योगासन: गर्दन के असहनीय दर्द से पायें छुटकारा

मानव ने जब से धरती पर जन्म लिया तब से एक अच्छा जीवन जीवन जीने की कोशिश की और यही वजह रही कि इंसानों ने बहुत कुछ बदल दिया जो उनके जीवन को सरल और आसान बनाता है। कभी जंगलों में रहने वाला इंसान अब आलीशान घरों में रहता है और अब जंगल करीब करीब खत्म होने की कगार पर पहुंच रहे है। इंसान ने खुद के शौक के लिए बहुत कुछ हासिल कर लिया लेकिन अब कहीं ना कहीं वह उससे ज्यादा अपना सबकुछ खो रहा है। इंसान ने उस चीज की इज्जत नहीं की जो उसे मुफ्त में मिल गयी, हम बात कर रहे है प्राकृतिक संपदा की, जबकि इंसान जो भी अपने भौतिक सुख के लिए बनाया उसकी बहुत इज्जत करता है लेकिन अगर देखा जाए तो वह उसके लिए हानिकारक होती है।

हर व्यक्ति भौतिक सुख की चाह में ज्यादा समय तक काम करता है जिससे उसे भौतिक सुख की प्राप्ति तो हो जा रही है लेकिन वह अपने शरीर का कितना नुकसान कर रहा है यह उसे शायद नहीं पता या फिर वह उसे पता नहीं करना चाहता है। ज्यादा समय तक काम करने की वजह से इंसान को तमाम तरह की शारीरिक परेशानियों से गुजरना पड़ता है। वैसे तो शारीरिक परेशानियों में बहुत कुछ है लेकिन हम आज गर्दन के दर्द का जिक्र कर रहे है कि यह क्यों होती है और इससे कैसे बचा जा सकता है। हम शरीर को एक मशीन की तरफ इस्तेमाल करते है और इसमें जरुरत से ज्यादा काम लेते है जिससे यह जल्दी खराब हो रही है।

दुनिया में टेक्नॉलिजी ने बहुत ही तेजी से प्रवेश किया जिससे अब कम्यूटर पर ज्यादातर काम होने लगे है और लोग इसे अपने घरों से भी कर रहे है लेकिन इससे नुकसान यह है कि काम के दौरान लोगों को एक ही मुद्रा में लम्बे समय तक बैठता पड़ता है जिससे गर्दन संबंधी बिमारी जल्दी शुरु हो जाती है। आजकल गर्दन दर्द (सर्वाइकल) का प्रभाव बहुत ही तेजी से देखने को मिल रहा है और इसकी स्थाई कोई दवा भी नहीं है इसे योग और व्यायाम के माध्यम से ही कम या खत्म किया जा सकता है।

गर्दन दर्द से छुटकारा पाने के योग आसन

  1. शिशु आसन
  2. नटराज आसन
  3. गौ मुद्रा
  4. त्रिकोण आसन
  5. शव आसन

शिशु आसन-
यह आसन करने में बेहद ही आसान होता है। इस आसन से गर्दन, पेट और मस्तिष्क संबंधी बिमारी में राहत मिलती है। इस आसन के नियमित करने से आप का मन भी शांत होता है जिससे आप को तनाव में राहत मिलती है।

नटराज आसन-
यह जमीन पर लेट कर करने वाला आसन है। इस आसन के दौरान आप के शरीर पर ज्यादा बल का इस्तेमाल नहीं होता। यह शरीर को राहत और मन को शांति देने वाला आसन है जिससे मस्तिष्क का तनाम कम होता है और मन शांत होता है। इस आसन के करने से गर्दन के दर्द को भी राहत मिलती है।

गौ मुद्रा आसन-
गौ मुद्रा नाम से ही साफ होता है कि इस आसन में गाय की मुद्रा जैसा शरीर को करना पड़ता है। इस आसन के भी कई लाभ है जिसमें कमर, गर्दन, जांघ और मस्तिष्क को लाभ मिलता है। शरीर को टेबल की मुद्रा में रखकर कर यह आसन किया जाता है।

त्रिकोण आसन-
त्रिकोण आसन गर्दन और कमर दर्द के लिए विशेष लाभदायक है। इस आसन को करने से पहले पेट पूरी तरह से खाली होना चाहिए लेकिन यह आसन आप उतने समय तक ही करें जब तक आप इसे आसानी से कर सकते है इस आसन के दौरान जब आप को दर्द की अनुभूति होने लगे तो इसे बंद कर दें।

शव आसन-
यह आसन सभी आसनों में सबसे आसान आसन होता है क्योंकि इसमें कुछ करना नहीं होता है। सिर्फ आप को पैरों को थोड़ा खोलकर सो जाना होता है। इस आसन के अनगिनत फायदे भी है। इससे मन शांत और तनाव मुक्त होता है साथ ही शरीर के हर भाग को आराम मिलता है।

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