अविस्मरणीय अटल स्मृति उद्यान

मुंबई के उपनगर बोरीवली पश्चिम के शिंपोली क्षेत्र में स्थापित अटल स्मृति उद्यान महान राष्ट्रनेता अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों को समर्पित है। यहां अटलजी के जीवन के कई प्रेरक प्रसंगों और घटनाओं को जिस तरह से संजोए रखा है वह अविस्मरणीय है।

अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति का ऐसा ध्रुव तारा है, जिसका स्थान सदियों तक कोई नहीं ले सकता। उनके बारे में मीडिया, सोशल मीडिया में बहुत कुछ पढ़ा, लिखा और देखा; लेकिन सही मायने में उनकी प्रेरक जीवनी का दर्शन करने का सौभाग्य मुझे अटल स्मृति उद्यान में मिला। कहने को तो यह एक उद्यान है लेकिन सही अर्थों में तो इसे अटल स्मृति ही कहा जाएगा।

हाल ही में मुंबई उपनगर बोरीवली पश्चिम, शिंपोली क्षेत्र स्थित अटल स्मृति उद्यान में मैं गया था। वहां पर अटल स्मृति से जुड़े मैंने जो नज़ारे देखे वे मंत्रमुग्ध करने वाले और नई चेतना व ऊर्जा देने वाले थे। राष्ट्रभक्ति की निर्मल धारा वहां पर बहती हुई दिखाई दे रही थी और कण – कण में अटल जी के महान कार्यों की गूंज सुनाई दे रहीं थी।

जब मैं उद्यान के भव्य प्रवेश द्वार के सामने खड़े होकर दूर से उद्यान को निहार रहा था तब ऐसा लग रहा था मानो अटल स्मृति की विराट किलेनुमा दीवारें मुझे अंदर आने के लिए प्रेरित कर रही हैं और बुला रही हैं। अंदर जाने पर सर्वप्रथम डिजिटल संविधान के दर्शन हुए, जो भारतीय संविधान के प्रति सम्मान को दर्शाता है। उससे आगे बढ़ने पर अटल बिहारी वाजपेयी की एक बड़ी आदमकद आकर्षक प्रतिमा का साक्षात्कार हुआ। नजर उन्हीं पर टिकी की टिकी रह गई। उनके ठीक पीछे संसद भवन का स्वरूप दिखाई दे रहा था। देखने मात्र से ऐसा लग रहा था जैसे आप दिल्ली के संसद भवन में आ गए हैं। आस – पास का नजारा भी विहंगम है। आइये जानते हैं अटल प्रदर्शनी की कुछ खास बातें …

अटल तपस्वी स्वयंसेवक

अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन की सबसे खास घटनाओं को इस अटल प्रदर्शनी में सहेजा गया है। प्रदर्शनी के अन्दर प्रवेश करते ही बाहरी दुनिया से आप अलग होकर अटल युग में चले जाएंगे। एक ओर संघ प्रार्थना की मधुर ध्वनि आपको भावविभोर करती हुई हर्षित करती है तो आजीवन अटल बिहारी वाजपेयी जी के एक स्वयंसेवक होने की याद भी दिलाती है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक समर्पित तपस्वी स्वयंसेवक थे। संघ से प्रेरित होकर उन्होंने देश, धर्म और समाज की सेवा की। एक स्वयंसेवक के रूप में उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणादायी है।

अटल उद्यान नाम से मेट्रो स्टेशन

अटल बिहारी वाजपेयी जी के विचार और उतुंग व्यक्तिमत्व जिवंत करने वाले एवं अविस्मरणीय, अद्भुत रूप लिए यह अटल स्मृति उद्यान है। यह अटल स्मृति उद्यान स्थायी रूप से युवा पीढ़ी के लिए हमेशा प्रेरणादायी व मार्गदर्शक रहेगा। अटल जी का व्यक्तित्व अथाह सागर की तरह बहुत ही गहरा है। आज भी अटल जी के प्रेरक व्यक्तित्व एवं उनके विचार देश के लिए प्रासंगिक व दिशादर्शक हैं। उन्होंने ही नए भारत की संकल्पना दी थी। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने नेतृत्व में नए भारत की संकल्पना को प्रत्यक्ष रूप से जमीन पर उतार रहे हैं। विनोद तावड़े जी ने इसके पूर्व अनेक कार्य किए लेकिन अटल स्मृति उद्यान यह तावड़े जी के जीवन का सर्वोत्तम काम है। आगामी समय में उद्यान के पास नया मेट्रो स्टेशन बनाया जाएगा, जिसे अटल स्मृति उद्यान स्टेशन नाम दिया जाएगा।

