पुलवामा हमले का आतंकी इस्माइल उर्फ लंबू को सेना ने किया ढेर

भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नहीं, ऐसा हम इसलिए कह रहे है कि शनिवार को पुलवामा आतंकी हमले का एक आतंकी इस्माइल उर्फ लंबू मारा गया। भगवान ने उन 40 परिवार वालों की प्रार्थना सुन ली जिसने बेटे पुलवामा ब्लास्ट में शहीद हुए थे। सेना के जवानों के लिए भी यह एक बड़ी कामयाबी है क्योंकि उन्होने कड़ी मेहनत के बाद मोस्ट वांटेड आतंकी लंबू को मार गिराया। आतंकी लंबू को दिसंबर 2018 में घाटी में तैयार किया गया था उसका काम नये लड़कों को आतंकी गतिविधियों में शामिल करना, उनका ब्रेनवाश करना और उन्हे आत्मघाती हमले के लिए तैयार करना था। इसके साथ ही कमजोर होते आतंकवाद को भी बढ़ाने का दायित्व उसी के कंधों पर दिया गया था जो उसे बखूबी निभा रहा था। 
 
सेना के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि त्राल के जंगलों में जैश के कुछ आतंकी छिपे हुए है जिसके बाद उन्होंने जंगलों को घेर सर्च ऑपरेशन शुरु कर दिया। आतंकियों ने खुद को घिरता देख सेना पर फायरिंग खोल दी हालांकि इसके बाद भी सेना ने सरेंडर करने का मौका दिया लेकिन आतंकी उसके लिए तैयार नहीं हुए अंत में सेना ने भी जवाबी फायरिंग की जिसमें दो आतंकी मारे गये। मारा गया आतंकी इस्माइल उर्फ लंबू जैश-ए-मोहम्मद के मुखिया मसूद अजहर का करीबी रिश्तेदार था। मारे गये आतंकी के पास से AK47 और कुछ बुलेट बरामद हुई है। 
 
पुलवामा में CRPF बस पर हुए आतंकी हमले में भी उसने बड़ा रोल अदा किया था। जानकारी के मुताबिक बस पर हुए हमले के लिए आईईडी लंबू ने ही तैयार की थी क्योंकि इसे आईईडी के मामले में एक्पर्ट भी माना गया है जो सभी आतंकी हमलों के लिए तैयार करता है। 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में जैश ए मोहम्मद के आतंकी ने सीआरपीएफ की बस में आईईडी से भरी कार से टक्कर मारी थी जिससे कार और बस के परखच्चे उड़ गये इस घटना में 40 जवान शहीद हुए थे।  

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