियमों का पालन करते हुए अगर इस मंत्र का जाप किया जाता है तो इससे परिवार में खुशहाली होती है, मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है।इससे मुख पर एक अलग प्रकार का तेज देखने को मिलता है साथ ही दुख और दरिद्रता कम होती है। किसी भी कार्य में सफल होने के लिए भी इसका जाप करना फायदेमंद बताया जाता है। कुछ लोग तो इसे संतान प्राप्ति में भी लाभदायक बताते है। 
 
गायत्री मंत्र का जाप कितनी बार करें? 
वैसे तो एक दिन में इसका जाप एक माला यानी कि 108 बार करना चाहिए। अगर आप ऐसा करते है तो इससे आप को शारीरिक और मानसिक लाभ होगा। व्यक्ति को दिन में कम से कम 3 माला का जाप यानी कि 308 बार गायत्री मंत्र बोलना चाहिए इससे आप के सभी पाप 9 दिन में धुल जायेंगे। 
गायत्री मंत्र वेदों का एक महत्वपूर्ण मंत्र है जिसको ऊँ के बराबर माना गया है। यह यजुर्वेद और ऋग्वेद छन्द को मिलाकर बना है। ऐसा भी कहा जाता है कि इसके उच्चारण से ईश्वर की प्राप्ति हो सकती है। आप सभी से निवेदन है कि आप भी गायत्री मंत्र का पाठ जरूर करें। 

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