-देवेंद्र फड़णवीस, मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र

परमाणु परीक्षण

कुछ कदम आगे जाने पर पोखरण परमाणु विस्फोट का विकराल दृश्य सामने दिखाई दिया। सहज रूप से भारत द्वारा किए गए परमाणु परीक्षण की याद ताजा हो गई। स्मरण हो आया जब अटल जी ने परमाणु परीक्षण का साहसिक निर्णय कर दुनिया की नजरों से बच कर परमाणु विस्फोट कर डाला, तब दुनिया आश्चर्यचकित रह गई और भारत की शक्ति का लोहा माना। अमेरिका के अनेक प्रतिबंधों के बावजूद अटल जी अपनी राष्ट्र रक्षा की नीति से टस से मस नहीं हुए। अंतरराष्ट्रीय दबाव को झेलते हुए अटल जी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कई अहम् कदम उठाए।

कारगिल युद्ध

इसके बाद कुछ दूरी पर सेना का एक बंकर दिखाई दिया, जिसे देख कर सहज ही कारगिल युद्ध की याद आ गई। मुझे यह समझते देर नहीं लगी कि यह कारगिल युध्द की स्मृति में बनाया गया है। पाकिस्तान द्वारा भारत पर थोपे गए कारगिल युद्ध के जवाब में प्रधानमंत्री अटल जी के नेतृत्व में भारतीय सेना द्वारा मुंहतोड़ जवाब दिया गया था। इस युद्ध में पाकिस्तान की कायर सेना भाग खड़ी हुई। पाकिस्तान की हार के साथ ही इसमें अमेरिका और चीन की भी पराजय हुई थी; क्योंकि पाकिस्तान को इनका समर्थन प्राप्त था।

आपातकाल

प्रदर्शनी में एक कालकोठरी भी बनाई गई है। जिसमें एक नारा लिखा हुआ है-

सम्पूर्ण क्रांति अब नारा है, भावी इतिहास हमारा है।

सिंहासन खाली करों, के जनता आती है..

वर्ष 1975 में कांग्रेसी प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने जब तानाशाही का रवैया अपनाते हुए देश में आपातकाल लगाया था तब उन्होंने इसका विरोध करने के कारण अटल जी को कारागृह में बंद कर दिया था। यह उसी की याद में और लोकतंत्र की हत्या कर आपातकाल लगाने की याद में बनाया गया है। ताकि आने वाली पीढ़ी यह भी देखे कि कैसे कांग्रेस की सर्वेसर्वा नेता इंदिरा गांधी ने अपने पद व पावर का दुरूपयोग कर लोकतंत्र की हत्या की थी और कैसे आपातकाल हटाने के लिए अटल जी के साथ लाखों की संख्या में लोगों ने संघर्ष किया था।

इसके अलावा लेखन, कविता, पत्रकारिता व साहित्य क्षेत्र में उनके योगदान को भी दर्शाया गया है। भारत रत्न और पद्म विभूषण पुरस्कार से सम्मानित अटल जी के स्मृति में हुबहू पुरस्कार रखे गए हैं, जो देश में किए गए उनके महान कार्यों को रेखांकित करते हैं।

संयुक्त राष्ट्र संघ में अटल जी द्वारा दिया गया हिंदी में भाषण और अटल जी के हिंदी प्रेम को दर्शाती प्रदर्शनियां भी लगाई गई है। कुल मिला कर देखा जाए तो इस प्रदर्शनी में अटल जी से जुड़ी विश्व प्रसिद्ध घटनाओं की स्मृतियों को संग्रहित किया गया है। वाजपेयी जी का संक्षिप्त जीवन, उनसे जुड़ी विभिन्न घटनाएं, काव्य को ऑडियो – वीडियो के रूप में चित्रित किया गया है।

रोमांच से भरपूर

अटल बिहारी वाजपेयी एक नेता नहीं बल्कि परिवार के वरिष्ठ व्यक्ति की तरह थे। अटल स्मृतियों को देख कर लगता है कि यह कुछ अलग है। वाजपेयी जी ने अपने जीवन में जितना कार्य और संघर्ष किया, उसे स्मरण करने मात्र से शरीर के रोएं – रोएं खड़े हो जाते हैं। शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है और रोमांच से भर जाता है। अटल बिहारी वाजपेयी जी की विचारधारा को हम आगे बढ़ाते जाएंगे।

-उद्धव ठाकरे, शिवसेना प्रमुख

अटल संदेश (होलोग्राम)

इस उद्यान में सबसे अधिक पसंदीदा व आकर्षण का केंद्र है अटल संदेश (होलोग्राम)। एक बार अटल जी का साक्षात् संदेश देखने सुनने के बाद आप इसे कभी नहीं भूल पाएंगे। होलोग्राम में अटल जी का एक वीडियो संदेश दिखाया जाता है। अटल जी के अनमोल, प्रेरक, राष्ट्रभक्ति से ओत – प्रोत संदेश मन मष्तिष्क में छपते चले जाते हैं। अटल जी के एक – एक शब्द में राष्ट्रभक्ति का एक गहरा भाव छुपा हुआ है। ऐसा लगता है अटल जी साक्षात् हमारे सामने आकर हमसे संवाद कर रहें हैं। इस अद्भुत विहंगम दृश्य को देख कर रोम – रोम हर्षित व पुलकित हो जाता है।

प्रधानमंत्री कार्यालय

प्रधानमंत्री कार्यालय की तर्ज पर छोटे तौर पर यहां भी आलिशान भव्य प्रधानमंत्री कार्यालय की रचना की गई है, जिसे देख कर दिल्ली के असली प्रधानमंत्री कार्यालय आने की अनुभूति होने लगती है। सब कुछ हकीकत जैसा प्रतीत होने लगता है। अटल स्मृति उद्यान बनाने वालों की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है।

अटल प्रश्न मंजूषा (केबीसी)

प्रधानमंत्री कार्यालय से ही सट कर केबीसी स्टूडियो बनाया गया है। ‘कौन बनेगा करोड़पति’ की तर्ज पर अटल प्रश्न मंजूषा का निर्माण किया गया है। इसमें एक साथ 4 प्रतियोगी हिस्सा ले सकते हैं। अटल जी के जीवन से जुड़े सवाल किए जाते है। सामान्य ज्ञान और मनोरंजन की दृष्टि से यह अनोखा व लोगों के आकर्षण का केंद्र है। मैंने भी इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था और विजयी भी हुआ। अटल जी के बारे में जानने के कारण मैंने सभी प्रश्नों के सबसे पहले सही जवाब दिए इसलिए मैं जीत गया। इसके पूर्व जब मुझे स्क्रीन पर विजयी घोषित किया गया तो मेरी ख़ुशी का कोई ठिकाना नहीं था। मैं ख़ुशी से फूला नहीं समां रहा था। इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर मुझे बेहद प्रसन्नता हुई। यही सुखद अनुभव सभी लोगों का था।

बोरीवली का वैभव

मैं तावड़े जी को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने उस महान व्यक्ति के नाम का स्मृति उद्यान बनाया, जिन्होंने हमारे देश की राजनीति को सही दिशा प्रदान की। महान हस्तियों के नाम पर हमारे बोरीवली में विभिन्न प्रकार के प्रकल्प हैं। इन सभी परियोजनाओं का वैभव अटल स्मृति उद्यान के निर्माण से बढ़ गया है। हम सब संकल्प करें कि हम अटल जी द्वारा दिए गए विचारों को अपने दैनिक जीवन में अपना सकें।

-गोपाल शेट्टी, सांसद, भाजपा

भव्य सभागार (एमपी थिएटर)

उद्यान में बनाए गए भव्य सभागार (एमपी थिएटर) में परदे पर अटल स्मृति उद्यान कैसे बना, उसे बनाने में किन – किन का योगदान है, इस बारे में संक्षेप में एक छोटी फिल्म दिखाई गई। मुझे बताया गया कि इस थिएटर में विभिन्न प्रकार के सामाजिक कार्यक्रम भी किए जाते हैं। कुछ दिनों पूर्व यहां पर पूर्व सैनिकों के सम्मान में कार्यक्रम किया गया था। सभागार के चारों ओर राष्ट्र पुरुषों की तस्वीर लगाई गई हैं। इसमें डॉ. बाबासाहब आंबेडकर, रवींद्रनाथ ठाकुर, सरोजनी नायडू, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, देशबंधु चित्तरंजन दास, मोरारजी देसाई, चौधरी चरण सिंह, अबुल कलाम आजाद, मदन मोहन मालवीय, दादाभाई नौरोजी, लोकमान्य तिलक, लाला लाजपत राय आदि महापुरुष शामिल हैं।

एमपी थिएटर के समीप विशाल मंडपनुमा खुली जगह रखी गई है। जिसमें एक साथ हजारों की संख्या में लोग समा सकते हैं। यहां पर अनेक प्रकार के सांस्कृतिक व सामाजिक कार्यक्रम किए जा सकते हैं।

वाचनालय

ज्ञानवर्धन के लिए यहां पर वाचनालय भी बनाया गया है। लगभग 2000 से अधिक पुस्तकों का भंडारण किया गया है। हिंदी, मराठी और अंग्रेजी भाषाओं में प्रचुर मात्रा में पुस्तकें उपलब्ध हैं। कहानी, बायोग्राफी, ओटो बायोग्राफी, फिक्शन, नोंन फिक्शन, राजनीति, इतिहास, साइंस, आर्ट, डिक्शनरी, कविता, लैंग्वेज, साहित्य और विशेष रूप से भारतीय महापुरुषों की प्रेरणादायी पुस्तकों सहित हिंदी विवेक व विवेक समूह की पुस्तकें भी बहुतायत में मौजूद हैं। इसके साथ ही छात्रों की शिक्षा में सुविधा के लिए यूपीएससी, एमपीएससी, बिजनेस, इकोनमी, हेल्थ, आदि शैक्षिक पुस्तकें भी रखी गई हैं। लाइब्रेरियन अक्षरा सोमण ने बताया कि आने वाले समय में मांग के अनुरूप विविध प्रकार की पुस्तकें मंगाई जाएंगी।

अटल स्मृति उद्यान की सारी जानकारी मुझे जुनियर सुपर वाइजर श्री पराग जी मोतीराम ने दी। उन्होंने मुझे एक गाइड की तरह  साथ रह कर अटल स्मृति की विशेषताएं बताई। इसलिए मैं उनका तहे दिल से आभारी हूं।

गौरतलब है कि अटल स्मृति उद्यान का उद्घाटन करने आए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि अटल जी की स्मृति में बनाया गया यह उद्यान कोई साधारण उद्यान नहीं है। यह स्मृति उद्यान अटल जी का व्यक्तित्व जीवित रखने का महान कार्य करेगा। इस उद्यान में अटल जी आपके साथ बात करते हैं, यह आभास उत्पन्न होता है। इस स्मृति उद्यान का पूरा श्रेय विनोद तावड़े जी को है। अटल जी की विशिष्टता यह थी कि वह एक भावुक व्यक्ति थे लेकिन साथ ही वे कड़े व्यक्तित्व के भी थे। उन्हें देखते ही राष्ट्रभक्ति की भावना निर्माण होती थी। उनका जीवन त्याग, समर्पण और संघर्ष की मिसाल था। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी कई जनोपयोगी योजनाएं लाईं और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल जी के सपने को साकार करने के लिए दिन रात कठोर परिश्रम कर रहे हैं। आज जहां अटल स्मृति उद्यान स्थित है, वहां मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है। मैं यहां बनने वाले स्टेशन का नाम अटल स्मृति उद्यान रखने का प्रयास करूंगा।

संकल्प जो पूरा हो गया

यहां पर पहले 4.5 एकड़ में डंपिंग ग्राउंड फैला हुआ था, जो कि अवैध था। यह जमीन गार्डन के लिए आरक्षित थी। इतने बड़े डंपिंग ग्राउंड को हटाना और गार्डन बनाना किसी चुनौती से कम नहीं था। अटल जी का स्वर्गवास होने के उपरांत मेरे मन में यह ख्याल आया कि अटल जी के आदर्श जीवन और प्रासंगिक विचारों को जन – जन तक पहुंचाने के लिए मुझे कुछ करना चाहिए। इसी विचारों की उधेड़बुन से मन में अटल स्मृति उद्यान बनाने का संकल्प निकला और मैं इसे अमलीजामा पहनाने के कार्य में लग गया। परिणामत: सहयोगियों की कड़ी मेहनत से अटल स्मृति उद्यान भव्य रूप से बन कर तैयार है और अटल जी की अमर अटल गाथा कह रहा है। मेरा पूर्ण विश्वास है कि यहां आने वाले लोग अटल जी के कार्यों एवं विचारों से जरूर प्रेरणा लेंगे और यह अटल स्मृति उद्यान राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

-विनोद तावड़े, पूर्व विधायक, भाजपा

 

 

 

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